काशीपुर। उत्तराखंड की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेशभर में उत्साह और उपलब्धियों की गूंज के बीच ’’मंडी परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार डब्बू’’ ने काशीपुर में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता के माध्यम से राज्य की विकास यात्रा और भविष्य की दिशा को लेकर व्यापक रूप से अपने विचार रखे। काशीपुर के बाजपुर रोड स्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने उत्तराखंड की 25 वर्षों की प्रगति को जनभागीदारी का परिणाम बताया और कहा कि प्रधानमंत्री ’’नरेंद्र मोदी’’ का “अगला दशक उत्तराखंड का दशक” वाला संकल्प अब धरातल पर साकार होता दिख रहा है। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों, विकास मॉडल और प्रशासनिक प्रतिबद्धता को जनता के सामने विस्तार से रखा।
प्रेस वार्ता के दौरान ’’अनिल कुमार डब्बू’’ ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना के समय जो परिस्थितियां थीं, वे बेहद चुनौतीपूर्ण थीं। उन्होंने भावनात्मक स्वर में कहा कि उस दौर में जनता के भीतर एक असंतोष, संघर्ष और उम्मीदों का मिश्रण था, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री ’’अटल बिहारी वाजपेयी’’ और वरिष्ठ नेता ’’लालकृष्ण आडवाणी’’ ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि आज जब राज्य अपनी रजत जयंती मना रहा है, तो यह गर्व का विषय है कि इस उत्सव में आम जनता की जबरदस्त भागीदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद विकास की जो रफ्तार शुरू हुई, उसने पलायन, बेरोजगारी और आक्रोश की जगह अवसर, प्रगति और आत्मनिर्भरता को स्थापित किया। इस पच्चीस वर्षीय यात्रा में उत्तराखंड ने अपनी पहचान एक सशक्त और संभावनाओं से भरे राज्य के रूप में बनाई है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ’’नरेंद्र मोदी’’ और मुख्यमंत्री ’’पुष्कर सिंह धामी’’ के नेतृत्व में राज्य ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से लेकर आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण तक, रोजगार सृजन से लेकर उद्योगों के विस्तार तक कृ हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार की उपलब्धि नहीं, बल्कि जनता की सामूहिक भागीदारी और विश्वास का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दस वर्ष राज्य के लिए निर्णायक साबित होंगे और “उत्तराखंड दशक” की अवधारणा एक जीवंत सच्चाई बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब विकास को केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि अपने जीवन में महसूस कर रही है, और यह बदलाव उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
’’मंडी परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार डब्बू’’ ने अपनी जिम्मेदारी के कार्यकाल की चर्चा करते हुए कहा कि जब उन्होंने दो वर्ष पूर्व पदभार ग्रहण किया था, तब परिषद की आय लगभग 100 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 120 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि परिषद का लक्ष्य अब पौने दो सौ करोड़ रुपये का रखा गया है और वर्ष के अंत तक मंडियों की कुल आय 500 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इन आय स्रोतों का एक बड़ा हिस्सा मंडियों के आधुनिकीकरण और छोटे व्यापारियों के हित में खर्च किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेशभर में लगभग दो हजार छोटी-बड़ी सड़कों का निर्माण कराया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और किसानों की फसलें बेहतर बाजार तक पहुंच पा रही हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में दुकानों का निर्माण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और स्वच्छता की व्यवस्था प्राथमिकता पर की जा रही है।
डब्बू ने कहा कि मुख्यमंत्री ’’पुष्कर सिंह धामी’’ के नेतृत्व में राज्य में विकास कार्यों को न केवल गति मिली है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परंपरा भी स्थापित हुई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि जो भी योजनाएं लंबित हैं, उन्हें तय समय सीमा में पूरा किया जाए। साथ ही, सड़कों और बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है, जो कार्यों में लापरवाही बरत रहे थे। विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने निगरानी तंत्र को और सशक्त बनाया है। उन्होंने बताया कि बीते चार वर्षों में 200 से अधिक लोग भ्रष्टाचार में पकड़े जा चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि सरकार पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के प्रति गंभीर है।
प्रदेश की विकास गति को लेकर बात करते हुए ’’अनिल कुमार डब्बू’’ ने कहा कि आज उत्तराखंड में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है और किसानों के हित में नीतियों को नए सिरे से परिभाषित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी परिषद किसानों के लिए ऐसे कदम उठा रही है, जिनसे उन्हें बाजार में बेहतर दाम मिल सके और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए आधुनिक सुविधाओं वाली मंडियों का निर्माण जारी है और भविष्य में हर जिले में सुव्यवस्थित मंडी कॉम्प्लेक्स की स्थापना का लक्ष्य है।
प्रेस वार्ता के समापन पर ’’मंडी परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार डब्बू’’ ने कहा कि रजत जयंती वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और नई दिशा तय करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड एक नई ऊर्जा, नए आत्मविश्वास और नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संकल्प कि “अगला दशक उत्तराखंड का दशक होगा” कृ उसे वास्तविक रूप में साकार किया जाएगा। डब्बू ने कहा कि उत्तराखंड अब विकास, पारदर्शिता और सुशासन का प्रतीक बन चुका है और इस यात्रा में हर नागरिक की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस परिवर्तन की धारा में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि उत्तराखंड आने वाले वर्षों में एक आदर्श राज्य के रूप में उभर सके।



