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मोहम्मद ताहिर सिद्दीकी के निधन से रामनगर के व्यापारिक और सामाजिक जगत में छाया गहरा शोक

देवभूमि व्यापार मंडल सभागार में शोकसभा कर साथियों ने कौमी एकता, इंसानियत और सामाजिक सरोकारों में उनके योगदान को याद किया, दो मिनट मौन रखकर दी भावभीनी श्रद्धांजलि।

रामनगर। देवभूमि व्यापार मंडल रामनगर के महामंत्री मोहम्मद ताहिर सिद्दीकी के आकस्मिक निधन से व्यापारिक जगत के साथ ही सामाजिक और विभिन्न वर्गों में शोक की लहर है। उनके निधन पर देवभूमि व्यापार मंडल सभागार में शोक सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा में मौजूद वक्ताओं ने मोहम्मद ताहिर सिद्दीकी के व्यक्तित्व और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि वह केवल व्यापारिक संगठन से जुड़े पदाधिकारी नहीं थे, बल्कि कौमी एकता, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की मजबूत पहचान के रूप में अपनी अलग जगह रखते थे। उनके असमय चले जाने को व्यापार मंडल और समाज के लिए ऐसी क्षति बताया गया, जिसकी भरपाई आसान नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि मोहम्मद ताहिर सिद्दीकी ने अपने व्यवहार, विचारों और सामाजिक सक्रियता से लोगों के बीच जो विश्वास बनाया, वह लंबे समय तक याद किया जाएगा। व्यापारियों से जुड़े विषयों को लेकर उनकी सक्रियता और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ सहज संवाद उनकी विशेष पहचान थी। उनके निधन की खबर से परिचित लोगों में गहरा दुःख व्याप्त है और शोक सभा में माहौल काफी भावुक नजर आया।

सभा में वक्ताओं ने मोहम्मद ताहिर सिद्दीकी के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को स्मरण करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व सादगी, मिलनसारिता और इंसानियत का सुंदर उदाहरण था। उन्होंने सामाजिक सरोकारों को केवल चर्चा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जरूरत के समय लोगों के साथ खड़े होकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनके संघर्ष और समाज के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा गया कि वह हर वर्ग के लोगों से आत्मीयता के साथ मिलते थे और उनके व्यवहार में किसी प्रकार का भेदभाव दिखाई नहीं देता था। यही कारण रहा कि व्यापारिक समुदाय के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी उन्होंने सम्मान अर्जित किया। वक्ताओं के अनुसार मोहम्मद ताहिर सिद्दीकी की सबसे बड़ी विशेषताओं में लोगों को जोड़ने की क्षमता थी। वह संवाद और सहयोग के माध्यम से समस्याओं का समाधान तलाशने में विश्वास रखते थे। कौमी एकता और भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में उनकी भूमिका को विशेष रूप से याद किया गया। कहा गया कि उनके जाने से केवल एक पदाधिकारी का निधन नहीं हुआ, बल्कि सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा एक ऐसा चेहरा भी हमेशा के लिए दूर हो गया, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस होती रहेगी।

शोक सभा के दौरान मौजूद लोगों ने कहा कि मोहम्मद ताहिर सिद्दीकी की सहज कार्यशैली और आत्मीय व्यवहार उन्हें दूसरों से अलग पहचान देता था। व्यापार मंडल की गतिविधियों में उनकी भागीदारी के साथ सामाजिक विषयों पर उनकी गंभीरता भी लगातार दिखाई देती रही। वक्ताओं ने उनके संघर्षशील स्वभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में आने वाली परिस्थितियों का सामना धैर्य और दृढ़ता के साथ किया तथा समाज के हित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया। उनके साथ जुड़े लोगों ने उनके व्यक्तित्व की उन यादों को भी साझा किया, जिनमें उनकी सरल बातचीत, सभी से अपनापन रखने की प्रवृत्ति और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता प्रमुख रही। सभा में यह भावना भी सामने आई कि किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि समाज और लोगों के बीच उसके व्यवहार तथा योगदान से बनती है और इस कसौटी पर मोहम्मद ताहिर सिद्दीकी ने अपनी अलग छाप छोड़ी। उनके निधन को रामनगर के सामाजिक और व्यापारिक परिवेश के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनके विचार, कार्यशैली और इंसानियत से जुड़ी स्मृतियां आने वाले समय में भी लोगों को उनकी याद दिलाती रहेंगी।

अंत में शोक सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत मोहम्मद ताहिर सिद्दीकी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उपस्थित लोगों ने अल्लाह परवरदिगार से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान हो तथा उनके परिवार और परिजनों को इस अत्यंत कठिन और असहनीय समय में दुःख सहने की शक्ति मिले। सभा में मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर उनके निधन का दुःख साफ दिखाई दिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि किसी अपने का अचानक चले जाना परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े पूरे सामाजिक दायरे के लिए गहरी पीड़ा का कारण बनता है। मोहम्मद ताहिर सिद्दीकी के साथ लंबे समय से जुड़े लोगों ने उनकी यादों को संजोते हुए कहा कि उनके साथ बिताया समय और उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य हमेशा स्मरण किए जाते रहेंगे। शोक सभा में मनमोहन अग्रवाल, मनिंदर सिंह सेठी, हरमिन्दर सिंह आनंद (संटी), बलविंदर सिंह कोहली, प्रभात ध्यानी, रवि, गिरीश आर्या, ललित उप्रेती, ललिता रावत, लाल मणि, किरन, उबेदुल हक़ और देवेंद्र सेठी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति प्रकट की और इस कठिन घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने की भावना व्यक्त की।

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