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किसानों के स्वर्णिम भविष्य की नई इबारत लिखने उतरे शिवराज, धामी संग दीपक बाली

ऊधमसिंह नगर की ऐतिहासिक धरती पर कृषि विकास, खेत बचाओ अभियान और किसान कल्याण योजनाओं के भव्य शुभारंभ के बीच महापौर दीपक बाली ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ साझा किया विकास का संकल्प।

काशीपुर/ रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर की उपजाऊ धरती पर कृषि क्रांति और ग्रामीण उत्थान की एक नई गाथा लिखी गई है, जिसने पूरे उत्तराखंड के राजनैतिक और सामाजिक परिदृश्य में एक नई हलचल पैदा कर दी है। देश के किसानों के भाग्य और भविष्य को संवारने के उद्देश्य से आयोजित एक बेहद भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम में केंद्र सरकार की विभिन्न अतिमहत्वत्वाकांक्षी योजनाओं का लोकार्पण किया गया, जिसके साथ ही बहुचर्चित ‘खेत बचाओ अभियान’ का भी शंखनाद किया गया। इस महासमागम में देश के दिग्गज राजनेताओं और नीति-नियंताओं का जमावड़ा लगा, जिसमें मुख्य धुरी के रूप में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद रहे। इन दोनों शीर्ष नेताओं की उपस्थिति ने इस बात को साफ कर दिया कि डबल इंजन की सरकार के एजेंडे में देश का किसान और कृषि क्षेत्र सबसे ऊपरी पायदान पर हैं। इस बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत करने पहुंचे काशीपुर के लोकप्रिय महापौर दीपक बाली ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और दोनों जननेताओं के साथ मंच साझा करते हुए कृषि क्षेत्र में हो रहे इन अभूतपूर्व और क्रांतिकारी सुधारों की जमकर सराहना की।

इस ऐतिहासिक अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए और मीडिया कर्मियों से मुखातिब होते हुए महापौर दीपक बाली ने बेहद गर्व और आत्मविश्वास के साथ कहा कि वर्तमान समय में देश के किसानों की खुशहाली, ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण सशक्तिकरण और खेती-किसानी की चहुंमुखी तरक्की ही शासन का मुख्य ध्येय बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल और सशक्त राष्ट्रीय नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और सूबे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजनरी एवं संवेदनशील नेतृत्व वाली राज्य सरकार पूरी तरह से देश के अन्नदाताओं के कल्याण के प्रति न केवल जवाबदेह है, बल्कि पूरी निष्ठा के साथ उनके हितों के लिए समर्पित होकर काम कर रही है। मंच पर बैठे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जुगलबंदी को विकास का एक नया मॉडल बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हमारा अन्नदाता आर्थिक रूप से सुदृढ़ और मानसिक रूप से सुखी नहीं होगा, तब तक एक समृद्ध और शक्तिशाली राष्ट्र की परिकल्पना करना पूरी तरह से बेमानी है। सरकार की इसी मूल सोच और पवित्र भावना के कारण आज धरातल पर ऐसे बड़े बदलाव दिखाई दे रहे हैं जो सीधे तौर पर किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम कर रहे हैं।

खेती योग्य जमीनों के अंधाधुंध हो रहे व्यावसायिक उपयोग और मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति को लेकर सरकार की चिंताओं को सामने रखते हुए महापौर दीपक बाली ने ‘खेत बचाओ अभियान’ को वक्त की सबसे बड़ी जरूरत और एक क्रांतिकारी कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि का संरक्षण करना और उसकी उत्पादकता को बनाए रखना आने वाली पीढ़ियों के खाद्यान्न संकट को दूर करने के लिए बेहद अनिवार्य है, और इसी दूरगामी सोच के तहत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दिशा-निर्देशों में इस अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। इस अभियान के माध्यम से किसानों के हितों की रक्षा करने और उनकी जमीनों को भू-माफियाओं तथा अन्य संकटों से बचाने की दिशा में केंद्र सरकार और प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार के संयुक्त प्रयास वास्तव में मील का पत्थर साबित होने जा रहे हैं। यह पूरी कवायद न केवल कागजी दावों से इतर धरातल पर अन्नदाता के प्रति दोनों सरकारों की मजबूत राजनैतिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है, बल्कि यह इस बात का भी एक जीता-जागता और अकाट्य प्रमाण है कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे नायकों के दिलों में देश के गरीब और मेहनतकश किसानों के प्रति कितना अगाध प्रेम, आदर और सम्मान का भाव छिपा हुआ है।

इस हाई-प्रोफाइल और राजनैतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे सरकारी कार्यक्रम की गरिमा और भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें उत्तराखंड शासन के कई कद्दावर चेहरे और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एक साथ एक ही पंडाल में मौजूद रहे। मंच को सुशोभित करने वालों में सूबे के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा शामिल रहे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास की रूपरेखा को सामने रखा। उनके साथ ही क्षेत्र के वरिष्ठ और कद्दावर राजनेता लोकसभा सांसद अजय भट्ट ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और केंद्र की योजनाओं की बारीकियों को जनता के सामने साझा किया। स्थानीय स्तर पर विकास की कमान संभाल रहे ऊधमसिंह नगर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या, संगठन की रीढ़ माने जाने वाले जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, काशीपुर के विधायक त्रिलोक सिंह चीमा और रुद्रपुर के विधायक शिव अरोरा ने भी इस महासम्मेलन में अपनी उपस्थिति से चार चांद लगाए। इन सभी नेताओं ने एक सुर में स्वीकार किया कि शिवराज सिंह चौहान के कृषि मंत्रालय और पुष्कर सिंह धामी के राज्य प्रशासन का यह आपसी तालमेल किसानों के जीवन में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लेकर आ रहा है।

सभागार में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी क्योंकि रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा, हल्द्वानी मंडी समिति अध्यक्ष अनिल डब्बू और सांसद प्रतिनिधि विजय बॉबी सहित सूबे और जिले के सैकड़ों अन्य गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और भारी संख्या में दूर-दराज के गांवों से आए किसान साथी इस एतिहासिक पल के गवाह बने। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई बड़ी घोषणाएं कीं और कृषि यंत्रों तथा तकनीकी सहायता पैकेजों का वितरण सीधे तौर पर लाभार्थी किसानों को किया। इस पूरे आयोजन की सफलता और वहां उमड़े जनसैलाब को देखकर यह साफ हो गया कि सरकार की नीतियां सीधे तौर पर आम जनता के दिलों को छू रही हैं। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित तमाम किसान संगठनों और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने इस जनहितैषी पहल की मुक्त कंठ से सराहना की और भरोसा जताया कि शिवराज सिंह चौहान का कृषि विजन और पुष्कर सिंह धामी की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता मिलकर उत्तराखंड के ग्रामीण अंचलों की तस्वीर और तकदीर को पूरी तरह से बदलकर रख देगी।

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