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23 वन मुकदमों का फरार तस्कर गिरफ्तार रामनगर जंगलों में वन विभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई

रामनगर। उत्तराखंड के जंगलों में बेशकीमती लकड़ियों की तस्करी करने वाले माफियाओं के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर प्रकाश चन्द्र आर्य एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी किरन साह के कुशल निर्देशन में वन विभाग की एक विशेष कार्यबल टीम ने तड़के सुबह छापेमारी कर एक कुख्यात तस्कर को दबोच लिया है। वन क्षेत्राधिकारी शेखर चन्द्र तिवाड़ी के जांबाज नेतृत्व में रामनगर रेंज की इस विशेष टीम ने शुक्रवार को आरक्षित वन क्षेत्र के भीतर एक अत्यंत साहसिक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस पूरी घेराबंदी के दौरान विभिन्न गंभीर वन अपराधों में लंबे समय से वांछित चल रहे शातिर अभियुक्त लखविन्दर पुत्र श्री खेम सिंह, निवासी ग्राम गोबरा, तहसील एवं थाना बाजपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर को गुलजारपुर बीट के अंतर्गत आने वाले प्लाट एन-2 आरक्षित वन क्षेत्र से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए इस बेहद चालाक और शातिर अपराधी के पास से वन विभाग की टीम ने पेड़ काटने के औजारों के रूप में दो आरों को भी बरामद किया है, जिनका उपयोग वह आरक्षित वन संपदा को नुकसान पहुंचाने के लिए कर रहा था।

इस पूरे सनसनीखेज घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में देखा जाए तो पकड़ा गया यह शातिर अपराधी पिछले कई सालों से वन विभाग की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था और लगातार अपनी अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। सरकारी दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इस शातिर अभियुक्त के विरुद्ध वर्ष 2020-22 से लेकर वर्तमान वर्ष 2026 तक रामनगर रेंज के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने वाले कुल 23 गंभीर वन अपराध पंजीकृत हैं। यह अपराधी मुख्य रूप से तराई के जंगलों में पाए जाने वाले अत्यंत मूल्यवान और दुर्लभ सागौन, शीशम एवं खैर वृक्षों के अवैध पातन और उनकी तस्करी से जुड़े काले कारोबार में संलिप्त पाया गया है। लखविन्दर लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बचने के लिए अपने ठिकाने लगातार बदल रहा था और इसकी त्वरित गिरफ्तारी के लिए वन विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेश पर टीमें लगातार दिन-रात जंगलों और संभावित ठिकानों पर दबिश देकर प्रयासरत थीं। मुखबिरों से मिली एक बेहद सटीक और पुख्ता गुप्त सूचना के आधार पर जब रामनगर रेंज की वन टीम ने गुलजारपुर बीट के घने जंगल में घेराबंदी की, तो यह शातिर अपराधी वहां अवैध कटान करते हुए पूरी तरह से जाल में फंस गया।

जंगल के इस सबसे बड़े और कुख्यात दुश्मन की गिरफ्तारी के बाद अब वन विभाग की टीम उसके पूरे नेटवर्क और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज को खंगालने में पूरी ताकत से जुट गई है ताकि इस पूरे रैकेट को नेस्तनाबूद किया जा सके। पकड़े गए इस बेहद दुस्साहसी अभियुक्त के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम की अत्यंत कड़क और गैर-जमानती धाराओं के साथ-साथ अन्य सुसंगत कानूनी धाराओं के अंतर्गत त्वरित विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली नवीनतम जानकारी के मुताबिक आरोपी का विस्तृत मेडिकल परीक्षण कराने के उपरांत उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है और वहां से उसे सीधे जेल भेजने की सख्त विधिक प्रक्रिया पूरी मुस्तैदी से की जा रही है। प्रकाश चन्द्र आर्य तथा किरन साह ने इस पूरी साहसिक टीम की पीठ थपथपाई है और साफ तौर पर चेतावनी दी है कि आरक्षित वनों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। शेखर चन्द्र तिवाड़ी के नेतृत्व में हुई इस बेहद शानदार और सफलतम कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के लकड़ी तस्करों और वन माफियाओं के हौसले पूरी तरह से पस्त हो गए हैं और चारों तरफ हड़कंप मच गया है।

रामनगर रेंज के घने जंगलों में हुई इस सनसनीखेज और फिल्मी अंदाज वाली छापेमारी की चर्चा अब पूरे उत्तराखंड के प्रशासनिक गलियारों में बहुत तेजी से फैल रही है क्योंकि यह अपराधी कानून के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। गुलजारपुर बीट के प्लाट एन-2 आरक्षित वन क्षेत्र में जैसे ही इस शातिर शिकारी ने अपने दो आरों से बेशकीमती पेड़ों पर प्रहार करना शुरू किया, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी वन विभाग की टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया। वर्ष 2020-22 से लेकर आज तक लगातार 23 मुकदमों में वांछित रहने वाले इस अपराधी की गिरफ्तारी को वन विभाग अपनी एक बहुत बड़ी रणनीतिक और व्यावहारिक जीत मान रहा है क्योंकि इससे सागौन, शीशम एवं खैर जैसे मूल्यवान वृक्षों की कटान पर प्रभावी रोक लगेगी। ऊधमसिंहनगर के बाजपुर क्षेत्र से आकर रामनगर के जंगलों को निशाना बनाने वाले इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में भी अब वन विभाग की खुफिया टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह की दुस्साहसिक घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।

पर्यावरण और वन्य जीवों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध वन विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि कानून के हाथ अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेते हैं। प्रभागीय वनाधिकारी और उप प्रभागीय वनाधिकारी के मार्गदर्शन में तैयार की गई इस गुप्त रणनीति ने तस्कर लखविन्दर के साम्राज्य को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है जो खुद को कानून से ऊपर समझता था। पकड़े गए औजारों और बरामद साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष ठोस सबूत के रूप में पेश करने के लिए वन क्षेत्राधिकारी की टीम ने एक बेहद मजबूत चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से शुरू कर दी है। इस ऐतिहासिक और सफलतम धरपकड़ के बाद रामनगर रेंज के समस्त संवेदनशील वन क्षेत्रों में गश्त को और अधिक बढ़ा दिया गया है तथा चप्पे-चप्पे पर वन कर्मियों की पैनी नजरें तैनात कर दी गई हैं ताकि देश की इस अनमोल प्राकृतिक धरोहर को हमेशा सुरक्षित रखा जा सके।

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