spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
Homeउत्तराखंडउत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महाधिवेशन में प्रभात ध्यानी के सिर सजा केंद्रीय...

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के महाधिवेशन में प्रभात ध्यानी के सिर सजा केंद्रीय अध्यक्ष का ताज

चुनाव अधिकारी चारु तिवारी की देखरेख में संपन्न हुआ ऐतिहासिक चुनाव जहां नरेश नौडियाल बने प्रधान महासचिव और पीसी तिवारी सहित तमाम वरिष्ठ दिग्गजों की सहमति से घोषित हुई पार्टी की नई बेहद आक्रामक और मजबूत केंद्रीय टीम।

रामनगर। उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति के भीतर उस समय एक बहुत बड़ी और बेहद सनसनीखेज हलचल पैदा हो गई, जब एक प्रमुख राजनैतिक ताकत के रूप में पहचान रखने वाले दल के भीतर सत्ता परिवर्तन और नए नेतृत्व की ताजपोशी का ऐतिहासिक घटनाक्रम सामने आया। उत्तराखंड की वादियों से लेकर मैदानी इलाकों तक फैली राजनैतिक सरगर्मियों के बीच उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के बेहद महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित द्विवार्षिक महाधिवेशन का भव्य आयोजन किया गया, जिसने पूरे प्रदेश के नीति-निर्धारकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस बड़े राजनैतिक समागम में राज्य के कोने-कोने और विभिन्न जिलों से आए हुए कद्दावर प्रतिनिधियों, जुझारू कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ रणनीतिकारों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने पिछले दो सालों के भीतर पार्टी द्वारा जमीन पर चलाए गए तमाम जन-आंदोलनों, राजनैतिक गतिविधियों और सामाजिक कार्यक्रमों की एक बेहद विस्तृत तथा समीक्षात्मक आख्या सर्वसम्मति से सदन के सामने रखी। इस दौरान पार्टी की अंदरूनी सियासत में उस वक्त एक बड़ा और बेहद निर्णायक मोड़ आया जब लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दल की पुरानी केंद्रीय कार्यकारिणी को पूरी तरह से भंग कर दिया गया, ताकि संगठन के भीतर एक नई ऊर्जा, नया खून और आक्रामक सोच का संचार किया जा सके। इस महाधिवेशन में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला और हॉट फैसला तब हुआ जब बिना किसी अंदरूनी विरोध या गुटबाजी के, समूचे सदन ने एक सुर में बेहद कद्दावर और अनुभवी राजनेता प्रभात ध्यानी को उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी का नया केंद्रीय अध्यक्ष चुनकर संगठन की सर्वाेच्च कमान उनके हाथों में सौंप दी।

इस ऐतिहासिक और बेहद गर्मागरम राजनैतिक महाधिवेशन के भीतर सांगठनिक बदलाव की यह बयार केवल अध्यक्ष पद तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि संगठन को धरातल पर मजबूत करने और प्रशासनिक रूप से धारदार बनाने के लिए एक और बेहद बड़े नाम पर सर्वसम्मति की मुहर लगाई गई। पार्टी के भीतर संगठन के स्तंभ माने जाने वाले जुझारू नेता नरेश नौडियाल को उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी का नया प्रधान महासचिव नियुक्त किया गया है, जिसके बाद से ही उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। इस पूरी चुनावी और सांगठनिक बदलाव की जटिल प्रक्रिया को बेहद निष्पक्ष, पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी पार्टी के दो सबसे भरोसेमंद और वरिष्ठ चेहरों को सौंपी गई थी, जिसमें मुख्य चुनाव अधिकारी के रूप में प्रख्यात रणनीतिकार चारु तिवारी और मुख्य पर्यवेक्षक के रूप में वरिष्ठ आंदोलनकारी मोहन कांडपाल (जिन्हें कुछ लोग डा. मोहन कांडपाल के नाम से भी जानते हैं) ने मोर्चा संभाला हुआ था। इन दोनों ही वरिष्ठ कप्तानों की पैनी देखरेख और कुशल संचालन के बीच बिना किसी विवाद के पूरी चुनाव प्रक्रिया को अंजाम दिया गया, जिसने यह साफ कर दिया कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के भीतर आज भी आंतरिक लोकतंत्र और अनुशासन की जड़ें कितनी ज्यादा मजबूत हैं, और नए सेनापतियों की यह जोड़ी आने वाले समय में सूबे की राजनीति में बड़े उलटफेर करने का माद्दा रखती है।

अगर इस बेहद रोमांचक और हाई-प्रोफाइल राजनैतिक चुनाव के भीतर के समीकरणों और अंदरूनी परतों को खंगाला जाए, तो यह बात साफ तौर पर उभरकर सामने आती है कि नए अध्यक्ष की ताजपोशी के पीछे पार्टी के दिग्गजों की एक बहुत बड़ी और सोची-समझी सहमति काम कर रही थी। दल के सर्वाेच्च पद यानी केंद्रीय अध्यक्ष के लिए जैसे ही प्रभात ध्यानी के नाम का आधिकारिक प्रस्ताव वरिष्ठ नेता राजकुमार त्यागी द्वारा सदन के पटल पर रखा गया, वैसे ही पूरे पंडाल में करतल ध्वनि गूंज उठी और इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव का पुरजोर अनुमोदन पार्टी के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष व कद्दावर राजनेता पीसी तिवारी और वरिष्ठ साथी लालमणि ने संयुक्त रूप से किया। ठीक इसी प्रकार, संगठन के सबसे महत्वपूर्ण और रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले पद यानी प्रधान महासचिव के लिए जब नरेश नौडियाल के नाम का प्रस्ताव युवा तुर्क कुलदीप मधवाल ने आगे बढ़ाया, तो उसका समर्थन और अनुमोदन करने के लिए पार्टी की कद्दावर महिला नेत्री आनंदी वर्मा, अल्पसंख्यक चेहरे अमीनुर रहमान और जुझारू महिला कार्यकर्ता हीरा देवी तुरंत आगे आईं। इस तरह दिग्गजों के प्रस्ताव और वरिष्ठों के मजबूत अनुमोदन के बल पर नई लीडरशिप ने पूरी तरह से निर्विरोध और सर्वसम्मति से पार्टी की बागडोर अपने हाथों में ले ली, जिसने विरोधियों के उन तमाम दावों की हवा निकाल दी जो पार्टी के भीतर बिखराव की अफवाहें फैला रहे थे।

अपनी ऐतिहासिक और निर्विरोध ताजपोशी के तुरंत बाद, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के नवनिर्वाचित और बेहद ऊर्जावान केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने बिना एक पल का वक्त गंवाए अपनी नई और बेहद संतुलित केंद्रीय कार्यकारिणी की आधिकारिक घोषणा कर दी, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को बहुत ही खूबसूरती से साधने का काम किया है। संगठन को हर जिले में धारदार बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण और भारी-भरकम पद पर देहरादून से ताल्लुक रखने वाले तेजतर्रार नेता कुलदीप मधवाल, अल्मोड़ा की सांस्कृतिक भूमि से आने वाले वरिष्ठ चेहरे नारायण राम और धार्मिक नगरी हरिद्वार में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले जेपी बडोनी को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया है। इन तीनों ही कद्दावर उपाध्यक्षों के कंधों पर अब अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी का जनाधार बढ़ाने और युवाओं को संगठन से जोड़ने की एक बेहद चुनौतीपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी होगी, क्योंकि पार्टी नेतृत्व यह अच्छी तरह जानता है कि आगामी राजनैतिक लड़ाइयों को जीतने के लिए इन रणनीतिक क्षेत्रों में अपनी पकड़ को मजबूत करना कितना ज्यादा जरूरी है।

केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने अपनी इस नई और बेहद हॉट टीम को अंतिम रूप देते हुए संगठन के प्रशासनिक ढांचे को भी पूरी तरह से चाक-चौबंद करने का प्रयास किया है, जिसके तहत केंद्रीय महासचिव के अत्यंत प्रभावशाली पदों पर तीन बेहद अनुभवी और जमीन से जुड़े नेताओं की तैनाती की गई है। इस क्रम में नैनीताल जिले से आने वाले प्रखर वक्ता दिनेश उपाध्याय, अल्मोड़ा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाली महिला चेहरा आनंदी वर्मा और कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में अपनी मजबूत राजनैतिक पैठ रखने वाले अमीनुर रहमान को सर्वसम्मति से केंद्रीय महासचिव की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन तीनों ही महारथियों के पास संगठन को चलाने का एक लंबा और बेदाग अनुभव है, जिसके बल पर वे प्रदेश भर में पार्टी की नीतियों और जन-सरोकारों से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच ले जाने का काम करेंगे। इस नई टीम के गठन से यह साफ संदेश गया है कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी अब केवल कुछ चुनिंदा इलाकों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वह पूरे उत्तराखंड के भीतर सत्ता और संगठन का एक नया और आक्रामक विकल्प बनने की राह पर तेजी से अग्रसर हो चुकी है।

संगठन के इस बेहद बड़े और ऐतिहासिक कायाकल्प की आखिरी कड़ी के रूप में, केंद्रीय स्तर पर समन्वय और सांगठनिक कार्यों को गति देने के लिए सचिव पद पर भी पांच बेहद कर्मठ, जुझारू और जमीनी कार्यकर्ताओं का सर्वसम्मति से मनोनयन किया गया है, जो पार्टी के विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाने का जरिया बनेंगे। इस महत्वपूर्ण सूची में द्वारहाट से ताल्लुक रखने वाले जुझारू कार्यकर्ता प्रकाश जोशी, सोमेश्वर की घाटी से आने वाली प्रखर महिला आवाज किरण आर्य, गढ़वाल के कोटद्वार क्षेत्र से जमीनी पकड़ रखने वाले भोपाल सिंह रावत, रामनगर के सामाजिक आंदोलनों में हमेशा अगली कतार में रहने वाले लालमणि और उत्तराखंड राज्य आंदोलन की धुरी रहे गैरसैंण क्षेत्र से बी डी असनोड़ा को सर्वसम्मति से केंद्रीय सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। इन तमाम नियुक्तियों और पूरी सांगठनिक चुनाव प्रक्रिया को बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न कराने में मुख्य चुनाव अधिकारी चारु तिवारी और पर्यवेक्षक डा. मोहन कांडपाल की भूमिका की पूरे राजनैतिक हलकों में जमकर तारीफ हो रही है। अब आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प और रोमांचक होगा कि प्रभात ध्यानी और नरेश नौडियाल की यह नई, आक्रामक और बेहद ऊर्जावान जोड़ी उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी को कामयाबी के किस नए शिखर पर ले जाती है और सूबे की बड़ी राजनैतिक ताकतों के सामने किस तरह से अपनी वरिष्ठता और योग्यता का लोहा मनवाती है।

संबंधित ख़बरें
स्वच्छ, सुंदर और विकसित काशीपुर के संकल्प संग गणतंत्र दिवस

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें

error: Content is protected !!