काशीपुर। हिंदू वाहिनी संगठन उत्तराखंड ने सांगठनिक ताने-बाने को फौलादी मजबूती देने और पारिवारिक समरसता का नया अध्याय रचने के लिए एक ऐतिहासिक शंखनाद किया है। संगठन ने अपनी मार्गदर्शक उर्वशी दत्त बाली के आवास से बेहद महत्वाकांक्षी और दिल छू लेने वाले अभियान “अपनों के द्वार, परिवार मिलन यात्रा” का शुभारंभ किया। इस बेहद खास और गरिमामय अवसर पर हिंदू वाहिनी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी आनंद तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष रुचिन शर्मा और महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष पूजा अरोड़ा ने संयुक्त रूप से “हिंदू वाहिनी एक संगठन नहीं, एक परिवार है” के गूंजते नारे के साथ एक विशेष स्टीकर का विमोचन किया। इस हाई-प्रोफाइल विमोचन कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल शर्मा, संगठन मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रदेश मंत्री अभिषेक शर्मा, जिला अध्यक्ष विनायक शर्मा और नगर अध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ) रक्षिका सक्सेना समेत भारी संख्या में शीर्ष पदाधिकारी और ऊर्जावान कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अभियान की कमान संभालते हुए मार्गदर्शक उर्वशी दत्त बाली ने संगठन के निस्वार्थ सेवा कार्यों की जमकर सराहना की और इसे समाज सेवा का सबसे सशक्त मंच बताते हुए जन-जन को इससे जुड़ने का आह्वान किया। वहीं, राष्ट्रीय महासचिव आनंद तिवारी ने संगठन की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि हिंदू वाहिनी सिर्फ कोई संस्था नहीं बल्कि एक ऐसा अटूट परिवार है जो हर सदस्य के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहता है। उन्होंने दावा किया कि यही अटूट पारिवारिक भावना आज संगठन को एक विशाल वटवृक्ष का रूप दे रही है और यह यात्रा हर घर तक इस सेवाभावी विचारधारा को पहुंचाएगी।

मिशन को और धार देते हुए प्रदेश अध्यक्ष रुचिन शर्मा ने एलान किया कि इस यात्रा के साथ ही एक व्यापक ‘घर-घर संपर्क और सदस्यता अभियान’ का भी आगाज हो चुका है, जिसका मुख्य लक्ष्य राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता के धागे में हर गांव, नगर और वार्ड को पिरोना है। महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पूजा अरोड़ा और नगर अध्यक्ष रक्षिका सक्सेना ने साफ किया कि संगठन की टोलियां लगातार सक्रिय रहकर हर जुड़े हुए सदस्य के घर-परिवार से आत्मीय संवाद स्थापित करेंगी। अंत में, जिला अध्यक्ष विनायक शर्मा ने इस सदस्यता महा-अभियान को रिकॉर्ड स्तर पर ले जाने का संकल्प दोहराया। इस धमाकेदार और जमीनी शुरुआत के बाद हिंदू वाहिनी ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह अभियान पूरे क्षेत्र में सामाजिक एकजुटता की एक नई लहर पैदा करने जा रहा है।
इस महा-अभियान के दूरगामी सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश को रेखांकित करते हुए संगठन के रणनीतिकारों ने साफ कर दिया है कि आज के दौर में जब पारिवारिक मूल्य बिखर रहे हैं, तब हिंदू वाहिनी सांस्कृतिक चेतना और आपसी सहयोग का एक नया सुरक्षा कवच तैयार कर रही है। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि यह यात्रा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि सनातन संस्कारों को घर-घर तक पुनर्जीवित करने का एक जीवंत माध्यम बनेगी। कार्यक्रम के समापन तक कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और समूचा परिसर ‘संगठन ही परिवार है’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। काशीपुर से शुरू हुई पारिवारिक समरसता की यह अनूठी लहर अब पूरे उत्तराखंड में एक बड़े सामाजिक बदलाव की बुनियाद रखने के लिए तैयार दिख रही है।





