हरिद्वार। महानगर कि राजनीति में इन दिनों असाधारण हलचल और उत्साह का माहौल बना हुआ है, जिसकी वजह आगामी 7 मार्च को बैरागी कैंप में आयोजित होने वाली विशाल जनसभा है। केंद्र सरकार के गृह मंत्री माननीय अमित शाह की इस रैली को लेकर भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में अभूतपूर्व सक्रियता देखी जा रही है। इसी क्रम में हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र के चारों मंडलों द्वारा एक व्यापक तैयारी बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नगर विधायक मदन कौशिक ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हरिद्वार की संगठनात्मक ताकत, कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता और जनसमर्थन का बड़ा प्रदर्शन होगी। उन्होंने कहा कि जब देश के गृह मंत्री स्वयं देवभूमि हरिद्वार आ रहे हैं, तो यह प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। इस रैली के माध्यम से राष्ट्र की सुरक्षा, विकास और मजबूत नेतृत्व का संदेश आम जनता तक पहुंचेगा, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।
तैयारी बैठक में मदन कौशिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को इस जनसभा के लिए 12,000 लोगों की सहभागिता का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य सुनने में बड़ा जरूर लग सकता है, लेकिन हरिद्वार के कार्यकर्ताओं की मेहनत, अनुशासन और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए यह पूरी तरह संभव है। इसी उद्देश्य से चारों मंडलों में रैली संयोजकों की नियुक्ति पहले ही कर दी गई है, ताकि जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा हो सके और कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़े। कनखल मंडल में पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, सप्त ऋषि मंडल में जिला महामंत्री हीरा सिंह बिष्ट, अंबेडकर मंडल में जिला उपाध्यक्ष तरुण नैयर तथा मध्य हरिद्वार मंडल में भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी को रैली संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। विधायक ने कहा कि ये सभी अनुभवी और सक्रिय नेता हैं, जिनके नेतृत्व में रैली की तैयारियां मजबूती से आगे बढ़ेंगी।
बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि रैली की तैयारी केवल मंच और भीड़ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना है। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान तेज करें, घर-घर जाकर लोगों को रैली के महत्व के बारे में बताएं और अधिक से अधिक नागरिकों को बैरागी कैंप पहुंचने के लिए प्रेरित करें। मदन कौशिक ने यह भी कहा कि हरिद्वार धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना का केंद्र रहा है, ऐसे में यहां से उठने वाली आवाज का प्रभाव पूरे देश में जाता है। इस जनसभा के माध्यम से हरिद्वार एक बार फिर यह संदेश देगा कि वह राष्ट्रहित के मुद्दों पर पूरी मजबूती से केंद्र सरकार के साथ खड़ा है।
तैयारी बैठक में हरिद्वार नगर निगम की महापौर किरण जैसल ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रैली की सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि नगर निगम के सभी पार्षदों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने वार्डों में तैयारी बैठकें आयोजित करें और जनसभा को लेकर आम जनता में उत्साह पैदा करें। महापौर ने कहा कि यह हरिद्वार के लिए सौभाग्य का विषय है कि देश के गृह मंत्री स्वयं यहां आकर कार्यकर्ताओं और नागरिकों को मार्गदर्शन देने वाले हैं। ऐसे अवसर बार-बार नहीं आते, इसलिए इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि वार्ड स्तर पर बैठकें आयोजित कर रैली से जुड़ी व्यवस्थाओं, परिवहन, समय और अनुशासन से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी, ताकि जनसभा के दिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
महापौर किरण जैसल ने अपने संबोधन में यह भी रेखांकित किया कि रैली केवल राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और संगठनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस जनसभा के माध्यम से केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और विकास के विजन को आम जनता तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। पार्षदों और कार्यकर्ताओं से उन्होंने आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में समन्वय बनाकर कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि हर वर्ग, हर समाज और हर आयु वर्ग के लोग इस जनसभा में शामिल हों। उनके अनुसार, जब नगर निगम, संगठन और कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करते हैं, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल करना कठिन नहीं होता।
इसी क्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप गोयल ने जानकारी दी कि 5 मार्च को हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र के चारों मंडलों में अलग-अलग तैयारी बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में रैली की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा और कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन बैठकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 7 मार्च को होने वाली जनसभा में हर कार्यकर्ता अपनी भूमिका को पूरी गंभीरता से निभाए। संदीप गोयल ने कहा कि रैली की सफलता संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की मेहनत पर निर्भर करती है, इसलिए सभी को व्यक्तिगत अहंकार से ऊपर उठकर सामूहिक लक्ष्य के लिए काम करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह रैली आने वाले समय में हरिद्वार की राजनीतिक दिशा को प्रभावित करने वाली साबित हो सकती है।
तैयारी बैठक में उपस्थित अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए और रैली को सफल बनाने के लिए सुझाव दिए। भाजपा मंडल अध्यक्ष तुषांक भट्ट, किशन बजाज, प्रशांत शर्मा और राजेंद्र कटारिया ने संगठनात्मक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। पार्षद सुनील अग्रवाल गुड्डू ने वार्ड स्तर पर जनसंपर्क अभियान को और तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि वरिष्ठ नेता अनिरुद्ध भाटी ने कार्यकर्ताओं से अनुशासन और समयपालन का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया। युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल ने युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही और कहा कि युवा शक्ति किसी भी रैली की ऊर्जा होती है। पीएस गिल, पार्षद दीपक शर्मा, ललित रावत, आकाश भाटी और सचिन कुमार ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों की जानकारी साझा की और भरोसा दिलाया कि रैली के दिन हरिद्वार से रिकॉर्ड संख्या में लोग पहुंचेंगे।
बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि जनसभा के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया, स्थानीय संपर्क और प्रत्यक्ष संवाद सभी माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। कार्यकर्ताओं को यह जिम्मेदारी दी गई कि वे लोगों को रैली के समय, स्थान और उद्देश्य के बारे में स्पष्ट जानकारी दें, ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे। नेताओं ने कहा कि बैरागी कैंप की यह रैली केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि लंबे समय तक संगठन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का माध्यम बनेगी। इसके जरिए हरिद्वार की जनता को यह संदेश मिलेगा कि उनका क्षेत्र राष्ट्रीय राजनीति में कितनी अहम भूमिका निभाता है।
तैयारी बैठक का समापन पूर्ण उत्साह और दृढ़ संकल्प के साथ हुआ। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि आने वाले दिनों में हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र का कोई भी वार्ड, कोई भी मोहल्ला और कोई भी बूथ ऐसा नहीं रहेगा, जहां तक रैली का संदेश न पहुंचे। जिस प्रकार की सक्रियता और प्रतिबद्धता इस बैठक में देखने को मिली, उससे यह साफ है कि 7 मार्च को बैरागी कैंप में होने वाली जनसभा हरिद्वार के राजनीतिक इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज होगी। यह आयोजन न केवल संख्या के लिहाज से, बल्कि संदेश, ऊर्जा और प्रभाव के स्तर पर भी ऐतिहासिक साबित होने की पूरी संभावना रखता है।





