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होमस्टे संचालकों की समस्याओं पर गर्माई सियासत अब टैक्स बार देगा प्रशासनिक सख्ती का करारा जवाब

रामनगर। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध पर्यटन केंद्र रामनगर में इन दिनों होमस्टे व्यवसाय को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बढ़ती कड़ाई ने स्थानीय व्यवसायियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं, जिसके बाद अब इस पूरे गतिरोध को सुलझाने के लिए रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन पूरी ताकत के साथ आगे आया है। नैनीताल जनपद के अंतर्गत आने वाले विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार रामनगर में पर्यटन आधारित स्वरोजगार की रीढ़ माने जाने वाले होमस्टे संचालकों पर हाल के दिनों में प्रशासन ने कानूनी चाबुक चलाना शुरू किया है, जिससे पैदा हुई असहज स्थिति के बीच तमाम होमस्टे संचालकों ने एकजुट होकर टैक्स बार के वरिष्ठ पदाधिकारियों के द्वार खटखटाए। इस अत्यंत महत्वपूर्ण और आपात बैठक के दौरान स्थानीय पर्यटन उद्यमियों ने पंजीकरण की जटिल प्रक्रियाओं, जीएसटी व अन्य कर व्यवस्था के पेचीदा नियमों, खाद्य सुरक्षा विभाग के कड़े मानकों सहित विभिन्न प्रशासनिक महकमों से मिल रहे नोटिसों और दिक्कतों का पूरा पुलिंदा वकीलों के सामने रख दिया। होमस्टे मालिकों का स्पष्ट कहना है कि वे नियमों का पालन करने के विरोधी नहीं हैं, परंतु जिस प्रकार बिना किसी पूर्व सूचना या प्रशिक्षण के उन पर दंडात्मक कार्रवाई का दबाव बनाया जा रहा है, उससे क्षेत्र का पूरा पर्यटन कारोबार ठप होने की कगार पर पहुंच गया है, जिसके चलते स्वरोजगार के इस बेहतरीन माध्यम पर भारी संकट मंडराने लगा है।

इस पूरे गंभीर संकट और व्यवसायियों की चौतरफा दिक्कतों को बेहद संजीदगी से संज्ञान में लेते हुए रामनगर टैक्स बार के अध्यक्ष पूरण चंद्र पाण्डेय और उपसचिव मनु अग्रवाल ने एक बेहद दूरगामी और राहत देने वाली रणनीति का खाका तैयार किया है, जिसके तहत जल्द ही एक महा-जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा। टैक्स बार के इन शीर्ष पदाधिकारियों ने पीड़ित होमस्टे स्वामियों को पूरी तरह आश्वस्त करते हुए घोषणा की है कि संगठन बहुत जल्द रामनगर क्षेत्र में एक वृहद एवं विशेष कानूनी जागरूकता तथा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहा है। इस प्रस्तावित महा-कार्यक्रम का मुख्य और बुनियादी उद्देश्य स्थानीय छोटे एवं मंझोले होमस्टे संचालकों को बिना किसी भय के नियमों के दायरे में रहकर शांतिपूर्वक व्यवसाय संचालित करने के गुर सिखाना और आवश्यक लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं की सटीक जानकारी देना रहेगा। अध्यक्ष पूरण चंद्र पाण्डेय ने साफ तौर पर कहा कि अज्ञानता के अभाव में हमारे स्थानीय युवाओं का शोषण नहीं होने दिया जाएगा और उपसचिव मनु अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि इस विशेष प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से हर एक संचालक को उत्तराखंड सरकार के पर्यटन संबंधी दिशा-निर्देशों की बारीकियों से रूबरू कराकर उन्हें कानूनी रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

रामनगर टैक्स बार द्वारा तैयार की जा रही इस अभूतपूर्व कार्यशाला की सबसे बड़ी और खास विशेषता यह होने वाली है कि इसमें न केवल कानूनी अड़चनों को दूर करने का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा, बल्कि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी पर्यटन व स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी एक ही छत के नीचे परोसी जाएगी। अधिवक्ताओं का मानना है कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों में होमस्टे ही स्थानीय निवासियों की आजीविका का सबसे बड़ा संबल बनकर उभरा है, इसलिए इस आगामी कार्यक्रम में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होमस्टे) विकास योजना जैसी महत्वाकांक्षी सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली भारी सब्सिडी और वित्तीय लाभों की पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल भाषा में समझाया जाएगा। टैक्स बार के पदाधिकारियों का मानना है कि जब स्थानीय युवाओं को इन सरकारी नीतियों की सही और समय पर जानकारी प्राप्त होगी, तो वे न केवल अपने मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक आधुनिक एवं आकर्षक बना सकेंगे, बल्कि प्रशासनिक कानूनी दांव-पेंचों से पूरी तरह मुक्त होकर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को कुमाऊंनी संस्कृति का एक बेहतरीन अनुभव दे पाएंगे।

आधिकारिक सूत्रों से छनकर आ रही बेहद पुख्ता जानकारियों के मुताबिक, इस महा-प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरी तरह प्रामाणिक और बेहद प्रभावशाली बनाने के लिए रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन उत्तराखंड शासन के वरिष्ठ नीति-नियंताओं सहित पर्यटन विभाग के उच्चाधिकारियों को भी सीधे तौर पर आमंत्रित करने का मन बना रहा है। इतना ही नहीं, होमस्टे संचालकों को सबसे ज्यादा परेशान करने वाले खाद्य सुरक्षा विभाग के फूड इंस्पेक्टरों और स्थानीय पर्यटन विकास अधिकारियों को भी इस मंच पर आमने-सामने बिठाने की पुरजोर तैयारी चल रही है, ताकि प्रशासनिक अधिकारियों और जमीन पर काम करने वाले व्यवसायियों के बीच पैदा हुई संवादहीनता की खाई को पूरी तरह पाटा जा सके। इस त्रिस्तरीय रणनीतिक मिलाप का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि होमस्टे संचालकों को अपनी फाइलों और समस्याओं को लेकर अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी और एक ही सिंगल विंडो प्लेटफार्म पर विभिन्न विभागों से जुड़ी तकनीकी शंकाओं का त्वरित और परमानेंट समाधान मौके पर ही सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे पूरे तंत्र में एक नया भरोसा पैदा होगा।

क्षेत्र के प्रबुद्ध स्थानीय होमस्टे संचालकों का पुरजोर तरीके से मानना है कि रामनगर टैक्स बार की यह अनोखी और समयोचित पहल पर्यटन उद्योग में बड़े पैमाने पर पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ावा देने में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने वाली है। व्यवसायियों का कहना है कि अब तक वे कानूनी प्रक्रियाओं और जटिल कागजी कार्यवाहियों की सही समझ न होने के कारण खुद को बेहद असहज और असुरक्षित महसूस कर रहे थे, परंतु इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों से उन्हें कानून के दायरे को गहराई से समझने में भारी मदद मिलेगी जिससे उनका खोया हुआ व्यावसायिक आत्मविश्वास पुनः लौट आएगा। स्थानीय पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, जब रामनगर क्षेत्र का प्रत्येक होमस्टे पूरी तरह से पंजीकृत, सुरक्षित और विधिक रूप से सुदृढ़ हो जाएगा, तो इससे न केवल समूचे नैनीताल जनपद के पर्यटन ग्राफ में भारी उछाल आएगा, बल्कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के बीच भी रामनगर की एक बेहद सुरक्षित, अनुशासित और अतिथि-देवो-भवः की वैश्विक छवि और ज्यादा मजबूत होकर उभरेगी।

इस अत्यंत संवेदनशील और समसामयिक विषय पर अपनी ठोस रणनीति को अंतिम रूप देने और अग्रिम तैयारियों की समीक्षा के लिए रामनगर के एक आलीशान रिजॉर्ट में टैक्स बार के दिग्गज वकीलों तथा पीड़ित होमस्टे मालिकों की एक बेहद हाई-प्रोफाइल संयुक्त मैराथन बैठक का आयोजन किया गया, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले में हलचल मचा दी है। इस महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में क्षेत्र के जाने-माने विधिक विशेषज्ञ और अधिवक्ता प्रबल बंसल, भूपाल रावत, फिरोज अंसारी, मनोज अग्रवाल, लईक अहमद, नावेद सैफी और गुलरेज़ रज़ा ने पूरी सक्रियता के साथ प्रतिभाग किया और होमस्टे उद्योग को बचाने के लिए अपने बहुमूल्य कानूनी सुझाव साझा किए। बैठक में उपस्थित सभी प्रबुद्ध अधिवक्ताओं ने एक सुर में कहा कि पर्यटन नगरी की साख को बचाए रखना और स्थानीय युवाओं के रोजगार की रक्षा करना उनका सामाजिक व नैतिक दायित्व है, जिसके लिए वे किसी भी हद तक जाकर व्यवसायियों का मार्गदर्शन करेंगे। इस ऐतिहासिक बैठक के बाद से ही पूरे रामनगर क्षेत्र के पर्यटन कारोबारियों में खुशी की एक नई लहर दौड़ गई है और अब सभी को टैक्स बार द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस बेहद खास जागरूकता कार्यक्रम का बेसब्री से इंतजार है, जो यहां के भविष्य की दिशा तय करेगा।

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