काशीपुर। राजनीतिक सरगर्मी के बीच कांग्रेस पार्टी अब युवाओं की ताकत को अपने पक्ष में लामबंद करने के लिए पूरे जोश के साथ मैदान में उतर आई है। उत्तराखंड में यूथ कांग्रेस का सदस्यता अभियान आगामी 9 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 तक चलाया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के युवा बढ़चढ़कर भाग लेंगे। यह अभियान न केवल संगठन के विस्तार का प्रतीक होगा, बल्कि कांग्रेस के भीतर एक नए लोकतांत्रिक प्रयोग का भी साक्षी बनेगा। संगठन की इस प्रक्रिया में 18 से 35 वर्ष तक के युवाओं को सदस्यता के साथ-साथ मतदान का अधिकार भी प्राप्त होगा। इसके अंतर्गत प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष तथा चार ब्लॉक अध्यक्ष सहित कुल छह पदों के लिए सीधे चुनाव कराए जाएंगे। इस बार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके। नामांकन प्रक्रिया 24 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक चलेगी और उसके बाद सदस्यता तथा मतदान की प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ेगी।
राजस्थान से पहुंचे कांग्रेस के पर्यवेक्षक विनय प्रताप सिंह भोपर ने इस विशेष अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि यूथ कांग्रेस का यह कार्यक्रम देशभर में युवाओं को राजनीति के मुख्यधारा से जोड़ने का बड़ा प्रयास है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की सोच उन युवाओं के लिए नई दिशा है जो पारदर्शिता और जनसेवा के माध्यम से राजनीति में योगदान देना चाहते हैं। कांग्रेस एकमात्र ऐसी पार्टी है जहाँ किसी सदस्य को आगे बढ़ने के लिए किसी नेता की सिफारिश की आवश्यकता नहीं होती। हर सदस्य अपनी मेहनत और निष्ठा के बल पर चुनाव लड़ सकता है और पद प्राप्त कर सकता है। विनय प्रताप सिंह ने बताया कि कांग्रेस के भीतर हर पद सीधे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए तय होंगे, जिससे योग्य और कर्मठ युवाओं को समान अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि राजस्थान में इसी मॉडल से यूथ कांग्रेस ने नई ऊर्जा प्राप्त की और अब वही जोश उत्तराखंड में देखने को मिलेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पूर्व प्रदेश महासचिव एवं पार्षद अब्दुल कादिर ने कहा कि काशीपुर विधानसभा क्षेत्र में हजारों युवाओं को यूथ कांग्रेस से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना था कि यह अभियान केवल सदस्यता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की ओर अग्रसर करेगा। अब्दुल कादिर ने विश्वास जताया कि जब युवा नेतृत्व को संगठन में प्रमुख भूमिका मिलेगी, तो कांग्रेस पहले से कहीं अधिक जमीनी और प्रभावशाली बनेगी। इस अवसर पर पार्षद सरफराज सैफी, पार्षद हनीफ गुड्डू, पार्षद मोहम्मद अरशद, युवा नेता सारिम सैफी, पार्षद प्रत्याशी ललित मोहन सिंह, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गुरप्रेम सिंह और पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष मोहम्मद अरशद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और कांग्रेस के नारे गूंजते रहे।
विनय प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी आज भी लोकतंत्र की असली प्रहरी है और जनता की आवाज को बुलंद करने का कार्य करती है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान समय में विरोधी स्वरों को दबाने और युवाओं की आवाज को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतंत्र की आत्मा के विपरीत है। उनका कहना था कि डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान की मर्यादा का पालन हर नागरिक का धर्म होना चाहिए, किंतु सत्ताधारी दल ने उस भावना को भुला दिया है। कांग्रेस ही वह संगठन है जो सभी वर्गों, सभी धर्मों और समाज के हर हिस्से को साथ लेकर चलने की क्षमता रखती है।
उत्साहित भीड़ के सामने विनय प्रताप सिंह ने कहा कि यह अभियान केवल सदस्यता भरने का कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने का जनांदोलन है। उन्होंने कहा कि जब ब्लॉक से लेकर विधानसभा और जिला स्तर तक युवा अध्यक्ष चुने जाएंगे, तब संगठन की जड़ें और मजबूत होंगी तथा कांग्रेस फिर से जनता के बीच अपनी पकड़ को सुदृढ़ करेगी। उनके अनुसार राहुल गांधी का संदेश स्पष्ट है — अवसर पाने के लिए किसी बड़े नेता के दरवाजे पर दस्तक देने की जरूरत नहीं है; मेहनत और जनसमर्थन ही सफलता की चाबी है।
विश्वास भरे लहजे में कांग्रेस पर्यवेक्षक ने कहा कि आने वाला समय निश्चित रूप से बदलाव का संकेत दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब भाजपा के झूठे वादों से ऊब चुकी है और कांग्रेस को एक विकल्प के रूप में देख रही है। आज जब बेरोजगारी और महंगाई देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है, तब कांग्रेस ही वह ताकत है जो युवाओं को रोजगार और आम नागरिकों को राहत देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देशभर में जनआंदोलन चल रहे हैं और हर प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। अंत में विनय प्रताप सिंह ने कहा कि युवाओं की यह लहर कांग्रेस को नई दिशा देगी, लोकतंत्र को नई मजबूती देगी और राजनीति में एक बार फिर विचार और मूल्यों की वापसी सुनिश्चित करेगी।



