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वैश्य समाज को होली पर एकता सौहार्द और समृद्धि का संदेश पदाधिकारियों ने दी शुभकामनाएं

होली मिलन के मंच से अशोक अग्रवाल और नरेश बंसल ने वैश्य समाज की संगठित शक्ति को पहचानते हुए व्यापार, राजनीति और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने और सामूहिक संकल्प के साथ नई ऊंचाइयों को छूने का आह्वान किया।

देहरादून। महानगर कि सांस्कृतिक और सामाजिक फिज़ाओं में उस समय विशेष उत्साह और गरिमा देखने को मिली, जब अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में देशभर से आए वैश्य समाज के प्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। इस अवसर पर रंगों की उमंग के साथ समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की दिशा पर गंभीर मंथन भी हुआ। समारोह में राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि वैश्य समाज सदियों से राष्ट्र की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना की रीढ़ रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि समाज अपनी संगठित शक्ति को पहचानते हुए एक मंच पर एकजुट हो। उन्होंने कहा कि होली मिलन जैसे आयोजन केवल सामाजिक मेल-मिलाप तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि इन्हें समाज के आत्मचिंतन और सामूहिक संकल्प का अवसर बनाया जाना चाहिए।

समारोह के दौरान अपने संबोधन में अशोक अग्रवाल जी ने वैश्य समाज की ऐतिहासिक भूमिका का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापार, उद्योग, शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में समाज ने हमेशा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलते सामाजिक और राजनीतिक परिवेश में वैश्य समाज को अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को नए सिरे से परिभाषित करने की आवश्यकता है। अशोक अग्रवाल जी के अनुसार, जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक उसकी आवाज़ प्रभावी रूप से नीति निर्धारण तक नहीं पहुंच पाएगी। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे समाज की परंपराओं और मूल्यों को समझते हुए आधुनिक शिक्षा, तकनीक और उद्यमिता के माध्यम से समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। उनके वक्तव्य में अनुभव, दूरदृष्टि और संगठनात्मक सोच का स्पष्ट समन्वय दिखाई दिया।

इस गरिमामय आयोजन में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल की उपस्थिति ने समारोह को और भी प्रभावशाली बना दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वैश्य समाज ने न केवल आर्थिक क्षेत्र में बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के कार्यों में भी सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। नरेश बंसल ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि समाज अपने सामूहिक हितों के लिए एकजुट होकर सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाए। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्य समाज की शक्ति उसकी एकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी में निहित है। राज्यसभा सांसद ने इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच समाज को दिशा देने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

होली मिलन समारोह का वातावरण रंगों, गीतों और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सराबोर रहा, लेकिन इसके साथ-साथ विचारों का आदान-प्रदान भी लगातार होता रहा। समाज के विभिन्न वर्गों से आए लोगों ने आपसी संवाद के माध्यम से शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और संगठन विस्तार जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में यह स्पष्ट रूप से महसूस किया गया कि वैश्य समाज अब केवल सामाजिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह संगठित होकर राष्ट्र और समाज के व्यापक हितों में अपनी भूमिका को और मजबूत बनाना चाहता है। देहरादून में आयोजित यह होली मिलन समारोह इस बात का प्रमाण बना कि जब सामाजिक उत्सव और विचारशील विमर्श एक साथ आते हैं, तो उनका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक और स्थायी होता है।

समारोह के अगले चरण में वक्ताओं और प्रतिभागियों के बीच समाज के भविष्य को लेकर गंभीर चर्चा देखने को मिली। अशोक अग्रवाल जी ने अपने विचारों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वैश्य समाज की सबसे बड़ी पूंजी उसकी आपसी एकता और पारस्परिक सहयोग की भावना है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत हितों की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, तब समाज को सामूहिक सोच और साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना होगा। उनके अनुसार, शिक्षा और संगठन ही समाज को सशक्त बनाने के सबसे मजबूत माध्यम हैं। अशोक अग्रवाल जी ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन का उद्देश्य केवल एक संगठन खड़ा करना नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति तक जागरूकता, सहयोग और नेतृत्व की भावना को पहुंचाना है।

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने भी अपने संबोधन में सामाजिक एकजुटता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज की भूमिका केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक संतुलन और राष्ट्र की प्रगति में भी उसका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। नरेश बंसल के अनुसार, जब समाज संगठित होकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में पहल करता है, तो उसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज समाज को नकारात्मक राजनीति से ऊपर उठकर रचनात्मक और विकासोन्मुख सोच अपनाने की आवश्यकता है। उनके वक्तव्य में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि सामाजिक शक्ति का सही उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को आपस में जोड़ने और नई दिशा देने का कार्य करते हैं। होली मिलन समारोह के बहाने समाज के लोग न केवल एक-दूसरे से मिले, बल्कि उन्होंने अपने अनुभव, चुनौतियां और संभावनाएं भी साझा कीं। कई वक्ताओं ने यह भी कहा कि वैश्य समाज को अपने युवाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करना होगा, ताकि आने वाले समय में समाज की आवाज़ मजबूती से उठाई जा सके। देहरादून का यह आयोजन इस बात का संकेत बना कि समाज अब केवल प्रतीकात्मक एकता नहीं, बल्कि व्यवहारिक और संगठित शक्ति की ओर बढ़ रहा है।

देहरादून में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के भव्य आयोजन एवं होली मिलन अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने वैश्य समाज के सभी घटकों को रंगों के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं प्रेषित कीं। उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष दीपक सिंघल, प्रदेश उपाध्यक्ष कौशलेश गुप्ता, जिला अध्यक्ष सुरेश गोयल, जिला उपाध्यक्ष महेंद्र गुप्ता लोहिया, जिला उपाध्यक्ष अशोक गुप्ता नकुल, जिला मंत्री डा संजीव गुप्ता, जिला कोषाध्यक्ष नवनीत कुमार विश्नोई तथा महानगर अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल नागलिया सहित समस्त पदाधिकारियों ने अपने संयुक्त संदेश में कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, समरसता और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है, जो आपसी मतभेद भुलाकर समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। उन्होंने कामना व्यक्त की कि यह पर्व वैश्य समाज के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए तथा संगठनात्मक मजबूती, आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को और अधिक सुदृढ़ करे।

इसी आयोजन के दौरान संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रमुख चेहरे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनकी सहभागिता ने कार्यक्रम की गरिमा और प्रभाव को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री रमेश गोयल, प्रदेश कोषाध्यक्ष रमेश अग्रवाल, महिला प्रदेश अध्यक्ष नीता गर्ग, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विशाल गुप्ता तथा युवा प्रदेश अध्यक्ष सचिव गुप्ता ने वैश्य समाज के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक उत्थान को लेकर अपने विचार रखे। साथ ही प्रदेश संगठन महामंत्री ललित गुप्ता, महिला प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रितु गोयल, महानगर अध्यक्ष निखंडु गुप्ता, महानगर महामंत्री मनोज सिंघल, महानगर मंत्री अनुज जैन एवं महिला महानगर अध्यक्ष दिशा गुप्ता की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक प्रतिनिधित्व प्रदान किया। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में यह संकल्प दोहराया कि वैश्य समाज की एकता, संगठनात्मक सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करते हुए भविष्य में और अधिक संगठित एवं प्रभावी आंदोलन की दिशा में मिलकर कार्य किया जाएगा, ताकि समाज विकास और राष्ट्र निर्माण में अपनी निर्णायक भूमिका निभा सके।

अंत में पूरे समारोह का समापन आपसी सौहार्द, रंगों की खुशियों और भविष्य के लिए सकारात्मक संकल्प के साथ हुआ। अशोक अग्रवाल जी और नरेश बंसल दोनों ने समाज के लोगों से अपील की कि वे संगठन से जुड़कर समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के माध्यम से समाज अपने अधिकारों, सम्मान और योगदान को नई पहचान दिला सकता है। देहरादून में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन का होली मिलन समारोह केवल एक सामाजिक उत्सव नहीं रहा, बल्कि यह समाज के आत्मविश्वास, संगठनात्मक चेतना और सामूहिक भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनकर सामने आया, जिसकी गूंज आने वाले समय में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महसूस की जाएगी।

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