काशीपुर। मई के इस तपते महीने में समूचे देवभूमि उत्तराखंड सहित काशीपुर क्षेत्र में भी स्कूली बच्चों की लंबी वार्षिक गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं जिसके चलते भारी संख्या में स्थानीय लोग और परिवार अपने घरों पर ताला बंद करके पहाड़ों की ठंडी वादियों या अपनी पसंद के अन्य पर्यटक स्थलों पर घूमने-फिरने के लिए निकल रहे हैं। लेकिन आम जनता की इसी मौज-मस्ती और सैर-सपाटे के खुशनुमा माहौल के बीच उधम सिंह नगर जिले की काशीपुर पुलिस ने आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई और उनके आशियाने की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा सनसनीखेज अलर्ट जारी किया है। पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों का साफ तौर पर कहना है कि जब लोग बेफिक्र होकर अपने घरों से सैकड़ों किलोमीटर दूर छुट्टियों का आनंद ले रहे होते हैं, ठीक उसी दौरान समाज के बेहद शातिर, सक्रिय और घात लगाए बैठे चोरों के गैंग को सूने पड़े मकानों में कड़ा डाका डालने और आसानी से सेंधमारी करने का एक सुनहरा और बड़ा मौका मिल जाता है। पुलिस की जांच रिपोर्ट में यह बेहद डरावना सच सामने आया है कि इन दिनों शहर के भीतर चोरों के गिरोह दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक लगातार रेकी कर रहे हैं और जैसे ही उन्हें किसी बंद मकान का सुराग मिलता है, वे पलक झपकते ही वहां रखी नकदी और सोने-चांदी के कीमती जेवरात समेटकर रफूचक्कर हो जाते हैं।
इस बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले पर काशीपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और स्थानीय कोतवाली पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से बेहद हैरान करने वाले खुलासे करते हुए आम जनता को जागरूक करने का एक बड़ा बीड़ा उठाया है। काशीपुर पुलिस के अनुभवी तफ्तीश अधिकारियों का कड़क लहजे में कहना है कि ये शातिर और पेशेवर चोर अक्सर उन बंद घरों को ही अपना मुख्य निशाना बनाते हैं जो अपनी ही कुछ छोटी और लापरवाह गलतियों की वजह से दूर से ही चिल्ला-चिल्लाकर चोरों को चोरी करने का सीधा न्योता दे रहे होते हैं। पुलिसिया थ्योरी के अनुसार, जब कोई परिवार शहर से बाहर जाता है, तो सबसे पहली और बड़ी गलती यह करता है कि वह मुख्य दरवाजे या लोहे के चैनल गेट पर बाहर की तरफ एक बड़ा और चमचमाता हुआ ताला लटका देता है, जिसे देखते ही सड़क से गुजरने वाले किसी भी अपराधी को यह साफ अंदाजा हो जाता है कि इस मकान के भीतर कोई भी इंसान मौजूद नहीं है। बाहरी ताला चोरों के लिए सबसे पहला और पुख्ता ग्रीन सिग्नल होता है, जिसके बाद वे उस पूरे घर की गतिविधियों को बेहद बारीकी से भांपने के लिए अपनी रणनीति का दूसरा और बेहद खतरनाक कदम आगे बढ़ा देते हैं।
अपराधियों के काम करने के बेहद शातिर और आधुनिक तौर-तरीकों का पर्दाफाश करते हुए काशीपुर पुलिस ने आगे बताया कि घर के बाहर लटका ताला देखने के बाद चोर तुरंत मकान के मुख्य द्वार और दहलीज के पास की जमीनी हकीकत का मुआयना करते हैं। इस दौरान लगातार कई दिनों से घर के मुख्य दरवाजे पर पड़े रहने वाले अखबार, विज्ञापन के पम्पलेट और कूरियर की चिट्ठियां चोरों के उस शक को पूरी तरह से यकीन में बदल देती हैं कि यह परिवार पिछले कई दिनों से घर से पूरी तरह नदारद है और अगले कुछ दिनों तक उनके वापस लौटने की कोई भी दूर-दूर तक संभावना नहीं है। दरवाजे की चौखट पर बिखरे हुए अखबारों के ये ढेर अपराधियों के हौसलों को इस कदर बुलंद कर देते हैं कि वे बिना किसी डर या हिचकिचाहट के उस सूने मकान में घुसने की पूरी टाइमिंग और अपनी पूरी योजना को अंतिम रूप देना शुरू कर देते हैं, जिससे गृहस्वामियों को लाखों रुपये की भारी चपत लग जाती है।

लेकिन इन सबसे हटकर, काशीपुर पुलिस ने चोरों की जिस सबसे अनोखी, हैरान करने वाली और बेहद शातिर कूटनीति का खुलासा किया है, उसने आम जनता के साथ-साथ खुद सुरक्षा एजेंसियों के भी पूरी तरह से होश उड़ा दिए हैं। पुलिस का कहना है कि आज के समय के ये हाईटेक और पुराने चोर घरों के बाहर बने पानी की निकासी वाले पाइपों और नालियों की नमी को बेहद बारीकी से सूंघते और देखते हैं। यदि किसी घर के आंगन या मुख्य द्वार से बाहर गली में आने वाली नाली पूरी तरह से सूखी हुई, कड़क और धूल से अटी हुई मिलती है, तो शातिर चोरों का दिमाग तुरंत यह भांप लेता है कि इस घर के भीतर पिछले चौबीस या अड़तालीस घंटों से एक बूंद पानी का भी इस्तेमाल बिल्कुल नहीं हुआ है। पानी की नाली का पूरी तरह से सूखा होना अपराधियों के लिए इस बात का सबसे बड़ा और अंतिम वैज्ञानिक प्रमाण बन जाता है कि घर पूरी तरह खाली है, जिसके बाद वे बेखौफ होकर रात के सन्नाटे में कटर और मास्टर चाबी की मदद से ताले चटकाकर चोरी की बड़ी और सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दे देते हैं।
चोरों के इन तमाम खतरनाक और नापाक मंसूबों को पूरी तरह से मटियामेट करने और जनता की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए काशीपुर पुलिस ने स्थानीय नागरिकों के सामने बेहद कड़े, व्यावहारिक और सुरक्षात्मक उपाय रखते हुए एक जरूरी गाइडलाइन जारी की है। पुलिस प्रशासन ने कड़े शब्दों में अपील करते हुए कहा है कि जब भी आप गर्मियों की छुट्टियों में सपरिवार घर से बाहर जाएं, तो सबसे पहले अपने घर के मुख्य द्वार पर बाहर की तरफ भूलकर भी कोई ताला न लटकाएं, बल्कि ताले को अंदरूनी कुंडी या इंटरलॉक सिस्टम के जरिए अंदर से इस तरह बंद करें कि बाहर से देखने वाले को घर के बंद होने का कतई अहसास न हो। इसके साथ ही, पुलिस ने अपनी दूसरी सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा टिप देते हुए कहा है कि घर छोड़ने से पहले अपने आस-पड़ोस के किसी बेहद भरोसेमंद पड़ोसी या करीबी रिश्तेदार को अपने घर की एक डुप्लीकेट चाबी जरूर देकर जाएं, जिससे कि वे आपके पीछे से रोज़ाना सुबह-शाम आपके दरवाजे पर आने वाले अखबारों और डांक को एक जगह इकट्ठा न होने दें और उन्हें उठाकर तुरंत अंदर रख सकें ताकि बाहर से घर पूरी तरह गुलजार दिखाई दे।
इसके साथ ही, काशीपुर पुलिस ने नाली सूखने वाले चोरों के उस सबसे बड़े और शातिर दांव को पूरी तरह से फेल करने के लिए जनता को एक बेहद अनूठा और कड़क नुस्खा सुझाया है। पुलिस विभाग का कहना है कि आप अपने जिस पड़ोसी या विश्वासपात्र मित्र को अपने घर की चाबियां सौंपकर जा रहे हैं, उन्हें इस बेहद जरूरी बात से भी पूरी तरह अवगत करा दें और विशेष अनुरोध कर दें कि वे आपके बंद घर का ताला खोलकर दिन में कम से कम दो से तीन बार बीच-बीच के तय अंतरालों पर घर के नलों को कुछ मिनटों के लिए जरूर चालू कर दें। ऐसा करने से घर के भीतर लगे वाशबेसिन और आंगन का पानी नियमित रूप से बहकर बाहर की मुख्य नाली तक आता रहेगा, जिससे नाली हमेशा गीली और सक्रिय नजर आएगी। जब नाली से ताजा पानी बहता रहेगा, तो रेकी करने वाले शातिर चोर यह समझने पर पूरी तरह मजबूर हो जाएंगे कि घर के भीतर कोई न कोई व्यक्ति मौजूद है और पानी का इस्तेमाल लगातार हो रहा है, जिससे डरकर चोर उस गली से नौ दो ग्यारह हो जाएंगे और कभी भी अपने बुरे मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाएंगे।





