spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
Homeउत्तराखंडएबीवीपी का भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह 300 से अधिक मेधावियों का हुआ...

एबीवीपी का भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह 300 से अधिक मेधावियों का हुआ सम्मान

300 से अधिक मेधावियों का सम्मान, मंच से राष्ट्र निर्माण, शिक्षा और संस्कारों का बुलंद संदेश गूंजा। दिग्गज अतिथियों की मौजूदगी में युवाओं का जोश चरम पर दिखा और पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

काशीपुर। नगर निगम सभागार में उस वक्त एक अद्भुत और ऊर्जावान दृश्य देखने को मिला, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 78वें स्थापना वर्ष का भव्य उत्सव बेहद जोश-खरोश के साथ मनाया गया। विद्यार्थी परिषद के इस ऐतिहासिक सफर को यादगार बनाने के लिए आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में पूरा सभागार युवाओं के उत्साह और उनकी शानदार उपलब्धियों से पूरी तरह सराबोर नजर आया। इस खास अवसर पर शिक्षा, खेलकूद, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न अन्य क्षेत्रों में असाधारण प्रदर्शन करने वाले 300 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। जब इन होनहारों को मंच पर बुलाकर उनकी लगन का प्रतिफल दिया जा रहा था, तब सभागार में मौजूद हर व्यक्ति गर्व महसूस कर रहा था। उपस्थित जनसमूह की जोरदार तालियों की गूंज से पूरा माहौल बार-बार गूंज उठा और युवाओं के चेहरों पर अपनी कड़ी मेहनत की पहचान मिलने की खुशी साफ दिखाई दे रही थी।

इस गरिमामयी समारोह की चमक उस समय और बढ़ गई जब क्षेत्र के कई जाने-माने और प्रतिष्ठित महानुभाव मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर मौजूद हुए। समारोह की शोभा बढ़ाने वाले गणमान्य व्यक्तियों में मेयर दीपक बाली, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, पीसीयू चेयरमैन राम मेहरोत्रा, अभाविप के यशवंत पवार, कैलाश बिष्ट, डॉ. रिंकी पाल एवं आदित्य राज तनेजा विशेष रूप से शामिल रहे। मंच से बोलते हुए इन अतिथियों ने उपस्थित जनसमूह और युवाओं को संबोधित करते हुए गहराई से भरे प्रेरक विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मेधावियों का यह आदर सिर्फ उनकी पिछली सफलताओं का उत्सव मनाना भर नहीं है, बल्कि यह समाज के अन्य तमाम युवाओं के मन में आगे बढ़ने और कुछ बड़ा हासिल करने की प्रेरणा जगाने वाला एक शक्तिशाली माध्यम है।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने देश की भावी पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण की दिशा में अपनी ऊर्जा लगाने का जोरदार संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के युवा ही कल के भारत के शिल्पकार हैं, इसलिए उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। अतिथियों ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को समझाया कि जीवन में किसी भी ऊंचे मुकाम को छूने के लिए बेहतर शिक्षा, कड़ा अनुशासन और उच्च संस्कारों का होना अत्यंत आवश्यक है। यही गुण इंसान के चरित्र का सही निर्माण करते हैं और उसे विषम परिस्थितियों में भी सही मार्ग पर बनाए रखते हैं। वक्ताओं के इन सारगर्भित और जोश भरने वाले शब्दों को सुनकर वहां उपस्थित सभी विद्यार्थी और उनके अभिभावक बेहद प्रभावित दिखे और हर किसी ने उनके विचारों का तालियां बजाकर स्वागत किया।

कार्यक्रम के हर क्षण में सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ उनके माता-पिता और परिजनों के चेहरों पर एक अलग ही गर्व और प्रसन्नता का भाव झलक रहा था। अपने बच्चों की इस बड़ी उपलब्धि को अपनी आंखों के सामने देखने का अवसर उनके लिए एक अत्यंत भावुक और यादगार क्षण बन गया। सभागार में बैठा हर व्यक्ति इन युवाओं की लगन की सराहना कर रहा था और बार-बार बजती तालियां युवाओं के बुलंद हौसलों को और अधिक हवा दे रही थीं। अभाविप के इस आयोजन ने न केवल इन 300 से अधिक प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया, बल्कि समाज में शिक्षा और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति के महत्व को भी मजबूती से रेखांकित किया।

कार्यक्रम की हर व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित और भव्य थी, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। स्थापना वर्ष के इस खास अवसर को यादगार बनाने के लिए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने दिन-रात एक करके इस आयोजन को सफलता के शिखर पर पहुंचाया। विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी रहे इन युवाओं की प्रतिभा को सही पहचान देकर अभाविप ने एक बार फिर यह साबित किया कि वह छात्र हित और समाज सेवा के अपने संकल्प पर पूरी निष्ठा से कायम है। पूरे कार्यक्रम के दौरान सकारात्मकता का एक ऐसा माहौल बना रहा, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को ऊर्जा और नई सोच से भर दिया।

समारोह के अंतिम चरण में जब सभी गतिविधियों का सफल समापन हुआ, तो पूरे सभागार में एक साथ सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया गया। राष्ट्रगान की पवित्र धुनों के साथ ही देशभक्ति के गहरे भाव और अपार उत्साह के बीच इस भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आधिकारिक समापन हुआ। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी काफी देर तक सभागार के बाहर विद्यार्थी, उनके परिजन और अभाविप के कार्यकर्ता एक-दूसरे को बधाई देते और इस यादगार दिन की यादों को संजोते हुए नजर आए। काशीपुर का यह आयोजन निसंदेह लंबे समय तक नगरवासियों और युवाओं के दिलों में प्रेरणा बनकर जीवित रहेगा।चस्र उंाम जीम पउंहम पद संदकेबंचम ेप्रम जींज पे 16रू9 उंाम वित लवनजनइम जीनउइदंपस पद ंजजतंबजपअम ूंल चस्र हपअम जीम बंचजपवद पद इवसक समजजमते ूपजी जीम हपअमद चीवजवंदक चस्र ंसस जीम जीतमम चीवजव पद पउंहम

संबंधित ख़बरें
स्वच्छ, सुंदर और विकसित काशीपुर के संकल्प संग गणतंत्र दिवस

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें

error: Content is protected !!