काशीपुर। आसपास के क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की नई संभावनाओं को लेकर इस समय विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच जिस शिक्षण संस्थान की सबसे अधिक चर्चा सुनाई दे रही है, वह है श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने के साथ ही संस्थान ने सीमित सीटों पर नामांकन की घोषणा कर दी है, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपने भविष्य को नई दिशा देने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। शिक्षा जगत में लगातार अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा यह संस्थान आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के कारण युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय, देहरादून तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से संबद्ध यह शिक्षण केंद्र लंबे समय से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान को एआईसीटीई तथा एनसीटीई की स्वीकृति प्राप्त होने के साथ-साथ नैक द्वारा मान्यता भी मिली हुई है, जिससे इसकी शैक्षणिक विश्वसनीयता और अधिक मजबूत हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में बदलते दौर के अनुरूप संस्थान ने अपने परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल प्रदान करने की दिशा में विशेष प्रयास किए हैं। यही कारण है कि प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही छात्र समुदाय में इसे लेकर उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी यहां अपने भविष्य की नींव रखने के लिए संपर्क कर रहे हैं।
शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से भी श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। संस्थान द्वारा संचालित एमबीए, बीबीए, बीकॉम ऑनर्स, बीसीए, बीएड, बीए और बीएससी जैसे विभिन्न पाठ्यक्रम युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं बल्कि व्यावहारिक ज्ञान और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहे हैं। आधुनिक दौर में जहां प्रतियोगिता लगातार बढ़ रही है, वहीं संस्थान विद्यार्थियों को केवल कक्षा आधारित अध्ययन तक सीमित नहीं रखता बल्कि उन्हें उद्योग, तकनीक और प्रबंधन के वास्तविक वातावरण से भी जोड़ता है। संस्थान का एआई आधारित कैंपस विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां आधुनिक तकनीकी संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाता है। यही वजह है कि विभिन्न क्षेत्रों से छात्र यहां प्रवेश लेने के लिए पहुंच रहे हैं। परिसर का विस्तृत वातावरण, हरियाली से घिरा शैक्षणिक ढांचा तथा अनुशासित शैक्षिक संस्कृति विद्यार्थियों को एक सकारात्मक माहौल प्रदान करती है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक परिवेश में ऐसे संस्थान ही युवाओं को रोजगार और नेतृत्व क्षमता दोनों प्रदान कर सकते हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए संस्थान ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक सफलता के बीच मजबूत सेतु तैयार किया है।

तकनीकी संसाधनों और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था को लेकर भी यह संस्थान निरंतर प्रगति कर रहा है। यहां अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों की टीम विद्यार्थियों को विषय आधारित गहन ज्ञान उपलब्ध कराती है, जबकि आधुनिक प्रयोगशालाएं उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं। वाई-फाई युक्त परिसर छात्रों को डिजिटल अध्ययन के लिए सक्षम बनाता है और समृद्ध पुस्तकालय उन्हें ज्ञान के व्यापक संसार से जोड़ता है। नियमित रूप से आयोजित होने वाले सेमिनार, कार्यशालाएं और अतिथि व्याख्यान विद्यार्थियों को नई सोच और उद्योग जगत के विशेषज्ञों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। इसके साथ ही व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम युवाओं के आत्मविश्वास, संचार कौशल और नेतृत्व क्षमता को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रहने के बजाय संस्थान विद्यार्थियों को समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास करता है। यही कारण है कि यहां अध्ययन करने वाले छात्र न केवल शैक्षणिक रूप से मजबूत बनते हैं बल्कि रोजगार बाजार में भी अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराने में सफल होते हैं। आधुनिक शिक्षा और नैतिक मूल्यों का संतुलन इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषताओं में गिना जा रहा है, जिसके कारण अभिभावकों का विश्वास भी लगातार बढ़ता जा रहा है।

रोजगार के क्षेत्र में संस्थान द्वारा प्राप्त उपलब्धियां इसकी सफलता की सबसे बड़ी पहचान बनकर उभरी हैं। विभिन्न राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में चयनित हुए विद्यार्थियों की लंबी सूची इस बात का प्रमाण है कि यहां दी जाने वाली शिक्षा उद्योग जगत की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरी उतर रही है। प्लेसमेंट रिकॉर्ड में शामिल अंजलि कुमारी, अनुज कुमार, सौरभ, मोहद उवैश, सूरज गिरी, विशाल सिंह, स्नेहा कंडारी, आदित्य पोखरियाल, राहुल बेलवाल, तारा चंद्र जोशी, अमनदीप रावत, कीर्ति, प्रियंका, जयंत पांडेय, एमडी रेहान खान, मुस्कान अरोरा, विवेक नेगी, इशिका टंडन, कृतिका चौहान, अंशिका और तान्या शर्मा जैसे विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित कंपनियों में स्थान प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो, कॉन्सेंट्रिक्स, आईजीटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, सीटा एयरो, नैनी पेपर लिमिटेड, क्रेडिटसी प्राइवेट लिमिटेड, बीडीई टेक्नोलॉजी, इंडस्ट टावर्स लिमिटेड और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित इन छात्रों की सफलता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गई है। संस्थान प्रबंधन का कहना है कि विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम प्लेसमेंट के रूप में सामने आ रहा है।
आगामी सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद संस्थान परिसर में अभूतपूर्व उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। सीमित सीटों की उपलब्धता के कारण छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक समय रहते प्रवेश सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि योग्य अभ्यर्थियों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत प्रवेश दिया जाएगा और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। रामनगर रोड स्थित विशाल परिसर लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है और अब नई तकनीकों के समावेश के साथ यह और अधिक आकर्षक बन गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी दक्षता और रोजगारपरक प्रशिक्षण का संगम जिस प्रकार इस संस्थान में देखने को मिलता है, वह विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यही वजह है कि काशीपुर ही नहीं बल्कि उत्तराखंड और अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में छात्र यहां पहुंच रहे हैं। बढ़ती मांग और लगातार बेहतर होते परिणामों के बीच श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी एक बार फिर शिक्षा जगत में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए युवा पीढ़ी के सपनों को नई उड़ान देने की दिशा में अग्रसर दिखाई दे रहा है।





