काशीपुर। भारत माता के महान सपूत, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक तथा भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पावन 125वीं जयंती पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के तत्वावधान में एक छात्रा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, जिनमें मुख्य रूप से गोविंद बल्लभ पंत इंटर कॉलेज, आर्य समाज इंटर कॉलेज तथा तरावती सरोजनी देवी इंटर कॉलेज की सैकड़ो बालिकाओं ने उपस्थिति दर्ज कराई।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को समर्पित इस ऐतिहासिक छात्र समागम का विधिवत और गरिमामयी शुभारंभ सनातन संस्कृति की महान परंपराओं के अनुरूप मुख्य अतिथियों द्वारा डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूजनीय भारत माता तथा एकात्म मानववाद के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों के सम्मुख श्रद्धापूर्वक पावन दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके तुरंत बाद जब सभागार में उपस्थित सैकड़ों छात्राओं और गणमान्य अतिथियों ने एक स्वर में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन किय। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विशेष तौर पर शिरकत करने पहुंचे उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट का वहां उपस्थित विशाल जनसमूह, महिला मोर्चा की पदाधिकारियों और विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने करतल ध्वनि और पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया, जिसने इस पूरे आयोजन की महत्ता को एक नए वैचारिक शिखर पर पहुंचा दिया।
सभागार में उपस्थित छात्राओं के इस विशाल और अनुशासित हुजूम को मुख्य अतिथि ने संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए ें कहा कि डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी आधुनिक भारत के इतिहास में अद्वितीय और सच्चे राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने अत्यंत प्रखरता और तार्किकता के साथ इस बात को रेखांकित किया कि देश की आजादी के ठीक बाद भारत की भौगोलिक सीमाओं को सुरक्षित रखने और पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोकर एकजुट रखने में जो ऐतिहासिक भूमिका तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू तक नहीं निभा पाए थे, उस बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण भूमिका का निर्वहन डॉक्टर मुखर्जी ने अपने सर्वाेच्च बलिदान के बल पर पूरी निष्ठा से किया था। महेंद्र भट्ट ने गर्व से भरे लहजे में जनता के सामने यह बात रखी कि आज अगर रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण कश्मीर और सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध पश्चिम बंगाल पूरी तरह से भारत देश का अटूट अंग बने हुए हैं, तो इसके पीछे केवल और केवल डॉक्टर मुखर्जी का त्याग, उनकी दूरदर्शिता और उनका अडिग संकल्प ही सबसे बड़ा आधार है।
अपने वैचारिक संबोधन को और अधिक विस्तार देते हुए मुख्य अतिथि महेंद्र भट्ट ने इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि यह डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की ही महान और क्रांतिकारी सोच थी, जिन्होंने उस दौर में कश्मीर के भीतर चल रही दमनकारी और अलगाववादी नीतियों के खिलाफ शंखनाद करते हुए ‘एक देश, एक प्रधान, एक विधान और एक निशान’ का अमर नारा दिया था और देश की संप्रभुता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। उन्होंने वर्तमान परिदृश्य से इसकी तुलना करते हुए गर्व के साथ कहा कि अखंड भारत के चौमुखी विकास के लिए जो महान दृष्टिकोण डॉक्टर मुखर्जी के मन में था, आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और कार्यकाल में उसी सोच को मुख्य आधार मानकर देश के कोने-कोने के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर बनाई जा रही हैं। उन्होंने देश की बेटियों को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत के भीतर देश की सभी बालिकाओं को पूरी तरह से मुफ्त शिक्षा प्रदान करने का पवित्र सपना भी सबसे पहले डॉक्टर मुखर्जी ने ही देखा था। हमें डॉक्टर मुखर्जी के इन्हीं महान सिद्धांतों, आदर्शों और राष्ट्रहित की नीतियों पर निरंतर आगे चलकर इस महान देश को दुनिया का सबसे शक्तिशाली और विकसित राष्ट्र बनाना है और इसकी एकता तथा अखंडता को हर कीमत पर कायम रखना है।
इस राष्ट्रव्यापी वैचारिक समागम को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट ने डॉक्टर मुखर्जी के चरणों में अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत माता के ऐसे अमर सपूत हैं, जिन्होंने देश के मान-सम्मान और सीमाओं की रक्षा के लिए बिना किसी हिचकिचाहट के अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। उन्होंने सभागार में मौजूद बालिकाओं को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराते हुए कहा कि आज हम सभी नागरिकों और विशेषकर हमारी युवा पीढ़ी की यह सबसे बड़ी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम उनके सपनों को पूरी निष्ठा के साथ साकार करें और देश विरोधी ताकतों को नाकाम करें। राजेंद्र बिष्ट ने महिला मोर्चा के इस अनूठे प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से ही हमारी बेटियां अपने वास्तविक इतिहास और राष्ट्रनायकों के महान संघर्षों से पूरी तरह परिचित हो पाती हैं, जो आने वाले समय में समाज को एक नई और सही दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगा।
राष्ट्रीय चेतना के इस महाकुंभ में मातृशक्ति की भूमिका को अत्यंत प्रखरता से रेखांकित करते हुए भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने छात्राओं के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार करते हुए कहा कि आज के आधुनिक दौर की हमारी ये जागरूक बेटियां ही आने वाले समय के आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की सबसे सुदृढ़ और मजबूत नींव हैं। उन्होंने देश के विकास में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी इन होनहार बालिकाओं को डॉक्टर मुखर्जी जैसे महान तपस्वी और राष्ट्रभक्त के गौरवशाली जीवन से स्वाभिमान, देशप्रेम और निस्वार्थ भाव से की जाने वाली राष्ट्रसेवा की अमर सीख लेनी चाहिए। रुचि भट्ट ने महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे डॉक्टर मुखर्जी के राष्ट्रहित के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि हमारी बेटियां वैचारिक रूप से इतनी मजबूत हो सकें कि वे देश के विकास में अपना सर्वाेत्तम योगदान दे सकें और किसी भी परिस्थिति में देश का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम में काशीपुर के लोकप्रिय और विकासोन्मुखी महापौर दीपक बाली ने सभागार में उपस्थित गोविंद बल्लभ पंत इंटर कॉलेज, आर्य समाज इंटर कॉलेज तथा तरावती सरोजनी देवी इंटर कॉलेज की सैकड़ो बालिकाओं को संबोधित करते हुए उन्हें सीधे तौर पर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से सक्रिय रूप से जुड़ने का एक खुला और बेहद प्रभावी आह्वान किया। उन्होंने क्षेत्र के अंतर्गत बालिकाओं के सर्वांगीण विकास और उनकी उच्च शिक्षा के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और देश को परम वैभव पर ले जाने में उनकी भूमिका सबसे खास है। महापौर दीपक बाली ने कहा कि राष्ट्रनायक डॉक्टर मुखर्जी की 125वीं जयंती के इस पावन और ऐतिहासिक अवसर पर लिया गया यह राष्ट्रभक्ति का दिव्य संदेश केवल इस सभागार तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह संदेश काशीपुर के प्रत्येक वार्ड, प्रत्येक मोहल्ले और कोने-कोने में रहने वाली हर एक बेटी, हर एक छात्र-छात्रा और हर एक परिवार के अंतर्मन तक पूरी प्रखरता के साथ पहुंचना चाहिए, ताकि समाज की हर एक बेटी इस पावन संदेश से प्रेरणा लेकर देशसेवा के मार्ग पर निरंतर और बिना रुके आगे बढ़ने के लिए हर पल प्रेरित होती रहे।
कार्यक्रम की अंतिम कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के काशीपुर जिला अध्यक्ष मनोज पाल ने मंच पर अपनी प्रखर और ओजस्वी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सभागार में उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने अपने बेहद आकर्षक, ऊर्जावान और प्रभावशाली वक्तव्य में कहा कि इस ऐतिहासिक छात्रा सम्मेलन की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि काशीपुर की बेटियां न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि राष्ट्रवाद और सामाजिक चेतना के मार्ग पर भी देश का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जिला अध्यक्ष मनोज पाल ने अपने संबोधन में राष्ट्रनायक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सिद्धांतों को रेखांकित करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि देश की अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
मनोज पाल ने अत्यंत गर्मजोशी के साथ महिला मोर्चा के इस अनूठे प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज की बालिकाओं के भीतर छिपी इस असीम वैचारिक ऊर्जा को देखकर उन्हें पूर्ण विश्वास है कि देश का भविष्य अत्यंत सुरक्षित और उज्ज्वल हाथों में है। जिला अध्यक्ष ने अपने वक्तव्य को और अधिक विस्तार देते हुए इस बात पर विशेष बल दिया कि संगठन स्तर पर प्रत्येक कार्यकर्ता और पदाधिकारी का यह परम कर्तव्य है कि वे डॉक्टर मुखर्जी के इस पावन राष्ट्रभक्ति के संदेश को केवल इस कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि काशीपुर जिले के प्रत्येक घर, प्रत्येक बूथ और कोने-कोने में रहने वाली हर एक बेटी तक पूरी प्रखरता के साथ पहुंचाएं, ताकि आने वाली पीढ़ी इस महान त्याग से निरंतर प्रेरणा लेती रहे।





