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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी पथ संचलन ने देशभक्ति और एकता की अलख जगाई

सैकड़ों स्वयंसेवकों के संगठित पथ संचलन ने नगरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया, राष्ट्रप्रेम और अनुशासन का अद्भुत अनुभव कराते हुए समाज में एकता की भावना बढ़ाई।

काशीपुर। देशभर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर उत्साह का जोश अपने चरम पर दिखाई दे रहा है। देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं इस अवसर को हर्षाेल्लास और परंपरागत गौरव के साथ मना रही हैं। इसी श्रृंखला में देवभूमि उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में भी विभिन्न स्थानों पर संघ के पथ संचलन का भव्य आयोजन किया गया, जिसने वातावरण को देशभक्ति की ऊर्जा से भर दिया। रविवार की शाम काशीपुर में रामनगर रोड स्थित श्री रामलीला मैदान से प्रारंभ हुआ यह पथ संचलन अनुशासन और एकता का अप्रतिम उदाहरण बन गया। शाम ठीक 5:30 बजे जैसे ही स्वयंसेवकों ने कदमताल के साथ संचलन आरंभ किया, पूरा नगर राष्ट्रभाव से गूंज उठा। यह यात्रा चीमा चौराहा, कटोराताल रोड, माता मंदिर रोड, रतन सिनेमा रोड, मुल्तानी मोड़, मुंशीराम का चौराहा, मुख्य बाजार, नगर निगम रोड, कोतवाली रोड और महाराणा प्रताप चौक से होती हुई पुनः रामलीला मैदान में आकर संपन्न हुई। मार्ग में सैकड़ों नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया और ‘भारत माता की जय’ के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया।

इस अवसर पर स्वयंसेवक कृष्ण कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह क्षण प्रत्येक राष्ट्रभक्त के लिए गौरव का अवसर है, क्योंकि हम राष्ट्रीय सेवक संगठन के शताब्दी वर्ष के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी के शुभ दिन वर्ष 1925 में पूजनीय डॉ. हेडगेवार ने नागपुर में केवल पाँच स्वयंसेवकों के साथ संघ की नींव रखी थी, जो आज विश्वव्यापी वटवृक्ष के रूप में विकसित हो चुका है। अग्रवाल ने बताया कि संघ की सबसे बड़ी पहचान उसकी आत्मनिर्भरता और अनुशासन है, जो उसे किसी भी अन्य संगठन से अलग बनाती है। उन्होंने कहा कि संघ कभी किसी से आर्थिक सहयोग नहीं मांगता, बल्कि अपने स्वयंसेवकों की निष्ठा और समर्पण से आगे बढ़ता है। सौ वर्षों में जिस पौधे को डॉ. हेडगेवार ने रोपा था, वह आज समाज की एकता, संस्कृति और राष्ट्र गौरव की छाया बन चुका है।

अग्रवाल ने कहा कि संघ ने हिंदू समाज में चेतना का जो दीप जलाया है, उसने राष्ट्र को एक नई दिशा दी है। देश के हर वर्ग में संघ के स्वयंसेवकों ने सेवा, समर्पण और संगठन की भावना से कार्य कर समाज को जोड़ने का कार्य किया है। राहुल गांधी के ताजा बयानों पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि राहुल गांधी क्या कहते हैं, यह उनकी सोच का दर्पण है, लेकिन इतिहास गवाह है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू जैसे नेता भी संघ की शाखा में गए थे और उन्होंने इसे अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण का आदर्श संगठन बताया था। उन्होंने कहा कि संघ किसी दल या सत्ता का विरोधी नहीं, बल्कि केवल राष्ट्रहित में कार्य करने वाला संगठन है, जो हमेशा समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहेगा।

वहीं, स्वयंसेवक चिमन लाल छाबड़ा ने कहा कि काशीपुर की यह विशाल सभा संघ की संगठन क्षमता और जनता के अटूट विश्वास की जीवंत झलक है। उन्होंने बताया कि आज संघ का विस्तार विश्व के चालीस से अधिक देशों तक पहुंच चुका है, जहां समाजसेवा, शिक्षा और राष्ट्रचेतना के क्षेत्र में उसका कार्य अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि देश की बागडोर एक ऐसे प्रधानमंत्री के हाथों में है, जो स्वयं संघ के स्वयंसेवक रहे हैं और जिन्होंने राष्ट्रसेवा को अपना सर्वाेच्च कर्तव्य माना है। छाबड़ा ने कहा कि संघ केवल शाखाओं का जाल नहीं, बल्कि अनुशासन, एकता और समर्पण की भावना से प्रेरित एक जीवंत विचारधारा है, जिसने हर भारतीय के मन में राष्ट्रप्रेम की ज्योति जलाई है।

राहुल गांधी द्वारा दिए गए हालिया बयानों को लेकर उन्होंने कहा कि यदि भारत में लोकतंत्र वास्तव में समाप्त हो गया होता, तो राहुल गांधी विदेश जाकर भारत विरोधी टिप्पणियां कैसे कर पाते? यही प्रमाण है कि भारत में लोकतंत्र पहले से अधिक सशक्त और जागरूक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1963 में जब चीन युद्ध के बाद देश कठिन समय से गुजर रहा था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संघ की परेड में तीन हजार स्वयंसेवकों को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया था। यह घटना इस बात की साक्षी है कि संघ ने सदैव राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखा है। छाबड़ा ने कहा कि सच्चा लोकतंत्र वही है जिसमें राष्ट्र की एकता, नागरिकों की स्वतंत्रता और संगठन की सेवा भावना एक साथ फले-फूले कृ और आज भारत उसी सशक्त लोकतंत्र का प्रत्यक्ष उदाहरण है।

इस अवसर पर काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने कहा कि संघ का यह आयोजन केवल परंपरा का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम की चेतना का उत्सर्जन है। उन्होंने कहा कि आज हर नागरिक के हृदय में जो देशभक्ति और राष्ट्रवाद की भावना देखी जा रही है, उसके पीछे संघ की दशकों की तपस्या और संगठन शक्ति है। बाली ने बताया कि काशीपुर के विभिन्न इलाकों से सैकड़ों लोग रामलीला मैदान पहुंचे, जिन्होंने अपने उत्साह और भागीदारी से यह सिद्ध कर दिया कि समाज का हर वर्ग संघ के प्रति सम्मान और विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि संघ ने पिछले सौ वर्षों में समाज को जोड़ने, संस्कार देने और सेवा की भावना जगाने का जो कार्य किया है, वह अतुलनीय है। यदि आज देश का हर बच्चा राष्ट्र की बात करता है, देशभक्ति के भाव से प्रेरित है, तो इसके पीछे संघ की वही मजबूत नींव है जिसने राष्ट्रप्रेम को समाज की रगों में प्रवाहित किया है।

काशीपुर में आयोजित यह भव्य पथ संचलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की जीवंत झांकी बन गया। सैकड़ों स्वयंसेवकों की संगठित पंक्तियाँ जब केसरिया ध्वज के साथ एक स्वर में आगे बढ़ीं, तो पूरा नगर राष्ट्रभाव और देशभक्ति की भावना से सराबोर हो उठा। गलियों से लेकर चौकों तक नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर इस आयोजन का स्वागत किया, जिससे माहौल में अद्भुत ऊर्जा और गर्व का संचार हुआ। यह पथ संचलन इस बात का सशक्त प्रतीक बन गया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष केवल बीते सौ वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाले भारत के आत्मविश्वास, संगठन शक्ति और एकता का दर्पण है। इस ऐतिहासिक क्षण ने यह स्पष्ट कर दिया कि संघ की विचारधारा आज भी समाज के हर वर्ग में जीवंत है और उसका उद्देश्य राष्ट्र की सेवा के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहना है।

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कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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