काशीपुर। नगर के खेल इतिहास में यह अवसर एक ऐसे स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है, जिसने न केवल तीरंदाजी के क्षेत्र में शहर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि उत्तराखंड के उभरते खिलाड़ियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने की दिशा में भी एक मजबूत आधार तैयार किया है। दिनांक 01 मार्च 2026 को हरिद्वार स्थित अचीवर होम्स स्कूल में आयोजित उत्तराखंड राज्य तीरंदाजी चैंपियनशिप (अंडर-10, अंडर-13 एवं अंडर-15 वर्ग) में के डी एफ आर्चरी सेंटर, काशीपुर के खिलाड़ियों ने जिस आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता और अनुशासन का परिचय दिया, उसने खेल प्रेमियों और चयनकर्ताओं सभी को प्रभावित किया। इस प्रतियोगिता में काशीपुर के खिलाड़ियों ने न केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन से ध्यान आकर्षित किया, बल्कि टीम के रूप में भी यह सिद्ध कर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास से राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। प्रतियोगिता स्थल पर उपस्थित प्रशिक्षकों, अभिभावकों और खेल अधिकारियों ने एक स्वर में माना कि के डी एफ आर्चरी सेंटर ने तीरंदाजी के क्षेत्र में काशीपुर को एक नई पहचान दी है।
राज्य स्तरीय चयन प्रतियोगिता के माध्यम से उन खिलाड़ियों का चयन किया गया, जो आगामी राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं 26 मार्च से 7 अप्रैल 2026 तक गुंटूर, आंध्र प्रदेश में आयोजित की जाएंगी, जिनका आयोजन Archery Association of India के तत्वावधान में किया जाएगा। इन प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं का आयोजन Vasireddy Venkatadri Institute of Technology, नाम्बुरु, गुंटूर में संपन्न होगा, जो देशभर के उभरते और प्रतिभाशाली तीरंदाजों के लिए एक बड़ा मंच माना जाता है। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर काशीपुर के छह खिलाड़ियों का चयन होना इस बात का प्रमाण है कि नगर में तीरंदाजी का भविष्य उज्ज्वल दिशा में आगे बढ़ रहा है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और प्रदर्शन आधारित रही, जिससे खिलाड़ियों में यह विश्वास और गहरा हुआ कि मेहनत और लगन का फल निश्चित रूप से मिलता है।
इन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 15वीं एनटीपीसी चेरुकुरी लेनिन वोल्गा मेमोरियल मिनी अंडर-15 नेशनल चैंपियनशिप, 7वीं एनटीपीसी चेरुकुरी लेनिन वोल्गा मेमोरियल किड्स अंडर-10 ओपन नेशनल तथा द्वितीय एनटीपीसी चेरुकुरी लेनिन वोल्गा मेमोरियल किड्स अंडर-13 ओपन नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप शामिल हैं। इन तीनों प्रतियोगिताओं को देश की सबसे प्रतिष्ठित बाल एवं किशोर तीरंदाजी स्पर्धाओं में गिना जाता है, जहां से भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उभरकर सामने आते हैं। ऐसे मंच पर काशीपुर के खिलाड़ियों का चयन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे शहर और उत्तराखंड के खेल परिदृश्य के लिए गर्व का विषय भी है। चयनित खिलाड़ियों के नाम— सानिध्य हरबोला, अंश हरबोला, देव मियां, अथर्वा अग्निहोत्री, रुद्र प्रताप एवं ऐश्वर्या कराकोटी— अब काशीपुर में नई प्रेरणा का प्रतीक बन चुके हैं, जिनकी सफलता आने वाली पीढ़ी को खेल के प्रति आकर्षित करेगी।

के डी एफ आर्चरी सेंटर की भूमिका इस उपलब्धि में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्र से जुड़े कुल 14 खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिनमें से 6 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन होना यह दर्शाता है कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और खेल वातावरण कितना सशक्त है। के डी एफ ने बच्चों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें एक ऐसा अनुशासित और सकारात्मक माहौल भी प्रदान किया, जहां वे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बन सकें। नियमित अभ्यास सत्र, आधुनिक खेल सामग्री, अनुभवी कोचों का मार्गदर्शन और अभिभावकों का सहयोग— इन सभी ने मिलकर खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इस सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया कि काशीपुर जैसे शहरों में भी यदि सही दिशा और समर्पण हो, तो राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाएं तैयार की जा सकती हैं।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में दिनांक 02 मार्च 2026 को सायं 5:00 बजे केडीएफ पार्क, द्रोणासागर, काशीपुर में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें चयनित सभी छह खिलाड़ी अपने अभिभावकों के साथ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल उत्सवपूर्ण और भावनात्मक रहा, जहां एक ओर रंगों का उल्लास था, वहीं दूसरी ओर बच्चों की मेहनत और सफलता पर गर्व की झलक साफ दिखाई दे रही थी। प्रेस वार्ता के दौरान खिलाड़ियों का परिचय कराया गया और उनकी उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। अभिभावकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार नियमित अभ्यास, अनुशासन और के डी एफ के सहयोग ने उनके बच्चों को इस मुकाम तक पहुंचाया। होली मिलन समारोह ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया, जहां खेल और सांस्कृतिक उत्सव का सुंदर संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान के डी एफ आर्चरी सेंटर के कोच श्री हरबोला ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सफलता किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास, धैर्य और आत्मविश्वास की लंबी यात्रा का फल है। उन्होंने यह भी बताया कि चयनित खिलाड़ियों में भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने की पूरी क्षमता है। कोच के शब्दों ने न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि उपस्थित युवाओं को भी खेल के प्रति गंभीरता से जुड़ने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर चयनित खिलाड़ियों का सम्मान किया गया, जिससे उनके आत्मविश्वास में और वृद्धि हुई तथा उन्हें यह एहसास हुआ कि उनकी मेहनत को समाज और शहर दोनों का समर्थन प्राप्त है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों के उत्तर देते हुए के डी एफ परिवार ने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल प्रतियोगिताओं में पदक जीतना नहीं, बल्कि बच्चों को एक स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सोच और अनुशासित भविष्य की ओर अग्रसर करना है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में और अधिक बच्चों को तीरंदाजी से जोड़ने तथा काशीपुर को खेल मानचित्र पर और मजबूत बनाने की योजना है। कार्यक्रम के अंत में अल्पाहार के साथ सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और यह विश्वास व्यक्त किया कि सानिध्य हरबोला, अंश हरबोला, देव मियां, अथर्वा अग्निहोत्री, रुद्र प्रताप एवं ऐश्वर्या कराकोटी आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी काशीपुर और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित करेंगे। यह आयोजन न केवल एक उपलब्धि का उत्सव था, बल्कि भविष्य की उम्मीदों और सपनों का भी सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया।
काशीपुर के खेल परिदृश्य में इस उपलब्धि को लेकर जिस तरह की सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, वह यह दर्शाती है कि नगर अब केवल व्यापार और सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खेल प्रतिभाओं के उभरते केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। के डी एफ आर्चरी सेंटर से जुड़े खिलाड़ियों की इस सफलता ने शहर के अन्य अभिभावकों और युवाओं को भी प्रेरित किया है कि वे अपने बच्चों को खेलों से जोड़ें और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दें। प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं होली मिलन समारोह के दौरान यह भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी कि यह उपलब्धि केवल छह खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे काशीपुर की सामूहिक जीत है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस बात पर भी जोर दिया कि यदि इसी प्रकार का सहयोग और मार्गदर्शन आगे भी मिलता रहा, तो आने वाले वर्षों में काशीपुर से और भी अधिक खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।





