काशीपुर। खेल विकास और सांस्कृतिक धरोहर के पुनर्निर्माण के लिए एक नई पहल शुरू हो सकती है, क्योंकि काशीपुर डेवलपमेंट फोरम (KDF) ने द्रोणासागर क्षेत्र की उपेक्षित जंगलबानी भूमि को धनुविधा (Archery) प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन राज्य प्रशासन को सौंपा है। यह ज्ञापन माननीय श्री जय कृष्ण, IAS, वाइस चेयरमैन, उधमसिंह नगर विकास प्राधिकरण को आज प्रदान किया गया। KDF के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को अवगत कराया कि द्रोणासागर क्षेत्र ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो महर्षि द्रोणाचार्य की धनुविधा परंपरा से जुड़ा हुआ माना जाता है। इसके बावजूद, वर्तमान में यह भूमि उपेक्षित होकर जंगलनुमा हो चुकी है, जिससे न केवल इसका उपयोग अनियमित रूप से हो रहा है, बल्कि असामाजिक तत्वों के लिए भी इसे दुरुपयोग करने की संभावनाएँ बनी हुई हैं। KDF ने कहा कि इस भूमि को प्रशिक्षण केन्द्र में बदलना न केवल खेल प्रतिभाओं के लिए लाभकारी होगा, बल्कि क्षेत्र की पौराणिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का भी अवसर प्रदान करेगा।
KDF ने इस मौके पर अधिकारियों को बताया कि संस्था वर्तमान में लगभग 50 बच्चों को धनुविधा का नियमित प्रशिक्षण दे रही है। हालांकि, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और वैज्ञानिक दृष्टि से प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक 60 मीटर की दूरी उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों का समुचित प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है। KDF ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि हाल ही में संस्था द्वारा कुमाऊँ मंडल में पहली बार राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता–2025 का आयोजन किया गया, जो उत्तराखंड राज्य टीम के चयन के लिए आयोजित थी। इस प्रतियोगिता के माध्यम से क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिला। KDF के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से आग्रह किया कि द्रोणासागर क्षेत्र की भूमि का सकारात्मक और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे बच्चों और युवा खिलाड़ियों को एक आदर्श प्रशिक्षण वातावरण मिल सके और उनकी खेल प्रतिभाओं का विकास हो सके।
ज्ञापन में प्रस्तावित स्थल टाट वाले बाबा के आश्रम और डमरू वाले बाबा के मंदिर के मध्य स्थित रिक्त भूमि है, जो वर्तमान में निगरानी और संरक्षण के अभाव में जंगलबानी रूप धारण कर चुकी है। KDF के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि इस भूमि को धनुविधा प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित किया जाए, तो यह न केवल भूमि का सकारात्मक और संरक्षित उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि द्रोणासागर क्षेत्र की ऐतिहासिक और पौराणिक धनुविधा परंपरा को पुनः स्थापित करने में भी मदद करेगा। उन्होंने बताया कि इस भूमि का पर्यावरणीय और सामाजिक दृष्टि से भी उपयोग अनुकूल रहेगा, क्योंकि इससे युवा प्रतिभाओं को खेल के क्षेत्र में सही दिशा मिलेगी और असामाजिक गतिविधियों पर भी नियंत्रण संभव होगा। KDF के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से आग्रह किया कि स्थल का निरीक्षण कर इसे शीघ्र प्रशिक्षण हेतु उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
इस अवसर पर KDF द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बच्चों के परिजन भी उपस्थित रहे और उन्होंने सभी अधिकारियों से एक स्वर में अपील की कि बच्चों के भविष्य, खेल विकास और जनहित को ध्यान में रखते हुए भूमि को प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में शीघ्र विकसित किया जाए। उपस्थित परिजनों ने कहा कि इस पहल से न केवल बच्चों की खेल प्रतिभाओं का विकास होगा, बल्कि काशीपुर नगर को खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान भी मिलेगी। KDF के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से आग्रह किया कि भूमि को अस्थायी या दीर्घकालिक रूप से प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध कराने, आवश्यक अनुमतियाँ प्रदान करने और स्थल निरीक्षण कर शीघ्र निर्णय लेने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि KDF पार्क में आकर खिलाड़ियों और अभिभावकों से संवाद करने का वाइस चेयरमैन को सादर आमंत्रण दिया गया है, जिससे वे बच्चों और स्थानीय समुदाय की अपेक्षाओं को सीधे समझ सकें।
KDF ने अपने ज्ञापन में यह भी कहा कि इस पहल से काशीपुर नगर में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और युवा खिलाड़ियों के लिए एक आदर्श प्रशिक्षण स्थल उपलब्ध होगा। उन्होंने अधिकारियों को अवगत कराया कि वर्तमान में बच्चों और युवा खिलाड़ियों को धनुविधा के लिए उचित प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे उनकी प्रतिभा का विकास बाधित हो रहा है। KDF के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशिक्षण केन्द्र के निर्माण से न केवल खेल कौशल में सुधार होगा, बल्कि युवा पीढ़ी का मनोबल भी बढ़ेगा। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि क्षेत्र की पौराणिक और ऐतिहासिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए यह पहल शीघ्रता से साकार की जाए। KDF ने विश्वास व्यक्त किया कि विकास प्राधिकरण के सकारात्मक सहयोग से यह जनहितकारी पहल जल्द ही साकार होगी और काशीपुर नगर को खेल के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
ज्ञापन में KDF ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण केन्द्र का निर्माण बच्चों के लिए सुरक्षित और संरक्षित वातावरण प्रदान करने का एक माध्यम होगा। उन्होंने बताया कि भूमि का वर्तमान जंगलबानी स्वरूप न केवल खिलाड़ियों के प्रशिक्षण को प्रभावित करता है, बल्कि इसके कारण सुरक्षा संबंधी भी कई चिंताएँ उत्पन्न हो रही हैं। KDF ने अधिकारियों से निवेदन किया कि प्रशिक्षण केन्द्र के लिए आवश्यक संसाधनों, सुरक्षा प्रबंधों और औपचारिक अनुमतियों को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। KDF के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह पहल केवल खेल विकास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने का भी एक महत्वपूर्ण कदम होगी।
इस मौके पर KDF के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को अवगत कराया कि धनुविधा प्रशिक्षण केन्द्र से स्थानीय बच्चों को खेल के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि यह परियोजना युवाओं को खेल के प्रति आकर्षित करेगी और उन्हें सकारात्मक दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करेगी। KDF ने कहा कि इस पहल से न केवल खेल प्रतिभाओं का विकास होगा, बल्कि बच्चों और युवाओं को असामाजिक गतिविधियों से भी दूर रखा जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि भूमि के विकास के लिए आवश्यक कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए, ताकि युवा खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित और उज्जवल बने।
KDF ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि प्रशिक्षण केन्द्र के निर्माण से स्थानीय समुदाय को भी लाभ होगा। उन्होंने बताया कि यह केन्द्र न केवल बच्चों के लिए बल्कि अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों के लिए भी एक सुरक्षित और संरक्षित स्थल के रूप में कार्य करेगा। KDF के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से निवेदन किया कि वे भूमि के विकास और प्रशिक्षण केन्द्र के संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और अनुमतियाँ शीघ्र जारी करें। उन्होंने कहा कि इस पहल से काशीपुर नगर में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय बच्चों को खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के अवसर मिलेंगे।
अंत में KDF ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल के सफल कार्यान्वयन से काशीपुर नगर में खेल की संस्कृति को मजबूती मिलेगी और यह क्षेत्र युवा प्रतिभाओं के विकास का केंद्र बन जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया कि भूमि के विकास, आवश्यक अनुमतियों और प्रशिक्षण केन्द्र के संचालन में शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि बच्चों और युवा खिलाड़ियों के लिए एक आदर्श और संरक्षित प्रशिक्षण स्थल उपलब्ध हो सके। KDF ने कहा कि विकास प्राधिकरण के सकारात्मक सहयोग से यह परियोजना जल्द ही साकार होगी और काशीपुर नगर खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।





