काशीपुर। वर्तमान समय में समाज के भीतर बदलाव की एक नई और बेहद प्रभावशाली बयार बह रही है, जो सीधे तौर पर आधी आबादी को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में केंद्रित है। इस महान और क्रांतिकारी अभियान का नेतृत्व सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और महिला सशक्तिकरण की बुलंद आवाज गुरप्रीत कौर द्वारा किया जा रहा है, जिन्होंने समाज की मुख्यधारा से कटी हुई महिलाओं को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का बीड़ा उठाया है। उनका मानना है कि जब हम किसी एक नारी को शिक्षित और समर्थ बनाते हैं, तो हम वास्तव में केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करते हैं। इसी अटूट विश्वास के साथ चाहत एनजीओ के बैनर तले एक अभूतपूर्व सामाजिक महायज्ञ की शुरुआत की गई है, जिसका एकमात्र ध्येय महिलाओं को उनके वास्तविक अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समाज में एक अत्यंत गरिमापूर्ण और स्वतंत्र स्थान दिलाना है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत समाज के सबसे निचले और कमजोर पायदान पर खड़ी महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न स्तरों पर सहायता प्रदान करने के लिए व्यापक योजनाएं जमीनी स्तर पर क्रियान्वित की जा रही हैं, ताकि देश की प्रगति में हर महिला कंधे से कंधा मिलाकर अपना अतुलनीय योगदान दे सके।
इस ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल के मुख्य स्तंभों पर नजर डालें तो शिक्षा को सर्वोपरि स्थान दिया गया है, क्योंकि किसी भी प्रकार के सामाजिक सुधार या व्यक्तिगत विकास की नींव केवल और केवल ज्ञान के प्रकाश से ही रखी जा सकती है। इसी विचार को धरातल पर उतारने के लिए ‘सभी के लिए शिक्षा’ के व्यापक संकल्प को अपनाया गया है, जिसके तहत न केवल पारंपरिक शिक्षा बल्कि आधुनिक समय की मांग को देखते हुए अंग्रेजी भाषा का विशेष ज्ञान और कंप्यूटर साक्षरता को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। वर्तमान डिजिटल युग में तकनीकी ज्ञान से वंचित रहकर कोई भी समाज आगे नहीं बढ़ सकता, और इसी वास्तविकता को पहचानते हुए चाहत एनजीओ महिलाओं को कंप्यूटर चलाने, इंटरनेट का सही उपयोग करने और डिजिटल कौशल में पूरी तरह से निपुण बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस सराहनीय प्रयास के माध्यम से उन महिलाओं के भीतर छिपे आत्मविश्वास को पुनर्जीवित किया जा रहा है, जो कभी खुद को दुनिया की इस तीव्र दौड़ में पीछे और असहाय महसूस करती थीं। गुरप्रीत कौर की देखरेख में चलने वाली इन विशेष कक्षाओं में हर उम्र की महिलाएं बेहद उत्साह के साथ भाग ले रही हैं और अपने ज्ञान के दायरे को लगातार विस्तृत कर रही हैं।
आर्थिक स्वतंत्रता को किसी भी व्यक्ति की संप्रभुता और आत्मसम्मान का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता है, और इसी सत्य को चरितार्थ करने के लिए कौशल विकास के अत्यंत प्रभावी कार्यक्रमों को इस मुहिम का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। महिलाओं को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से टेक्सटाइल, सिलाई-कढ़ाई और विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का बड़े पैमाने पर आयोजन किया जा रहा है, ताकि वे अपने हुनर के दम पर खुद का रोजगार शुरू कर सकें। इन व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से महिलाओं को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जा रहा है, बल्कि उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप नवीन कलाकृतियों और परिधानों को तैयार करने के आधुनिक गुर भी सिखाए जा रहे हैं। चाहत एनजीओ का यह दृढ़ विश्वास है कि जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो वह न केवल अपनी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होती है बल्कि अपने पूरे परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की उच्च शिक्षा में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। गुरप्रीत कौर के इस कौशल विकास केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी अनगिनत महिलाएं आज समाज में एक सफल उद्यमी के रूप में उभर रही हैं और अपनी तकदीर खुद लिख रही हैं।
व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के बिना किसी भी व्यक्ति की क्षमताएं पूरी तरह से निखर कर सामने नहीं आ पातीं, इसीलिए इस अभियान के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं के भीतर नेतृत्व कौशल को जगाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि हुनर होने के बावजूद कई महिलाएं केवल झिझक और आत्मविश्वास की कमी के कारण अपनी बात को समाज के सामने प्रखरता से नहीं रख पाती हैं, इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेष व्यक्तित्व विकास कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इन सत्रों में महिलाओं को संचार कौशल, जनसंवाद के तरीके और किसी भी विषम परिस्थिति में बिना डरे नेतृत्व करने की कला सिखाई जाती है, जिससे उनके भीतर की झिझक पूरी तरह से समाप्त हो जाती है। गुरप्रीत कौर खुद इन सत्रों में उपस्थित रहकर महिलाओं को प्रेरित करती हैं और उन्हें यह समझाती हैं कि एक मजबूत और साहसी नारी ही एक सुदृढ़ परिवार और एक प्रगतिशील समाज की वास्तविक रीढ़ होती है। चाहत एनजीओ की इस अनूठी पहल के कारण आज इन महिलाओं के चलने, बात करने और समाज में अपनी बात को रखने के तौर-तरीकों में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव साफ तौर पर देखा जा सकता है।

सामाजिक कुरुतियों और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए अधिकारों की सही जानकारी होना सबसे जरूरी हथियार है, और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए संस्था द्वारा समय-समय पर बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है। इन विशेष शिविरों के माध्यम से महिलाओं को उनके बुनियादी कानूनी अधिकारों, महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, स्वास्थ्य प्रबंधन और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति बेहद सरल और प्रभावी ढंग से जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में आज भी महिलाएं स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बात करने से कतराती हैं, जिसके कारण उन्हें गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन चाहत एनजीओ की टीमें घर-घर जाकर उन्हें सैनिटरी पैड्स के उपयोग, संतुलित पोषण और बीमारियों से बचाव के तरीकों की विस्तृत जानकारी दे रही हैं। इसके साथ ही, घरेलू हिंसा या किसी भी प्रकार के मानसिक और शारीरिक शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उन्हें कानूनी रूप से जागरूक और साहसी बनाया जा रहा है ताकि कोई भी उनके अधिकारों का हनन न कर सके।
मानसिक और भावनात्मक रूप से टूटी हुई महिलाओं को पुनः समाज की मुख्यधारा में ससम्मान वापस लाना इस पूरे अभियान का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मानवीय पहलू माना जा सकता है। समाज के विभिन्न वर्गों से आने वाली ऐसी महिलाएं जो अपने जीवन में किसी न किसी बड़े आघात, पारिवारिक कलह या सामाजिक प्रताड़ना का शिकार हुई हैं, उन्हें चाहत एनजीओ द्वारा निरंतर भावनात्मक समर्थन और पेशेवर परामर्श (काउंसलिंग) की सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इन विशेष परामर्श सत्रों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के मन से हर प्रकार के डर, अवसाद और हीन भावना को पूरी तरह से मिटाना है, ताकि वे अपने अतीत के कड़वे अनुभवों को पीछे छोड़कर एक नए और गरिमापूर्ण जीवन की शुरुआत कर सकें। गुरप्रीत कौर इस बात को पूरी संवेदनशीलता से समझती हैं कि जब तक कोई व्यक्ति मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ और शांत नहीं होगा, तब तक वह अपनी वास्तविक क्षमताओं का उपयोग नहीं कर पाएगा, इसलिए यहां हर महिला को एक सुरक्षित और अपनत्व से भरा माहौल दिया जाता है।
एक नए, समावेशी और समतामूलक समाज के निर्माण का जो सपना इस संस्था ने देखा है, उसे साकार करने के लिए समाज के हर जागरूक नागरिक के सहयोग और सक्रिय सहभागिता की अत्यंत आवश्यकता है। चाहत एनजीओ ने दुनिया भर के विचारकों, दानदाताओं और समाज सेवा के प्रति समर्पित युवाओं को इस महाअभियान से जुड़ने, सहयोग करने या स्वेच्छा से अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए एक खुला आमंत्रण दिया है। संस्था के साथ सीधे संपर्क स्थापित करने और इस पुनीत कार्य का हिस्सा बनने के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 8442053102 जारी किया गया है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे इस मुहिम की जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा, आधुनिक संचार माध्यमों का उपयोग करते हुए ईमेल आईडी kaurgurpreet699@gmail.com के जरिए भी संस्था के साथ सीधे संवाद स्थापित किया जा सकता है और अपनी क्षमता अनुसार महिलाओं के उत्थान में योगदान दिया जा सकता है। गुरप्रीत कौर का यह स्पष्ट संदेश है कि यदि हम सब मिलकर एकजुट प्रयास करें, तो एक ऐसा संसार अवश्य बना सकते हैं जहां हर नारी को पूरा सम्मान, पूर्ण अधिकार और पूर्ण आत्मनिर्भरता प्राप्त हो।





