रामनगर। उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं की उपजाऊ भूमि से गर्व से भर देने वाली खबर सामने आ रही है जिसने पूरे राज्य के खेल प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर दिया है। रामनगर की देवतुल्य धरती की एक अत्यंत प्रतिभाशाली और जांबाज महिला मुक्केबाज ने अपनी खेल प्रतिभा का ऐसा हैरत अंगेज नजारा पेश किया है कि राज्य स्तरीय चयन समिति के तमाम अधिकारी और विशेषज्ञ दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर हो गए। इस उभरती हुई खिलाड़ी ने कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में आयोजित अत्यंत कड़े मुकाबले और चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच अपनी प्रतिद्वंद्वियों को रिंग में धूल चटाते हुए आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए उत्तराखंड की मुख्य टीम में अपना टिकट पक्का कर लिया है। मुक्केबाजी की रिंग में अपनी फुर्ती, सटीक पंच और गजब के डिफेंस का प्रदर्शन करने वाली इस नन्हीं सनसनी का नाम तानसी रावत है, जिसने अपनी इस अप्रत्याशित सफलता से यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे फौलादी हों तो कोई भी मुकाम हासिल करना नामुमकिन नहीं होता। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद पूरे रामनगर क्षेत्र और नैनीताल जनपद के खेल प्रेमियों में उत्साह और जश्न का एक ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा है जिसकी गूंज अब सीधे पंजाब के खेल मैदानों तक सुनाई देने वाली है।
खेल जगत से आ रही इस बेहद गरमा-गरम और रोमांचक खबर की जमीनी हकीकत पर नजर डालें तो यह पूरा मुकाबला हल्द्वानी के गोलापार स्थित सुप्रसिद्ध इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में संपन्न हुआ। इस अत्याधुनिक और विशाल खेल परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय बॉक्सिंग ट्रायल के दौरान उत्तराखंड के कोने-कोने से आई एक से बढ़कर एक धाकड़ महिला मुक्केबाजों ने अपनी दांव-पेंच का प्रदर्शन किया, जिससे वहां मौजूद दर्शकों की सांसें थमी रहीं। इसी बेहद कड़े और तनावपूर्ण माहौल के बीच ६३ किलोग्राम भार वर्ग के वर्ग में उतरी रामनगर की होनहार बेटी तानसी रावत ने अपनी बेहतरीन तकनीक और फौलादी इरादों के दम पर रिंग के भीतर ऐसा जबरदस्त तहलका मचाया कि हर कोई देखता रह गया। उन्होंने अपनी विपक्षी मुक्केबाजों के हर वार का न केवल डटकर सामना किया, बल्कि अपने आक्रामक और सटीक मुक्कों से जजों को भी अपना कायल बना लिया और शानदार तरीके से जीत हासिल की। इस बेमिसाल और ऐतिहासिक प्रदर्शन के आधार पर तानसी रावत ने आगामी ५वीं अंडर-१५ सब जूनियर बॉयज़ एवं गर्ल्स नेशनल बॉक्सिंग चौंपियनशिप २०२६ की मुख्य टीम में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का बेहद गौरवशाली अधिकार हासिल कर लिया है।
इस ऐतिहासिक और असाधारण सफलता को हासिल करने के बाद अब इस होनहार बॉक्सर का अगला और सबसे बड़ा मुकाबला पंजाब की वीर भूमि पर होने जा रहा है जहां देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी अपनी ताकत का जौहर दिखाएंगे। खेल विभाग से प्राप्त आधिकारिक और पुख्ता जानकारी के अनुसार, यह बहुप्रतीक्षित और अत्यंत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता आगामी २३ जून से लेकर ३० जून २०२६ तक जालंधर, पंजाब के विश्वस्तरीय खेल मैदानों में आयोजित होने जा रही है। इस राष्ट्रीय मंच पर देश के तमाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुनकर आए सबसे खतरनाक और मझे हुए सब जूनियर मुक्केबाज एक-दूसरे के खिलाफ सोने के तमगे के लिए रिंग में उतरेंगे। उत्तराखंड राज्य की खेल महासंघ और चयनकर्ताओं को पूरी उम्मीद है कि ६३ किलोग्राम भार वर्ग में तानसी रावत अपनी उसी आक्रामक फॉर्म को जारी रखेंगी जिसने उन्हें राज्य स्तर पर चौंपियन बनाया है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की तैयारी के लिए तानसी रावत ने अभी से रिंग में दिन-रात एक करना शुरू कर दिया है ताकि वह जालंधर की धरती पर देवभूमि उत्तराखंड के तिरंगे को सबसे ऊंचे पायदान पर लहरा सकें।
तानसी रावत की इस चमचमाती और हैरतअंगेज कामयाबी के पीछे उनके मार्गदर्शक और कोच की बरसों की कड़ी तपस्या, अनवरत मेहनत और एक सटीक रणनीति छिपी हुई है। इस बेहद खास और भावुक कर देने वाले मौके पर तानसी के मुख्य प्रशिक्षक और सीटीओ गोविंद सिंह ने अपनी इस होनहार शिष्या को गले लगाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेर सारा आशीर्वाद दिया। मीडिया से बेहद गर्व के साथ मुखातिब होते हुए कोच गोविंद सिंह ने कहा कि तानसी की यह ऐतिहासिक सफलता कोई तुक्का या किस्मत का खेल नहीं है, बल्कि यह उनकी सालों की हाड़-तोड़ मेहनत, अद्वितीय अनुशासन और खेल के प्रति उनके अटूट समर्पण का सीधा परिणाम है। उन्होंने आगे बताया कि अभ्यास सत्र के दौरान जब दूसरे बच्चे आराम कर रहे होते थे, तब भी तानसी रिंग के भीतर पसीना बहाती रहती थीं और अपनी तकनीकी कमियों को सुधारने में जुटी रहती थीं। मुख्य प्रशिक्षक गोविंद सिंह को पूरा भरोसा है कि तानसी के भीतर जो जीतने का जज्बा और आग है, वह उन्हें न केवल इस राष्ट्रीय चौंपियनशिप में स्वर्ण पदक दिलाएगी बल्कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का मान बढ़ाएगी।
इस होनहार खिलाड़ी की सफलता की गूंज उनके शिक्षण संस्थान में भी बेहद जोर-शोर से गूंज रही है, जहां पूरे विद्यालय परिवार में इस वक्त दिवाली जैसा खुशनुमा माहौल बना हुआ है। तानसी रावत पीरूमदारा स्थित सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल की बेहद होनहार और अनुशासित छात्रा हैं, और उनकी इस खेल उपलब्धि से स्कूल का नाम भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। इस बेहद पावन और गौरवमयी अवसर पर सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल पीरूमदारा विद्यालय की आदरणीय प्रधानाचार्या सिस्टर तेरेसा और कुशल प्रबंधक सिस्टर ग्रेसी ने संयुक्त रूप से तानसी को मिठाई खिलाकर बधाई दी। विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर तेरेसा ने इस मौके पर कहा कि तानसी ने खेल के मैदान में जो कीर्तिमान स्थापित किया है, उससे हमारे पूरे विद्यालय का मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया है और वह स्कूल के बाकी बच्चों के लिए भी एक महान प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। इसके साथ ही प्रबंधक सिस्टर ग्रेसी और समस्त विद्यालय परिवार ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए तानसी के स्वर्णिम और उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।

देश की सुरक्षा और युवाओं के चरित्र निर्माण में जुटी सेना की प्रतिष्ठित विंग एनसीसी ने भी रामनगर की इस जांबाज बेटी की इस अद्वितीय खेल उपलब्धि को बड़े सम्मान के साथ सराहा है। तानसी रावत की इस ऐतिहासिक कामयाबी की खबर जैसे ही सैन्य गलियारों तक पहुंची, वहां भी खुशी की एक जबरदस्त लहर दौड़ गई और अधिकारियों ने इसे पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक मील का पत्थर बताया। इस बेहद खास मौके पर ७९ यूके एनसीसी बटालियन, नैनीताल के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अविजित मेहता और एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल बी. एस. खंडका ने तानसी रावत की मुक्केबाजी प्रतिभा की जमकर सराहना की। इन दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने कहा कि एक छोटे से क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय करना यह दिखाता है कि उत्तराखंड के युवाओं के खून में कितना साहस और जज्बा भरा हुआ है। बटालियन के इन वरिष्ठ अधिकारियों ने तानसी को आगामी राष्ट्रीय चौंपियनशिप के लिए अपनी रणनीतियों को और अधिक धारदार बनाने की सलाह देते हुए देश और राज्य का नाम रोशन करने का मंत्र दिया।
बटालियन के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ सेना के उन तमाम अनुशासित और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तानसी की इस जीत को रेखांकित किया है जो जमीनी स्तर पर युवाओं को तराशते हैं। इस गौरवशाली और अत्यंत हर्षाेल्लास के अवसर पर एनसीसी बटालियन के एसएम चंचल सिंह और बीएचएम ऋषिपाल सिंह ने भी तानसी रावत को अपनी विशेष शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इसके अलावा देश की सीमाओं पर अपनी बहादुरी का परचम लहरा चुके सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, जिनमें ईएसएम पीआई सीएचएम जसवंत सिंह रावत (सेवानिवृत्त) तथा ईएसएम पीआई सूबेदार गुरुपाल सिंह रावत (सेवानिवृत्त) शामिल हैं, ने तानसी की इस सफलता को देवभूमि के फौलादी जज्बे का प्रतीक बताया। इन दोनों देश सेवा से निवृत्त हुए जांबाज सैनिकों ने कहा कि बॉक्सिंग रिंग के भीतर भी ठीक उसी तरह के अदम्य साहस और एकाग्रता की जरूरत होती है जैसी एक सैनिक को युद्ध के मैदान में होती है, और तानसी के भीतर वह जांबाजी साफ नजर आती है। इसके साथ ही बटालियन के ट्रेनिंग जेसीओ प्रदीप रोका ने भी तानसी रावत को मुक्केबाजी की आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी टिप्स देते हुए उन्हें विजय भव का आशीर्वाद दिया।
उच्च शिक्षा और खेल के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाले स्थानीय महाविद्यालय के प्रबुद्ध जनों ने भी तानसी की इस राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए एक बड़ा वरदान माना है। तानसी की इस शानदार और हैरतअंगेज खेल उपलब्धि पर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के एएनओ लेफ्टिनेंट डी.एन.जोशी ने विशेष रूप से अपनी बधाई और शुभकामनाएं संदेश के जरिए प्रेषित कीं। लेफ्टिनेंट डी.एन.जोशी ने अपने बधाई संदेश में इस बात पर विशेष जोर दिया कि तानसी रावत ने अपनी इस असाधारण कामयाबी से रामनगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों की उन तमाम बेटियों को एक नया रास्ता दिखाया है जो खेल की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि तानसी की यह सफलता क्षेत्र में खेल बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए प्रशासन को प्रेरित करेगी। एएनओ लेफ्टिनेंट डी.एन.जोशी ने मुक्केबाज तानसी के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मुक्केबाजी चौंपियनशिप २०२६ में उनका प्रदर्शन उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ने का काम करेगा।
इस समूचे घटनाक्रम के बाद पूरे रामनगर, पीरूमदारा और आसपास के तमाम इलाकों में खेल प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच केवल तानसी के पंचों की ही चर्चा हो रही है। समस्त खेल प्रेमियों, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं आम क्षेत्रवासियों ने एक सुर में गहरी उम्मीद और अटूट विश्वास व्यक्त किया है कि तानसी रावत आगामी राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगी। लोगों का कहना है कि तानसी पंजाब के जालंधर की धरती पर उत्कृष्ट और बेमिसाल प्रदर्शन करके न केवल उत्तराखंड राज्य का मान बढ़ाएंगी, बल्कि अपने सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल और अपने गृह क्षेत्र का नाम पूरे देश के खेल मानचित्र पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित कर देंगी। तानसी रावत की इस चमचमाती सफलता ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि उत्तराखंड की बेटियां अब किसी भी मामले में पुरुषों से पीछे नहीं हैं और वे बॉक्सिंग जैसी कड़क और साहसी विधा में भी देश का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। खेल की इस दुनिया से जुड़ी ऐसी ही तमाम गरमा-गरम, सनसनीखेज और पल-पल बदलती खबरों की हर छोटी-बड़ी लाइव अपडेट के लिए आप लगातार हमारे साथ बने रहिए, हम आपको हर हलचल से रूबरू कराते रहेंगे।





