काशीपुर। नगर की राजनीति और जनसरोकारों के बीच एक नया आयाम तब जुड़ गया जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जनता आमने-सामने आए और इस संवाद का सूत्रधार बने महापौर दीपक बाली। यह आयोजन साधारण नहीं बल्कि ऐसा सम्मेलन साबित हुआ जिसने सत्ता और समाज के बीच की दूरी कम कर दी। काशीपुर में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया और जिस ढंग से मुख्यमंत्री ने नागरिकों के सुझावों व समस्याओं को सुना, उससे लोगों को यह विश्वास भी हुआ कि सरकार और जनता के बीच अब सीधी साझेदारी की राह खुल रही है। दीपक बाली की इस अनूठी सोच ने उन्हें प्रदेश के अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाई है, क्योंकि उन्होंने केवल मंच साझा नहीं किया बल्कि संवाद की वह परंपरा स्थापित की जिससे आम नागरिक खुद को निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा मान सके।
कार्यक्रम की पृष्ठभूमि भी उतनी ही दिलचस्प रही। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 9 सितंबर की सुबह श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारे में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। इस कारण से उनके काशीपुर आगमन का समय सीमित था, लेकिन महापौर दीपक बाली ने मौके को जनहित के लिए इस्तेमाल करते हुए 8 सितंबर की शाम ही प्रबुद्धजन सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया। इस कदम ने मुख्यमंत्री को भी आश्चर्यचकित किया और स्थानीय नागरिकों को भी। जब मुख्यमंत्री सम्मेलन स्थल पर पहुंचे और वहां शहर के हर क्षेत्र के प्रतिनिधियों, डॉक्टर्स, वकीलों, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक साथ बैठे देखा तो उन्होंने स्वयं कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे पूरे उत्तराखंड की श्रेष्ठ प्रतिभाएं यहां इकट्ठी हो गई हों।
संवाद के दौरान काशीपुर के विकास और भविष्य से जुड़े अनेक अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। लोगों ने बेबाकी से यातायात की समस्या, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, रोजगार सृजन की आवश्यकता और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने जैसे मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने इन बातों को बड़े ध्यान से सुना और कहा कि इस तरह के संवाद से उन्हें जमीनी हकीकत का पता चलता है। नागरिकों का यह भी कहना रहा कि काशीपुर तेजी से विस्तार कर रहा है और ऐसे में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना समय की मांग है। अगर आज इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में नगर पर दबाव और बढ़ जाएगा। इस तथ्य को मुख्यमंत्री ने भी स्वीकार किया और भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस सम्मेलन का सबसे अहम पहलू यह रहा कि इसमें जनता को यह अवसर मिला कि वे सीधे अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकें। सामान्यतरू समस्याओं को अधिकारियों या नेताओं तक पहुंचाने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, लेकिन महापौर दीपक बाली ने इस बाधा को खत्म करते हुए मुख्यमंत्री और जनता को एक ही मंच पर ला दिया। मुख्यमंत्री ने भी इस प्रयास को सराहा और कहा कि यदि इस प्रकार की परंपरा अन्य जिलों में भी शुरू हो जाए तो शासन-प्रशासन की कार्यशैली और तेज़ तथा अधिक प्रभावी हो जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के कई जिलों में ऐसे सम्मेलन कराए जाएंगे ताकि जनता और सरकार की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
काशीपुर के नागरिकों ने भी इस पहल को सराहते हुए इसे शहर की बेहतरी की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम करार दिया। उनका कहना था कि अक्सर नेताओं की बातें भाषणों तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन दीपक बाली ने इसे हकीकत में बदलकर दिखा दिया। नागरिकों का विश्वास है कि यदि इस तरह की सहभागिता लगातार बनी रही तो नगर की वर्षों पुरानी समस्याओं का हल जल्द ही निकल सकेगा। विशेषकर यातायात और रोजगार जैसे विषयों पर यदि ठोस निर्णय लिए जाते हैं तो काशीपुर विकास की नई उड़ान भर सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर महापौर की दूरदर्शिता की खुलकर प्रशंसा की और कहा कि यह सम्मेलन एक नई सोच का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता और सरकार का सीधा संवाद ही असल लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने साथ ही आश्वासन भी दिया कि राज्य सरकार काशीपुर सहित प्रदेश के अन्य नगरों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह समर्पित है। वहीं महापौर दीपक बाली को लेकर लोगों का कहना है कि उन्होंने नगर की जरूरतों और समस्याओं को जिस बेबाकी से मुख्यमंत्री के सामने रखा है, वह उन्हें अन्य नेताओं से बिल्कुल अलग दर्जा दिलाता है।

महापौर दीपक बाली ने हिन्दी दैनिक से बातचीत करते हुए कहा कि काशीपुर नगर की तरक्की और यहां के लोगों की खुशहाली ही उनका असली लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि नगर को नई दिशा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम हो रहा है और हर वर्ग की भागीदारी को इसमें सबसे अहम माना जा रहा है। दीपक बाली का कहना है कि यदि जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद कायम हो जाए तो विकास की राह में आने वाली ज्यादातर रुकावटें खुद ही खत्म हो जाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नगर के लोगों की समस्याएं और सुझाव सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचे, यही सोचकर प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन किया गया था। महापौर ने इस बात पर भी संतोष जताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल को न केवल सराहा बल्कि इसे पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बताया। दीपक बाली ने कहा कि काशीपुर की पहचान उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है, इसलिए जरूरी है कि आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाए और रोजगार के नए अवसर पैदा हों, ताकि नगरवासियों को बेहतर भविष्य मिल सके।
इस पूरे आयोजन ने यह साबित कर दिया कि अगर नेता केवल राजनीति तक सीमित न रहकर समाज को केंद्र में रखकर काम करें तो बदलाव असंभव नहीं है। दीपक बाली ने इस सम्मेलन के जरिये यह दिखा दिया कि संवाद और सहभागिता के रास्ते पर चलकर ही काशीपुर का भविष्य संवर सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का समर्थन मिलने से इस पहल को और गति मिली है और लोगों के भीतर एक नई उम्मीद जगी है कि काशीपुर अब वास्तव में विकास की नई परिभाषा गढ़ेगा।



