हल्द्वानी। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज उत्तराखंड दौरे पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता को संबोधित करते हुए पिछले चार वर्षों में डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नेतृत्व में राज्य ने विकास और समृद्धि के नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने विशेष रूप से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन का उल्लेख किया और बताया कि कैसे राजनाथ सिंह के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए ही पृथक उत्तराखंड राज्य का निर्माण संभव हुआ। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड वासियों का लंबे समय का स्वप्न साकार हो सका और राज्य के समग्र विकास की नींव इसी सहयोग और मार्गदर्शन से रखी गई। उन्होंने अपने भाषण में यह भी रेखांकित किया कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का एक नया युग प्रारंभ हुआ, जिसने देश की छवि को वैश्विक स्तर पर सशक्त और सम्मानित बनाया।
भाषण के दौरान धामी ने कांग्रेस सरकारों की नाकामी का भी ज़िक्र किया और बताया कि 2014 से पहले देश में केवल भ्रष्टाचार, कुशासन और घोटालों की चर्चा होती थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आत्म-सम्मान, राष्ट्रता और स्वाभिमान की भावना का पुनर्जागरण किया है। आज भारत केवल आर्थिक दृष्टि से विकसित नहीं हुआ है बल्कि वैश्विक मंचों पर भी अपनी मजबूती और सामर्थ्य का परिचय दे रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के योजनाबद्ध नेतृत्व ने भारत को विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में सफलता प्राप्त कराई है और दुनिया के देशों ने भारत की ओर भरोसे और सम्मान के साथ देखना शुरू किया है। यह बदलाव केवल अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहा बल्कि सामाजिक और नागरिक कल्याण के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व परिणाम दे रहा है।
उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने धारा 370 के अंत, ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथाओं के समाप्तिकरण और नागरिक संशोधन कानूनों के माध्यम से एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को धरातल पर साकार किया है। वहीं अंत्योदय के संकल्प को साकार करने के लिए जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, किसान समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं को लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस नई प्रणाली में जनता का हर एक रुपया सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचता है और बिचौलियों का दखल लगभग समाप्त हो गया है। पिछले 11 वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और देश की गरीबी दर में पांच गुना से अधिक की कमी हुई है। मुख्यमंत्री धामी ने सेना और रक्षा के क्षेत्र में भी किए गए सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब सैनिकों को हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और तीनों सेनाओं को अत्याधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस किया गया है। भारत अब ऐसे राष्ट्रों में शामिल है जो अपनी रक्षा सामग्री का निर्यात कर सकते हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्यवाहियों का जिक्र करते हुए बताया कि भारत अब अपनी सीमाओं की रक्षा में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर दुश्मन के गढ़ में जाकर कार्रवाई कर सकता है। यह बदलाव केवल रणनीतिक दृष्टि से नहीं बल्कि जन सुरक्षा और राष्ट्र गौरव के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
धामी ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि राज्य में शहीदों और उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को पांच गुना तक बढ़ाया गया है और वीरता पुरस्कारों की राशि में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। शहीदों की स्मृति को स्थायी बनाने के लिए भव्य सैन्य धाम का निर्माण कराया जा रहा है, जो हर उत्तराखंडी के लिए पावन स्थल के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से किए गए सुधारों को भी जनता के समक्ष रखा। इसके साथ ही राज्य में पर्यटन, खेल और निवेश के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसमें इन्वेस्टर ग्लोबल समिट और 376 लाख करोड़ से अधिक के निवेश समझौते शामिल हैं। मुख्यमंत्री धामी ने अपने भाषण में राज्य की आर्थिक प्रगति पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डबल इंजन सरकार के चार वर्षों में राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है। राज्य की जीएसटी में एक वर्ष में 7.2% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि प्रति व्यक्ति आय में पिछले चार वर्षों में 41% का उछाल आया है। बजट को ₹1 लाख करोड़ पार करने में सफलता मिली और राज्य में 2000 से अधिक नए उद्योग स्थापित किए गए। स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त करने के लिए संख्या 700 से बढ़ाकर 1700 तक पहुंचाई गई, जिससे युवाओं को नए रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि हेलीपोर्ट्स की संख्या दो से बढ़कर 12 और हेलीपैड 60 से बढ़कर 118 हो गए हैं, जिससे पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं की गति में वृद्धि हुई है।
राज्य में बिजली उत्पादन में तीन गुना वृद्धि हुई है, जिससे उद्योग और घरेलू उपभोक्ताओं दोनों को लाभ मिला है। मुख्यमंत्री धामी ने मातृशक्ति के सशक्तिकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 2,65,000 माताएं बहने लखपति बनी हैं, जो उनके परिश्रम, कौशल और राज्य की योजनाओं का प्रत्यक्ष परिणाम है। राज्य में होटलों की संख्या में 25% और होम स्टे की संख्या में 5% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उछाल आया है। डबल इंजन सरकार की नीतियों के कारण राज्य में रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी हुई, जिससे युवाओं का अपने गृहनगर में रोजगार और जीवन के बेहतर अवसर सुनिश्चित हुए। मुख्यमंत्री ने नीति आयोग द्वारा प्रदान किए गए विभिन्न राष्ट्रीय पुरस्कारों और रैंकिंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य ने सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में देश में पहला स्थान प्राप्त किया, वहीं सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में दूसरा स्थान हासिल किया। स्टार्टअप और व्यवसाय के लिए Ease of Doing Business, इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में राज्य को हिमालय राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला। किसानों की आय में वृद्धि, मत्स्य पालन, रोजगार और पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। राज्य ने कृषि, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है।
धामी ने शिक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए उठाए गए कदमों का भी विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि नकल और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लागू किए गए हैं, जिससे पिछले चार वर्षों में 3,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। नकल माफिया को जेल में भेजा गया है और राज्य में युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि अब छोटे और बड़े अधिकारियों के भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इससे राज्य की प्रशासनिक प्रणाली और पारदर्शिता में सुधार हुआ है। धामी ने सामाजिक न्याय और समानता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की गई है और यह प्रभावी रूप से धरातल पर उतर रही है। इसके साथ ही धर्मांतरण कानून, दंगा विरोधी कानून, लव जिहाद, महा मजार जिहाद और लैंड जिहाद जैसी गतिविधियों पर सख्त अंकुश लगाया गया है। उन्होंने वनभुलपुरा उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि दंगाइयों और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है और लोग स्वयं प्रेरित होकर अवैध कब्जा छोड़ रहे हैं। यही कारण है कि धामी सरकार ने राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की स्थिरता बनाए रखने में सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने विरोधी दलों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस ने तुष्टीकरण की नीति अपनाई और विकास को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने पूछा कि जब घुसपैठियों को बसाया गया, युवाओं का भविष्य नष्ट किया गया, तब विपक्ष कहां था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता अब ऐसे दलों की राजनीति को पहचान रही है, जो विकास और सुरक्षा के बजाय केवल वोट बैंक की राजनीति करते हैं। धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान, संस्कृति और पारंपरिक अस्मिता की रक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता है और यह हर निर्णय में परिलक्षित हो रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ, केदारनाथ और कैलाश जैसी पवित्र धामों के मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य तेजी से हुए हैं। धामी ने बताया कि सरकार ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, सुविधाएं और यात्री सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए रणनीतिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इन क्षेत्रों का दौरा करके कार्यों की समीक्षा करते हैं और स्थानीय लोगों तथा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करते हैं। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे पर्वतीय और दूरदराज के क्षेत्रों तक पर्यटन सुगमता से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल धार्मिक यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
धामी ने जी20, राष्ट्रीय खेलों और इन्वेस्टर ग्लोबल समिट जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए बताया कि उत्तराखंड ने पहली बार इस तरह के वैश्विक और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी की। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य में निवेश, खेल और वैश्विक पहचान को बढ़ावा मिला है। खेलों में खिलाड़ियों की शानदार उपलब्धियों के कारण राज्य ने अंक तालिका में सातवां स्थान प्राप्त किया। पर्यटन, निवेश और खेल के क्षेत्र में यह उपलब्धियां दर्शाती हैं कि राज्य में डबल इंजन सरकार ने विकास की गति को दोगुना कर दिया है। धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर क्षेत्र में समग्र प्रगति सुनिश्चित करना है, चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, उद्योग या सांस्कृतिक संरक्षण हो। मुख्यमंत्री ने किसानों और माताओं के सशक्तिकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए योजनाएं लागू की गई हैं। 2,65,000 माताओं ने पिछले चार वर्षों में लखपति बनने का गौरव हासिल किया। किसान समृद्धि योजना और मत्स्य पालन योजनाओं के माध्यम से राज्य ने कृषि और मत्स्य क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास किया। युवाओं के लिए रोजगार सृजन और उद्यमिता के अवसर भी बढ़ाए गए हैं। स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाकर युवा वर्ग को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और सक्षम बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रगति केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है।
धामी ने शिक्षा और युवाओं के भविष्य पर किए गए काम का भी ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नकल और पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानून लागू किए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप 3,000 से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरी हासिल की है। नकल माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राज्य में भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा और पारदर्शिता तथा सुशासन को सुनिश्चित किया गया है। इस कदम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित हुआ है और प्रशासन में जनता का विश्वास बढ़ा है। धामी ने सामाजिक न्याय और कानून व्यवस्था में किए गए सुधारों का विवरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण कानून, दंगा विरोधी कानून, लव जिहाद, महा मजार जिहाद और लैंड जिहाद पर लागू किए गए कठोर नियमों का उल्लेख किया। वनभुलपुरा उदाहरण का जिक्र करते हुए बताया कि अतिक्रमण और दंगाइयों के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई की, जिससे अब लोग स्वयं अवैध कब्जा छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और विकास स्थिरता बनी रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने विपक्षी दलों की नीतियों और उनके अतीत के कार्यों की तुलना करते हुए कहा कि राज्य की वर्तमान प्रगति उनके समय में संभव नहीं थी। उन्होंने बताया कि पहले केवल घोषणाएं होती थीं, लेकिन धरातल पर कामकाज नहीं होता था। उन्होंने कांग्रेस के समय में विभिन्न घोटालों जैसे पटवारी भर्ती घोटाला, दरोगा भर्ती घोटाला, छात्रवृत्ति घोटाला, एनएच 74 घोटाला और राहत सामग्री घोटाला का जिक्र किया। धामी ने कहा कि उस समय भ्रष्टाचार और कुशासन ने प्रदेश को पिछड़ेपन की ओर धकेला, जबकि अब जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। छोटे या बड़े अधिकारी के लिए अब कोई छूट नहीं है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जनता की हर संपत्ति और हर अधिकार की सुरक्षा प्राथमिकता है। धामी ने राज्य में युवाओं के लिए उठाए गए कदमों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि नकल और पेपर लीक के खिलाफ लागू किए गए सख्त कानूनों के कारण अब युवाओं का भविष्य सुरक्षित है। राज्य में नकल माफिया जेल की हवा खा रहे हैं और प्रतिभावान युवा अब सरकारी नौकरी प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा, शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, छात्रवृत्तियों की समय पर वितरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं की क्षमता को बढ़ावा दे रहे हैं। धामी ने स्पष्ट किया कि यह प्रगति केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानव संसाधन के क्षेत्र में भी है, जिससे प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित हो रहा है।
धामी ने राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता और पारंपरिक पहचान के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों के विकास और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। इसके अंतर्गत मंदिरों, तीर्थस्थलों और सांस्कृतिक केंद्रों की मरम्मत और विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाता है। यह सुनिश्चित किया गया है कि विकास और संस्कृति का संतुलन बना रहे और आने वाली पीढ़ियों के लिए उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहे। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने और इसे प्रभावी बनाने पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह कानून राज्य में सामाजिक न्याय और समानता के लिए ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही धर्मांतरण कानून, दंगा विरोधी कानून और अन्य सामाजिक सुरक्षा उपायों के माध्यम से राज्य में कानून व्यवस्था और सुरक्षा मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि यह सभी कदम केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक दृढ़ता और जनता के विश्वास के साथ उठाए गए हैं।
धामी ने प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक विकास के विस्तृत आंकड़ों को साझा किया। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि यह प्रगति डबल इंजन सरकार की योजनाओं, केंद्रीय सहयोग और राज्य सरकार की सटीक नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे इस प्रगति और विकास को पहचानें और अपने सहयोग से उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने में मदद करें। मुख्यमंत्री धामी ने अपने भाषण के अंतिम चरण में भविष्य की योजनाओं और उत्तराखंड के नागरिकों के प्रति संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य का विकास और भी तेज़ होगा और इसका लाभ हर नागरिक तक पहुंचेगा। उन्होंने उल्लेख किया कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में समग्र सुधार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को केवल एक पर्यटन या धार्मिक राज्य नहीं, बल्कि एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे इन पहलों में अपना सहयोग और विश्वास बनाए रखें।
धामी ने बताया कि प्रदेश की सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने हेलीपोर्ट्स और हेलीपैड के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि इससे दूरदराज के इलाकों में विकास की गति और तेज होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय बदलाव हुए हैं। नई स्कूल, अस्पताल और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि युवाओं के लिए रोजगार सृजन और उद्यमिता के अवसर लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विकास और सुरक्षा के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंदिरों, तीर्थस्थलों और सांस्कृतिक केंद्रों का संरक्षण राज्य की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण एक सशक्त योजना के तहत हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों ने केवल घोषणाएं कीं, लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब जनता के सामने स्पष्ट विकल्प है: एक ओर विकास और सुशासन की दिशा में डबल इंजन सरकार, और दूसरी ओर केवल तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार की पुरानी नीति। उन्होंने जनता से पूछा कि वे किस प्रकार के नेतृत्व को आगे बढ़ाना चाहते हैं। धामी ने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड के नागरिकों की भागीदारी और सहयोग से ही राज्य की समग्र प्रगति संभव होगी। अंत में मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से संकल्प दोहराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड संघर्षों में तपकर सशक्त बन रहा है, हर चुनौती को पार कर अपनी पहचान बना रहा है। विकास और विरासत की नीति के माध्यम से राज्य पूरे देश में एक नई पहचान बना रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड देश का श्रेष्ठ राज्य बनने की दिशा में अब पूर्ण गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे इस विकास यात्रा में अपना सहयोग दें और अपने बच्चों के भविष्य के लिए स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित उत्तराखंड का निर्माण करें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में सभी योजनाओं, नीतियों और पहलों का लक्ष्य केवल एक है – उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाना। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे इस संकल्प में भागीदारी करें, क्योंकि यही प्रयास राज्य की नई पहचान और समृद्धि की दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने बीते चार वर्षों में कई रिकॉर्ड तोड़े हैं और आने वाले वर्षों में राज्य का विकास और भी तेज़ होगा। मुख्यमंत्री ने अपनी बात समाप्त करते हुए जनता को आश्वस्त किया कि उनका भविष्य सुरक्षित, समृद्ध और उज्जवल होगा।





