काशीपुर। उत्तराखंड के सियासी समर में आगामी विधानसभा चुनाव के बिगुल बजने से पहले ही राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है, जहां देश के मुख्य विपक्षी दल के सबसे बड़े चेहरे का आगमन होने जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और देश की लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का देवभूमि का यह आगामी दौरा राज्य की राजनीति की दशा और दिशा बदलने में बेहद निर्णायक और दूरगामी साबित होने वाला है। इस हाई-प्रोफाइल राजनैतिक हलचल को लेकर प्रदेश कांग्रेस के भीतर भारी उत्साह देखा जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी खेमे में भी इस हलचल को लेकर रणनीतिक बेचैनी बढ़ने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। काशीपुर कांग्रेस महानगर जिला अध्यक्ष अलका पाल ने इस राजनैतिक घटनाक्रम पर बेहद आक्रामक और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया है कि इस दौरे की आहट मात्र से ही सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी के माथे पर चिंता की लकीरें साफ उभर आई हैं और उनके खेमे में भारी पसीना छूटने लगा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के आम जनमानस की आवाज बन चुके विपक्ष के इस सर्वमान्य नेता का देवभूमि की धरती पर कदम रखना यहां की सोई हुई राजनीतिक व्यवस्था को पूरी तरह से झकझोर कर रख देगा।
इस बेहद संवेदनशील और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दौरे के विस्तृत विवरण को साझा करते हुए काशीपुर की कद्दावर महिला नेत्री और कांग्रेस महानगर जिला अध्यक्ष अलका पाल ने बताया कि आगामी 4 जून को कुमाऊं अंचल के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र अल्मोड़ा की पावन धरती पर एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक जनसभा का आयोजन होने जा रहा है। इस विशाल जनसभा को मुख्य वक्ता के रूप में कांग्रेस के फायरब्रांड नेता राहुल गांधी संबोधित करेंगे, जिसके लिए पूरे प्रदेश के चप्पे-चप्पे से पार्टी कार्यकर्ताओं को लामबंद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस महारैली को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए काशीपुर विधानसभा क्षेत्र सहित उत्तराखंड के तमाम जनपदों और सुदूर पर्वतीय अंचलों से हजारों-हजार की संख्या में समर्पित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनता और युवाओं की भारी मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है। अल्मोड़ा की यह रैली केवल एक सामान्य जनसभा मात्र नहीं होगी, बल्कि यह वर्तमान जनविरोधी नीतियों के खिलाफ फूके जाने वाले उस चुनावी शंखनाद की तरह होगी जो सीधे तौर पर देहरादून के सत्ता गलियारों तक गूंजेगी और सोए हुए हुक्मरानों की नींद उड़ा देगी।

अल्मोड़ा की धरती पर सत्ता के खिलाफ हुंकार भरने के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष का काफिला बिना किसी विश्राम के राज्य के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण और सामरिक रूप से संवेदनशील हिस्से की ओर प्रस्थान कर जाएगा। कांग्रेस महानगर जिला अध्यक्ष अलका पाल ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि 4 जून की दोपहर को ही ठीक 3:30 बजे राहुल गांधी गढ़वाल मंडल के प्रमुख केंद्र पौड़ी में आयोजित होने वाले एक अत्यंत भव्य और गरिमामयी पूर्व सैनिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस विशेष और अभूतपूर्व सम्मेलन के दौरान वह देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर पूर्व सैनिकों तथा उनके गौरवान्वित परिवारों से आमने-सामने बैठकर देश की सुरक्षा, उनके अधिकारों और वर्तमान चुनौतियों पर अत्यंत सीधा और आत्मीय संवाद स्थापित करेंगे। चूंकि उत्तराखंड को देश का एक प्रमुख सैनिक बहुल राज्य माना जाता है और यहां का लगभग हर दूसरा परिवार भारतीय सेना से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, ऐसे में राहुल गांधी जी का वीर प्रसूता भूमि के इन जांबाज प्रहरियों और उनके परिजनों से सीधा संवाद स्थापित करना राज्य की संपूर्ण सियासत में एक बेहद गहरा, अमिट और महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
पर्वतीय क्षेत्रों में जनता और सैनिकों की नब्ज टटोलने के बाद इस राजनैतिक यात्रा का अगला और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव सूबे की राजधानी में स्थापित होने जा रहा है, जहां पार्टी के भीतर आंतरिक सुधारों और चुनावी चक्रव्यूह की अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी। कांग्रेस महानगर जिला अध्यक्ष अलका पाल ने बताया कि अपने व्यस्ततम कार्यक्रम के अगले चरण में 5 जून को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देहरादून के मुख्य कार्यालय में कांग्रेस संगठन के तमाम शीर्ष और वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों, विधायकों तथा प्रमुख पदाधिकारियों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मैराथन बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बंद कमरे में होने वाली उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक के दौरान प्रदेश में कांग्रेस संगठन की बुनियादी मजबूती को और ज्यादा धार देने, आम कार्यकर्ताओं की सक्रियता को कई गुना बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनाव की अभेद्य रणनीति को अंतिम रूप देने पर बेहद बारीक मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही इस शीर्ष बैठक में जमीनी स्तर पर यानी बूथ और वार्ड स्तर पर कांग्रेस संगठन को पूरी तरह से सक्रिय, मजबूत और अजेय बनाने की एक व्यापक त्रिस्तरीय योजना का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा, ताकि विरोधी दल के चुनावी तंत्र को जमीनी स्तर पर ही पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।

देवभूमि के इस महा-अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराने और अपने प्रिय नेता के स्वागत को लेकर तराई के प्रवेश द्वार काशीपुर के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में एक अलग ही स्तर का जुनून और अप्रत्याशित ऊर्जा देखने को मिल रही है। इस राजनैतिक तैयारियों को जमीनी हकीकत में बदलने की घोषणा करते हुए उन्होंने बेहद गर्व के साथ बताया कि 4 जून की सुबह को एक नया इतिहास रचने के उद्देश्य से काशीपुर से भारी संख्या में ऊर्जावान कांग्रेसी कार्यकर्ता अपने-अपने निजी वाहनों के एक विशाल और अनुशासित काफिले के साथ तड़के प्रातः 5:00 बजे ही अल्मोड़ा की जनसभा के लिए प्रस्थान कर जाएंगे। कार्यकर्ताओं का यह स्वतः स्फूर्त काफिला इस बात का साक्षात प्रमाण है कि प्रदेश की जनता और मुख्य विपक्षी दल के सिपाही अब बदलाव के लिए पूरी तरह से कमर कस चुके हैं और वे किसी भी कीमत पर इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने से चूकना नहीं चाहते हैं। कुल मिलाकर, कांग्रेस के इस शीर्ष नेतृत्व के दो दिवसीय सघन दौरे ने उत्तराखंड की शांत वादियों में एक ऐसा जबरदस्त राजनैतिक उबाल ला दिया है, जिसकी तपिश आने वाले लंबे समय तक सूबे की पूरी सत्ता और विपक्ष दोनों को गहरे तक प्रभावित करती रहेगी।





