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पीएनजी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर महा-अभियान का हुआ शंखनाद

प्राचार्य और सूबेदार ने पौधरोपण कर दिया हिमालयी सेनानी बनने का संदेश तथा कॉलेज में चले वृहद स्वच्छता अभियान के बीच आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में दीप्ति लोहला ने मारी बाजी।

रामनगर। प्रकृति की अनमोल धरोहरों को सहेजने और ग्लोबल वार्मिंग के इस भीषण दौर में धरती मां की करुण पुकार को सुनते हुए उत्तराखंड की हसीन वादियों में बसे रामनगर से पर्यावरण चेतना की एक बेहद शानदार और दिल छू लेने वाली खबर सामने आई है। रामनगर के प्रतिष्ठित पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रांगण में विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर एक ऐसे महा-अभियान का शंखनाद हुआ, जिसने न केवल छात्र-छात्राओं बल्कि समूचे क्षेत्र के नागरिकों के भीतर कुदरत के प्रति अगाध प्रेम और जिम्मेदारी का संचार कर दिया है। इस भव्य और गरिमामय कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद महाविद्यालय के दूरदर्शी प्राचार्य प्रो.एम.सी.पाण्डे और अनुशासित पृष्ठभूमि से आने वाले सूबेदार रामचन्द्र सिंह द्वारा संयुक्त रूप से कॉलेज परिसर की पवित्र माटी में एक नन्हा पौधा रोपित करके की गई, जिसके जरिए उन्होंने संपूर्ण समाज को पर्यावरण संरक्षण का एक बेहद अनमोल और जीवंत संदेश प्रसारित किया। दोनों ही प्रबुद्ध विभूतियों ने उपस्थित युवा पीढ़ी और छात्र-छात्राओं को पर्यावरण का वास्तविक महत्व और इसकी मौजूदा नाजुक स्थिति के बारे में अत्यंत विस्तार से समझाते हुए एक बेहद क्रांतिकारी विचार सामने रखा। उन्होंने पूरी दृढ़ता के साथ कहा कि आज के दौर में हमारा विशाल हिमालय और इस पावन हिमालय क्षेत्र के निवासी ही वे सच्चे और जांबाज सेनानी साबित होंगे जो अपनी आने वाली भावी पीढ़ियों के अस्तित्व के लिए एक पूर्णतः स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित पर्यावरण की मजबूत नींव रखने का काम करेंगे। उन्होंने सभी युवाओं का आह्वान करते हुए यह गहरी अपेक्षा की कि पर्यावरण की रक्षा का यह महाव्रत केवल किसी एक विशेष दिन तक सीमित रहने वाली औपचारिकता की बात नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे हमारी दैनिक जीवनशैली का एक अभिन्न और अनिवार्य हिस्सा बनना ही होगा ताकि धरती को विनाश से बचाया जा सके।

इस पावन और बेहद ऊर्जावान अवसर पर कॉलेज प्रांगण में केवल ज्ञान की बातें ही नहीं हुईं, बल्कि धरातल पर वास्तविक कर्म का एक अनूठा और बेहद आकर्षक उदाहरण भी पेश किया गया। ग्रीन आर्मी के समर्पित संयोजक प्रो.जे.एस.नेगी, कुशल एएनओ लेफ्टिनेंट डी.एन.जोशी, कर्मठ लेफ्टिनेंट कृष्णा भारती और पर्यावरण मामलों की विशेषज्ञ डॉ.नीमा राणा के अत्यंत सटीक एवं कुशल संयोजन में एक विशाल कार्यबल मैदान में उतरा। इस महा-अभियान के अंतर्गत ग्रीन आर्मी, 79 व 24 यूके बटालियन एनसीसी के अनुशासित कैडेट्स तथा नमामि गंगे की सक्रिय इकाइयों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत पूरे जोश के साथ मोर्चा संभाला। इन सभी देश-भक्त और प्रकृति-प्रेमी युवाओं की टोलियों द्वारा संपूर्ण महाविद्यालय परिसर का चप्पा-चप्पा छाना गया, जहां उन्होंने विभिन्न क्यारियों व गमलों की गहनता से साफ-सफाई की, अनचाही घास को हटाया और मुरझा रहे पेड़-पौधों की भरपूर सिंचाई करके उन्हें एक नया जीवन प्रदान किया। इस श्रमदान और सेवा कार्य से ठीक पहले, पूरे कॉलेज कैंपस को पूरी तरह से कचरा मुक्त बनाने के लिए एक व्यापक स्वच्छता अभियान की रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसके तहत परिसर के कोने-कोने में बिखरी पड़ी हानिकारक प्लास्टिक, पर्यावरण की दुश्मन पॉलिथीन, खाली बोतलें और विभिन्न प्रकार की प्लास्टिक पैकिंग को पूरी सावधानी के साथ चुन-चुनकर एकत्र किया गया ताकि उन्हें उचित तरीके से नष्ट किया जा सके। समस्त जांबाज कैडेट्स और आम छात्र-छात्राओं ने इस बड़े स्वच्छता अभियान को एक जनांदोलन का रूप देकर समाज को पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए बेहद आत्मीयता से प्रेरित किया।

कुदरत को बचाने के इस शानदार और जोश से भरे महा-उत्सव के दौरान पूरे महाविद्यालय का कोना-कोना और हवाएं छात्रों के गगनभेदी और दिल में उतर जाने वाले गूंजते हुए नारों से पूरी तरह से गुंजायमान हो उठीं। युवा छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर और अपनी बुलंद आवाज में ‘पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ’ तथा ‘धरती माता की रक्षा करें’ जैसे बेहद आकर्षक, प्रभावशाली और जागरूक करने वाले नारों के माध्यम से समाज में जन जागरूकता की एक नई अलख जगाने का महती कार्य किया। इस वैचारिक क्रांति को और अधिक बौद्धिक गहराई प्रदान करते हुए भूगोल विभाग के प्रतिष्ठित असिस्टेंट प्रोफेसर एवं ऊर्जावान एएनओ लेफ्टिनेंट (डॉ.)डी.एन.जोशी ने मंच से अपने अत्यंत प्रभावशाली और शोधपूर्ण विचार व्यक्त किए। उन्होंने तेजी से खत्म हो रहे प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण करने, आधुनिक विकास के बीच मानव और वन्यजीव के आपसी सह-अस्तित्व को बनाए रखने की गंभीर आवश्यकता तथा पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने के लिए जैवविविधता संरक्षण के विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर बहुत ही बारीकी से प्रकाश डाला, जिसे सुनकर वहां मौजूद हर एक शख्स मंत्रमुग्ध हो गया। इसी कार्यक्रम की अगली बेहद रोमांचक और आकर्षक कड़ी के रूप में नमामि गंगे की नोडल अधिकारी डॉ.नीमा राणा के शानदार और कुशल दिशा-निर्देशन में एक अत्यंत सुंदर एवं विचारोत्तेजक पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी तूलिका और रंगों के माध्यम से पर्यावरण के विभिन्न दर्दनाक और सुंदर रूपों को कैनवास पर उकेरा।

इस कड़ी और बेहद कशमकश भरी रचनात्मक पोस्टर प्रतियोगिता के जो परिणाम सामने आए, उन्होंने वहां मौजूद सभी प्राध्यापकों और निर्णायक मंडल को पूरी तरह से हैरान कर दिया क्योंकि हर एक पोस्टर अपने आप में पर्यावरण बचाने की एक मर्मस्पर्शी दास्तान बयां कर रहा था। इस कलात्मक महामुकाबले में अपनी अद्भुत रचनात्मकता और बेहतरीन कल्पनाशीलता का प्रदर्शन करते हुए एम.ए. चतुर्थ सेमेस्टर की मेधावी छात्रा दीप्ति लोहला ने प्रतियोगिता में शानदार तरीके से प्रथम स्थान हासिल कर कॉलेज का नाम रोशन किया। इसी तरह, कड़ी टक्कर देते हुए एम.ए. चतुर्थ सेमेस्टर की ही प्रतिभावान छात्रा मोनिका ने अपनी कला के दम पर द्वितीय स्थान पर अपना कब्जा जमाया, जबकि पुरुषों के वर्ग और सामान्य कला में अपनी अनूठी छाप छोड़ते हुए बी.ए. षष्टम सेमेस्टर के होनहार छात्र रितेश कुमार ने गरिमापूर्ण तरीके से तृतीय स्थान प्राप्त करने में सफलता हासिल की। कार्यक्रम के समापन के सुखद मोड़ पर मंच से इन सभी प्रतिभावान और राष्ट्र-निर्माण में जुटे विजेताओं को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए मुख्य अतिथियों द्वारा चमचमाती ट्राफियां, आकर्षक पुरस्कार एवं गौरवशाली प्रमाण पत्र प्रदान कर बेहद आदर के साथ सम्मानित किया गया, जिससे पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। प्रकृति की इस बेहद खूबसूरत और यादगार महफिल की गवाही देने और युवाओं की हौसलाअफजाई करने के लिए कॉलेज प्रशासन और सामाजिक जगत के कई बड़े सितारे भी वहां मौजूद थे। इस गौरवमयी और ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य रूप से प्रो.पुनीता कुशवाहा, सम्मानित प्रो.अनुमिता अग्रवाल, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.नरेश कुमार, डॉ.ललित मोहन, डॉ.सुरेश चन्द्रा, राष्ट्रीय सेवा योजना के नैनीताल जनपद के प्रतिष्ठित जिला समन्वयक व ग्रीन आर्मी संयोजक प्रो.जगमोहन सिंह नेगी, कुशल कार्यक्रम अधिकारी डॉ.ममता जोशी, नमामि गंगे एवं रेंजर्स की कुशल प्रभारी डॉ.नीमा राणा समेत भारी संख्या में जागरूक छात्र-छात्राएं पूरी मुस्तैदी और सक्रियता के साथ शामिल रहे और सबने मिलकर अंत में धरती की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।

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