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काशीपुर को काशी की तर्ज पर संवारने की तैयारी फरवरी से चौराहों के सौंदर्यकरण का काम शुरू

नगर निगम और उधम सिंह नगर विकास प्राधिकरण की संयुक्त रणनीति के तहत सात प्रमुख चौराहों पर करीब तीस करोड़ रुपये से भव्य सौंदर्यकरण, यातायात सुधार और जनसुविधाओं के विकास की योजना को तेज़ी से अमल में लाया जाएगा।

काशीपुर। शहर के समग्र विकास और सौंदर्यकरण को लेकर नगर निगम स्तर पर एक महत्वपूर्ण पहल तेज़ी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए महापौर दीपक बाली ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई यह घोषणा कि काशीपुर को काशी की तरह सजाया-संवारा जाएगा, अब धरातल पर उतरती नजर आ रही है। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत शहर के प्रमुख चौराहों के सौंदर्यकरण का कार्य अगले माह से प्रारंभ हो जाएगा। प्रारंभिक चरण में महाराणा प्रताप चौक और स्टेडियम तिराहे के समीप स्थित सिंह द्वार क्षेत्र को चुना गया है, जहां फरवरी माह में निर्माण और सौंदर्यकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन दोनों स्थानों पर अलग-अलग लगभग आठ से दस करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। महापौर ने यह भी कहा कि जिस चौराहे का नाम जिस महापुरुष या पहचान से जुड़ा होगा, वहां का सौंदर्यकरण उसी भाव और अनुभूति के अनुरूप किया जाएगा, ताकि शहर की सांस्कृतिक पहचान और गौरव और अधिक प्रखर रूप में सामने आ सके।

नगर निगम सभागार में आयोजित इस अहम बैठक में काशीपुर के सौंदर्यकरण से जुड़े लगभग सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उधम सिंह नगर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जय किशन, नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट, आर्किटेक्ट मनोज जोशी के साथ-साथ एनएच, पीडब्ल्यूडी, एआरटीओ, जल निगम, जल संस्थान और यूपीसीएल जैसे विभागों के अधिकारी इस बैठक का हिस्सा बने। बैठक के दौरान प्रस्तावित सौंदर्यकरण कार्यों की विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत की गई, जिसमें डिजाइन, संरचना, ट्रैफिक प्लानिंग और जनसुविधाओं से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। महापौर दीपक बाली की उपस्थिति में सभी विभागों ने आपसी समन्वय के साथ कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की। इस दौरान यह भी तय किया गया कि किसी एक विभाग के काम से दूसरे विभाग की गतिविधियां प्रभावित न हों, इसके लिए पहले से समन्वित योजना बनाई जाएगी, ताकि कार्य सुचारू और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

बैठक में उधम सिंह नगर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जय किशन ने सौंदर्यकरण परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित कुल सात चौराहों का सौंदर्यकरण किया जाएगा। इस पूरी परियोजना को पूरा होने में लगभग एक वर्ष का समय लग सकता है और इसके लिए करीब तीस करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में सिंह द्वार के पास और मुख्य चौराहे पर जो कार्य शुरू होने जा रहा है, उस पर लगभग आठ से दस करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान है। जय किशन ने भरोसा दिलाया कि ये दोनों चौराहे बेहद आकर्षक और आधुनिक स्वरूप में विकसित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इन चौराहों पर केवल सौंदर्य ही नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ी कई सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे आम नागरिकों को सुविधा और सुगमता दोनों का लाभ मिलेगा।

बैठक के बाद मीडिया से संवाद करते हुए महापौर दीपक बाली ने बताया कि इस परियोजना को लेकर उन्होंने पहले ही विकास प्राधिकरण को पत्र भेजकर सातों चौराहों के सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यकरण का प्रस्ताव रखा था। उसी क्रम में विभिन्न विशेषज्ञों और ट्रांसपोर्ट डिजाइनरों द्वारा जो डिजाइन तैयार किए गए थे, उन्हें अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े विकास कार्य में कई विभागों की भूमिका होती है, जैसे एमएचपी, पीएचओबी, सिंचाई विभाग, यूपीसीएल और अन्य तकनीकी एजेंसियां। इसी को ध्यान में रखते हुए आज सभी संबंधित विभागों को एक साथ बैठाकर यह बैठक आयोजित की गई, ताकि आपसी समन्वय बनाकर कार्य किया जा सके। महापौर ने जोर देकर कहा कि आज की बैठक का मुख्य उद्देश्य यही था कि सभी विभाग मिलकर एक साझा लक्ष्य के साथ काम करें और शहर के चौराहों को सुंदर, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।

चर्चा के दौरान यह भी प्रयास किया गया कि सौंदर्यकरण कार्य के लिए एक स्पष्ट समयसीमा तय की जाए। महापौर दीपक बाली ने बताया कि बैठक में यह लक्ष्य रखा गया है कि फरवरी माह के अंत तक कम से कम दो से तीन चौराहों पर कार्य प्रारंभ हो जाए। इसके बाद निरंतर चरणबद्ध तरीके से बाकी चौराहों पर भी काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुल सात चौराहों के लिए जो बजट तय किया गया है, वह लगभग तीस करोड़ रुपये के आसपास है, हालांकि कुछ तकनीकी आवश्यकताओं और सुविधाओं के जुड़ने से यह राशि तीस से पैंतीस करोड़ रुपये तक भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप चौक और रामनगर रोड की ओर स्थित प्रमुख चौराहे को प्राथमिकता दी गई है, क्योंकि ये शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त क्षेत्र हैं, जहां यातायात और सौंदर्य दोनों के स्तर पर सुधार की सबसे अधिक आवश्यकता है।

महापौर दीपक बाली ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा काशीपुर को काशी की तरह विकसित करने की जो भावना व्यक्त की गई थी, उसी भावना को मूर्त रूप देने का यह प्रयास है। उन्होंने कहा कि सौंदर्यकरण का मतलब केवल सजावट नहीं है, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना भी इसका अहम हिस्सा है। कुछ चौराहों पर जगह की कमी को ध्यान में रखते हुए विशेष योजना बनाई जा रही है, ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पूरे कार्य में किसी का नुकसान नहीं किया जाएगा और किसी भी प्रकार की अनावश्यक तोड़फोड़ नहीं होगी। जहां सरकारी भूमि उपलब्ध होगी, वहां चौड़ीकरण किया जाएगा और जहां ऐसी संभावना नहीं होगी, वहां जिला योजना के अनुरूप ही सुधार और सौंदर्यकरण किया जाएगा।

महाराणा प्रताप चौक के सौंदर्यकरण को लेकर महापौर ने बताया कि वहां स्थित द्वार का नव निर्माण किया जाएगा और महाराणा प्रताप के शौर्य और गौरव के अनुरूप उसकी थीम तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह सिंह द्वार का संबंध गुरुद्वारा साहब जाने वाले मार्ग से है, उसी भाव को ध्यान में रखते हुए उसका डिजाइन किया जाएगा। महापौर ने स्पष्ट किया कि इस पूरी योजना में नाम बदलने या राजनीति करने का कोई उद्देश्य नहीं है। उनका कहना था कि नाम वही रहेंगे, जो पहले से निर्धारित हैं, फिलहाल प्राथमिकता शहर के सौंदर्यकरण और सुव्यवस्थित विकास की है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर का विकास सभी की साझा जिम्मेदारी है और इसमें राजनीति को आड़े नहीं आने देना चाहिए।

विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जय किशन ने भी बैठक के बाद दैनिक शहर प्रजातंत्र से बातचीत करते हुए बताया कि काशीपुर के ट्रैफिक और परिवहन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कुल आठ जंक्शनों की पहचान की गई है, जहां सुधार और सौंदर्यकरण का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसी संदर्भ में यह बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें नगर निगम, जल संस्थान, यूपीसीएल और अन्य विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जय किशन ने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर यूटिलिटी शिफ्टिंग की आवश्यकता होगी, तो संबंधित विभाग पहले से उसकी तैयारी कर लें। उन्होंने यह भी बताया कि बैठक में आने वाले वर्षों में लागू किए जाने वाले विभिन्न प्रोजेक्ट्स के बारे में भी सभी को जानकारी दी गई।

जय किशन ने आगे बताया कि फिलहाल दो प्रमुख प्रोजेक्ट्स को पहले चरण में लिया गया है, जिनमें महाराणा प्रताप चौक और सिंह द्वार शामिल हैं। उनकी तैयारी इस तरह से की जा रही है कि अगले महीने के अंत तक इन पर काम शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि कुल आठ चौराहों के सौंदर्यकरण पर लगभग तीस करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि पहले चरण में लिए गए दो चौराहों पर आठ से दस करोड़ रुपये तक की राशि खर्च की जाएगी। इन कार्यों में बड़े पैमाने पर हॉर्टिकल्चर, वॉल पेंटिंग, म्यूरल आर्ट, आधुनिक लाइटिंग सिस्टम, बैटरी आधारित लाइट्स, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग और जहां संभव हो वहां पार्किंग की व्यवस्था भी शामिल होगी। इसके साथ ही जंक्शनों को तकनीकी रूप से भी बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक दीर्घकालिक परियोजना है और पूरे कार्य को पूरा होने में एक वर्ष या उससे अधिक का समय लग सकता है। हालांकि, चरणबद्ध तरीके से काम शुरू होते ही शहरवासियों को इसके सकारात्मक परिणाम दिखने लगेंगे। जय किशन का कहना था कि काशीपुर के सौंदर्यकरण और ट्रैफिक सुधार से न केवल शहर की छवि बेहतर होगी, बल्कि स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा या देरी न हो।

कुल मिलाकर, काशीपुर के चौराहों के सौंदर्यकरण को लेकर तैयार की गई यह विस्तृत योजना शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नगर निगम, विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों के बीच बनी सहमति और समन्वय से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में काशीपुर का स्वरूप तेजी से बदलेगा। महापौर दीपक बाली और विकास प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा दिए गए बयानों से यह साफ है कि यह परियोजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे समयबद्ध और योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। शहरवासियों के लिए यह पहल न सिर्फ सौंदर्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि यातायात, सुविधा और पहचान के स्तर पर भी काशीपुर को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का कार्य करेगी।

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