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अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की महाबैठक के बीच वैश्य मित्र एप अभियान ने पकड़ी ज़बरदस्त रफ्तार

पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल की मौजूदगी में संगठन ने युवा विंग का गठन कर सचिन गुप्ता को सौंपी कमान जबकि काशीपुर के पदाधिकारियों ने पच्चीस हज़ार नए सदस्यों को एकजुट करने का ऐतिहासिक संकल्प लिया।

देहरादून। उत्तराखंड की प्रांतीय राजधानी के सियासी और सामाजिक गलियारों में उस समय भारी हलचल मच गई जब वैश्य समाज को एक सूत्र में पिरोने के संकल्प के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और वृहद सम्मेलन का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन उत्तराखंड की इस विशेष और रणनीतिक बैठक का गवाह देहरादून के सहारनपुर रोड पर स्थित एक अत्यंत सुप्रसिद्ध और आलीशान निजी होटल बना, जहां प्रदेश भर से आए वैश्य समाज के दिग्गजों का जमावड़ा लगा रहा। इस ऐतिहासिक और भव्य समागम में जैसे ही पूर्व अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के शीर्ष और यशस्वी राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने सभा स्थल के भीतर कदम रखा, वैसे ही पूरा परिसर गगनभेदी नारों और करतल ध्वनि से गुंजायमान हो उठा। प्रदेश भर के विभिन्न जनपदों और मुख्य नगरों से आए तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों और उत्साही कार्यकर्ताओं ने अपने प्रिय और आदरणीय राष्ट्रीय नेता का अत्यंत आत्मीयता के साथ जोरदार स्वागत सत्कार किया। इस स्वागत कार्यक्रम के दौरान वहां उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने अशोक अग्रवाल समेत देश-प्रदेश से आए अन्य विशिष्ट अतिथियों को सुंदर फूलों की मालाएं पहनाईं और मान-सम्मान के प्रतीक स्वरूप पटका उड़ाकर उनका सत्कार किया, जिसने कार्यक्रम के आरंभिक माहौल को ही बेहद भावुक, ऊर्जावान और गौरवमयी बना दिया।

संगठन को बूथ स्तर पर सक्रिय करने और आने वाले समय में एक नई सांगठनिक क्रांति की शुरुआत करने के इरादे से राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीधी देखरेख में राजधानी देहरादून के युवा प्रकोष्ठ का विधिवत और लोकतांत्रिक गठन किया गया। इस महत्वपूर्ण सांगठनिक पुनर्गठन के दौरान समाज के सबसे ऊर्जावान, निष्ठावान और कर्मठ युवाओं को चिन्हित करके उन्हें संगठन को और अधिक गतिशील तथा मजबूत बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गईं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल की गरिमामयी और साक्षात् उपस्थिति के बीच मंच से युवा प्रकोष्ठ की नई कार्यकारिणी के मुख्य स्तंभों की घोषणा की गई, जिसमें युवाओं के बीच गहरी पैठ रखने वाले सचिन गुप्ता को सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद की अत्यंत महत्वपूर्ण और गौरवशाली कमान सौंपी गई। इसके साथ ही, संगठन के प्रशासनिक कार्यों और युवाओं के बीच बेहतर तालमेल एवं समन्वय स्थापित करने के लिए आकाश गुप्ता को महामंत्री पद की अति-महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से नवाजा गया, जबकि वित्तीय पारदर्शिता और कोष प्रबंधन के सुचारू संचालन का पूरा जिम्मा शिवम अग्रवाल को कोषाध्यक्ष के रूप में सौंपकर उन्हें गौरवान्वित किया गया। मंच पर मौजूद सभी शीर्ष पदाधिकारियों ने इन तमाम नवनियुक्त युवा चेहरों से बेहद भावुक अपील करते हुए यह पक्की उम्मीद जताई कि वे समाज सेवा के प्रति पूरी तरह समर्पित रहेंगे और बिना किसी निजी स्वार्थ के निस्वार्थ भाव से इस सामाजिक संगठन को विकास की एक नई और ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर ले जाने का काम करेंगे।

इस महाधिवेशन के मुख्य विमर्श को दिशा देते हुए और वर्तमान समय की सबसे ज्वलंत आवश्यकता को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वैश्य समाज की एकजुटता और राजनीतिक पहचान को लेकर कई बेहद सनसनीखेज और विचारणीय बातें कहीं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने अपने ओजस्वी और मार्गदर्शक संबोधन में श्वैश्य एकता आज की सबसे बड़ी आवश्यकताश् के मूल मंत्र पर विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि बदलते सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में समाज का संगठित होना अब कोई विकल्प नहीं बल्कि अस्तित्व की रक्षा का सवाल बन चुका है। उन्होंने संगठन की एक अत्यंत आधुनिक और अनूठी डिजिटल पहल का जिक्र करते हुए वहां मौजूद जनसमूह को बताया कि आई वी एफ की यह क्रांतिकारी वैश्य मित्र एप असल में संपूर्ण देश के वैश्य समाज को एक साझा मंच पर लाने और नए वैश्य मित्र बनाने का सबसे सरल, सुलभ और वैज्ञानिक माध्यम साबित हो रही है। उन्होंने बेहद कड़े और गंभीर लहजे में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का तकनीकी पहलू स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी जीवंत लोकतंत्र में अपनी वास्तविक पहचान, सामाजिक शक्ति और सामूहिक महत्ता को स्थापित करने के लिए इस एप के माध्यम से वैश्य मित्र बनने के अभियान में समाज के प्रत्येक नागरिक की बेहद सक्रिय, सजग और निरंतर भूमिका होनी अत्यंत अनिवार्य है।

वैश्विक स्तर पर समाज के व्यावसायिक, सामाजिक और व्यक्तिगत संबंधों को एक नई दिशा देने के लिए इस संगठन की सांगठनिक क्षमता और इसकी आधुनिक नेटवर्किंग पर भी खुलकर चर्चा की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने अपने व्याख्यान को आगे बढ़ाते हुए पुरजोर शब्दों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन आज के दौर में केवल एक पारंपरिक संस्था मात्र नहीं रह गई है, बल्कि यह देश और दुनिया भर में फैले वैश्य बंधुओं के बीच नेटवर्किंग और कनेक्टिविटी स्थापित करने का एक बहुत बड़ा, व्यापक और अटूट ग्लोबल प्लेटफार्म बन चुका है। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता और चिंतन व्यक्त किया कि जब तक समाज की युवा पौध और आधुनिक सोच से लैस युवा लड़के-लड़कियां आगे नहीं आएंगे, तब तक सामाजिक सुधारों की रफ्तार को तेज नहीं किया जा सकता। इसी दूरगामी सोच के तहत उन्होंने मंच से देश और राज्य के तमाम ऊर्जावान युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी तकनीकी दक्षता और नई सोच के साथ इस महाअभियान का नेतृत्व करने के लिए खुद आगे आएं और समाज को प्रगतिशील बनाएं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस क्रांतिकारी आह्वान ने वहां मौजूद युवा कार्यकर्ताओं के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया, जिससे पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

महाधिवेशन के इसी बेहद रोमांचक और निर्णायक मोड़ पर कुमाऊं क्षेत्र के औद्योगिक हब काशीपुर से आए जुझारू और जमीनी नेतृत्व ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने एक ऐसा ऐतिहासिक संकल्प लिया जिसने पूरे सदन को हतप्रभ और उत्साहित कर दिया। बैठक की मुख्य कार्यवाही के दौरान काशीपुर महानगर अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल नागलिया और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर संगठन को धार देने वाले निष्ठावान महामंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष कौशलेश गुप्ता ने संयुक्त रूप से मंच पर आकर अपनी सांगठनिक कार्ययोजना प्रस्तुत की। इन दोनों प्रबुद्ध और कद्दावर नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल को पूरी निष्ठा के साथ यह पक्का भरोसा दिलाया कि वे अपने क्षेत्र में शांत नहीं बैठेंगे, बल्कि काशीपुर के अंतर्गत आने वाले वैश्य समाज के सभी विभिन्न घटकों, उपजातियों और धड़ों के लगभग २५ हजार वैश्य बंधुओं के घरों तक व्यक्तिगत रूप से अपनी सीधी पहुंच बनाएंगे। पीयूष अग्रवाल नागलिया और कौशलेश गुप्ता ने पुरजोर तरीके से कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य इन सभी २५ हजार परिवारों को एक सूत्र में पिरोकर और उन्हें पूरी तरह से संगठित करके अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की मुख्य विचारधारा से जोड़ना है, ताकि कुमाऊं अंचल में संगठन की ताकत को एक नया और अजेय आयाम दिया जा सके।

सम्मेलन के अंतिम पड़ाव पर पहुंचते-पहुंचते राज्य भर से आए अन्य वरिष्ठ सांगठनिक रणनीतिकारों ने भी सदस्यता अभियान को गति देने और वैश्य समाज की जड़ों को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के सम्मानित प्रदेश अध्यक्ष दीपक सिंघल ने कार्यक्रम में दूर-दूर से पधारे सभी अतिथियों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहृदय आभार व्यक्त किया और अपनी बात रखते हुए कहा कि वैश्य समाज की वास्तविक मजबूती और उसकी आंतरिक एकजुटता तभी संभव है जब हर व्यक्ति कागजी दावों से आगे बढ़कर संगठन की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करे। उन्होंने समाज के संपन्न और प्रबुद्ध जनों से इस महा-सदस्यता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की पुरजोर अपील की ताकि संगठन की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। इस पूरे बेहद जटिल, गरिमापूर्ण और वृहद कार्यक्रम का मंच संचालन संगठन के कुशल और वाकपटु महामंत्री निकुंज अग्रवाल द्वारा अत्यंत रोचक, सारगर्भित और आकर्षक अंदाज में किया गया, जिन्होंने अपनी अनूठी शायरी और संवाद शैली से अंत तक दर्शकों और श्रोताओं को बांधे रखा।

राजधानी देहरादून के इस ऐतिहासिक वैश्य समागम की सफलता इस बात से भी साफ तौर पर झलकती है कि इसमें उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम दिग्गज नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस गरिमामयी बैठक के दौरान सांगठनिक मजबूती को धार देने के लिए प्रदेश महामंत्री रमेश गोयल, प्रबुद्ध नेता विशाल गुप्ता और केन्द्रीय प्रभारी पश्चमी उत्तर प्रदेश दीपक मित्तल विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आपसी सांगठनिक तालमेल को बढ़ाने पर अपने विचार रखे। इनके साथ ही उपेन्द्र अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष निकुंज गुप्ता, कुशल रणनीतिकार महामंत्री मनोज सिंघल, कौशलेश गुप्ता तथा काशीपुर महानगर अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल नागलिया ने भी बैठक में सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम को सफल बनाने में उपेन्द्र कुमार अग्रवाल, नवनिर्वाचित युवा अध्यक्ष सचिन गुप्ता, डी सी गोयल के साथ-साथ समाज की नारी शक्ति का नेतृत्व कर रहीं महिला अध्यक्षा नीता गर्ग और प्रबुद्ध रीतू गोयल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस विशाल महामंथन बैठक में न केवल देहरादून बल्कि रुड़की, हरिद्वार, काशीपुर और विकासनगर जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए तमाम वरिष्ठ, सम्मानित और मार्गदर्शक सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने इस बात का संकल्प लिया कि वे इस सामाजिक चेतना की लौ को अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर तक पहुंचाने का काम पूरी मुस्तैदी से करेंगे। वैश्य समाज के इस महामंथन और संगठन विस्तार से जुड़ी ऐसी ही तमाम गरमा-गरम, प्रामाणिक और पल-पल बदलती खबरों की हर छोटी-बड़ी लाइव अपडेट के लिए आप लगातार हमारे साथ बने रहिए, हम आपको हर हलचल से रूबरू कराते रहेंगे।

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