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पुलिस का महाधमाका 12 घंटे में दबोचे बिजली चोर और बरामद किया 45 कुंतल तार

उधमसिंहनगर पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर स्कॉर्पियो सवार शातिर गिरोह को दबोचते हुए कुण्डेश्वरी और कुण्डा से चोरी हुए भारी भरकम विद्युत केबिलों को बरामद कर सलाखों के पीछे पहुँचाकर अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है।

काशीपुर। उधमसिंहनगर पुलिस ने अपराध के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को चरितार्थ करते हुए काशीपुर और कुण्डा क्षेत्र में बिजली के तारों के आतंक का पर्याय बने गिरोह को मात्र 12 घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचाकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस की कार्यकुशलता और सूचना तंत्र की मजबूती का ऐसा प्रमाण है जिसने अपराधियों के हौसलों को पस्त कर दिया है। 9 अप्रैल 2026 को जब कुंडेश्वरी उप केंद्र के अवर अभियंता श्री अकरम पुत्र नवाब अली ने कोतवाली काशीपुर में महादेव नगर क्षेत्र से 08 विद्युत पोलों से लगभग 15 कुंतल हाई टेंशन केबिल चोरी होने की तहरीर दी, तो पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इसके साथ ही कुण्डा थाना क्षेत्र से भी भारी मात्रा में तार चोरी की एक अन्य वारदात सामने आई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कड़े रुख को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक श्री हरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में एक संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसने न केवल चोरी की गुत्थी सुलझाई बल्कि 45 कुंतल वजन के विशालकाय केबिल भंडार के साथ दो शातिर अभियुक्तों को दबोच लिया।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की पटकथा तब लिखी गई जब एसटीएफ कुमाऊं यूनिट रुद्रपुर, काशीपुर पुलिस और कुण्डा पुलिस ने आपसी समन्वय स्थापित कर जाल बिछाया। मुखबिर की सटीक सूचना पर 9 और 10 अप्रैल की दरम्यानी रात रुद्रपुर के धर्मपुर द्वारिका कॉलोनी के पास पुलिस टीम ने घेराबंदी की, जहाँ से दो प्रमुख आरोपियों, आफताब अली पुत्र स्व0 श्री मौहम्मद अली और जीशान पुत्र नसीर अहमद को गिरफ्तार किया गया। इन अभियुक्तों के पास से न केवल काशीपुर से चोरी हुए 15 कुंतल तार बरामद हुए, बल्कि कुण्डा क्षेत्र से गायब किए गए 30 कुंतल तार भी मिले। पकड़े गए आरोपियों की उम्र क्रमशः 43 और 22 वर्ष है, जो रुद्रपुर के ही अलग-अलग मोहल्लों के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से चोरी में प्रयुक्त किए जाने वाले कटर, कैंची और अन्य आधुनिक उपकरण भी बरामद किए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह अत्यंत सुनियोजित तरीके से विद्युत लाइनों को निशाना बना रहा था, जिससे सरकार को लाखों की क्षति पहुँच रही थी।

इस सनसनीखेज खुलासे में सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपियों द्वारा प्रयुक्त किए गए लग्जरी और मालवाहक वाहन हैं। पुलिस ने मौके से एक स्कॉर्पियो कार संख्या UK 18D- 4683 और एक पिकअप वाहन संख्या UP25ET-3009 को जब्त किया है, जिनका उपयोग तार काटकर फरार होने और भारी वजन वाले माल को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था। आफताब अली, जो जोशी किराना स्टोर के पास 15 एकड़ क्षेत्र का निवासी है, इस गिरोह के मास्टरमाइंड के रूप में देखा जा रहा है, जबकि भदईपुरा निवासी जीशान उसका सक्रिय सहयोगी था। पुलिस ने इन दोनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 324(3) के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। उधमसिंहनगर पुलिस की इस जांबाजी ने यह संदेश साफ कर दिया है कि जिले की कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और 12 घंटे का यह सफल अनावरण विभाग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बनकर उभरा है।

सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली इस संयुक्त टीम में उ0नि0 मनोज सिंह धोनी और एसटीएफ के उप निरीक्षक विपिन जोशी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही, जिन्होंने फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर अपराधियों की लोकेशन ट्रैक की। कुण्डा क्षेत्र से अपर उपनिरीक्षक रवीश राम और उनके सहयोगियों ने भी दिन-रात एक कर साक्ष्य जुटाए। बरामदगी की सूची इतनी लंबी है कि पुलिस को इसे सूचीबद्ध करने में घंटों लग गए। बरामद 45 कुंतल तार की कीमत बाजार में लाखों रुपये आंकी जा रही है। टीम में कानि0 जगदीश पपनै, मुकेश कुमार, राजीव कुमार और राजेश भट्ट जैसे जांबाज सिपाही भी शामिल थे, जिन्होंने घेराबंदी के दौरान अपराधियों को भागने का कोई मौका नहीं दिया। एसटीएफ की ओर से हेड कानि0 महेंद्र, रविंद्र और किशोर ने भी तकनीकी सहायता प्रदान कर इस रेड को सफल बनाया। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इन चोरी के तारों को खरीदने वाले कबाड़ी और बिचौलिए कौन हैं, ताकि इस पूरे नेक्सस को जड़ से खत्म किया जा सके।

अवर अभियंता अकरम द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी नं0 131/2026 और कुण्डा थाने की एफआईआर नं0 100/2026 अब इन अपराधियों के काल कोठरी तक पहुँचने का आधार बनेगी। पकड़े गए अभियुक्त आफताब अली और जीशान को आज कड़ी सुरक्षा के बीच माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। काशीपुर एसपी और क्षेत्राधिकारी बाजपुर के प्रत्यक्ष निर्देशन में चली इस मुहिम ने स्थानीय जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और सुदृढ़ किया है। बिजली विभाग ने भी पुलिस की इस मुस्तैदी की सराहना की है, क्योंकि तार चोरी से न केवल राजस्व का नुकसान होता है बल्कि आम जनता को भी अंधकार और बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। फिलहाल पुलिस की टीमें जिले के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने पूर्व में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग का मिश्रण अपराधियों के लिए कितना घातक हो सकता है। रुद्रपुर के भदईपुरा और धर्मपुर जैसे इलाकों में छिपे इन अपराधियों को पुलिस ने जिस सफाई से पकड़ा, उसने अपराध जगत में खलबली मचा दी है। बरामदगी के विवरण में 15 कुंतल काशीपुर का माल और 30 कुंतल कुण्डा का माल शामिल होना इस बात की पुष्टि करता है कि एक ही रात में कई स्थानों पर वारदात करना इस गिरोह की कार्यशैली थी। घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार का नंबर UK18D-4683 अब पुलिस रिकॉर्ड में एक महत्वपूर्ण सुराग बन गया है, जिससे इनके पुराने अपराधों की कड़ियाँ भी जोड़ी जा रही हैं। उधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने पूरी टीम को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की है, जिससे पुलिस बल के मनोबल में भारी वृद्धि हुई है और जनता ने राहत की सांस ली है।

पुलिस का बड़ा एक्शन महज़ बारह घंटों में सलाखों के पीछे पहुँचे शातिर बिजली चोर

45 कुंतल बिजली के तारों की इस विशालकाय बरामदगी और दो मुख्य चेहरों की गिरफ्तारी के बाद अब काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों में विद्युत लाइनों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आफताब अली और जीशान से पूछताछ के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है जो जिले के अन्य चोरी के मामलों का भी खुलासा कर सकते हैं। पुलिस टीम के सदस्यों जिनमें उ0नि0 मनोज सिंह धोनी, विपिन जोशी और हेड कानि0 किशोर शामिल हैं, उनकी कार्यशैली की चहुंओर प्रशंसा हो रही है। यह समाचार न केवल एक पुलिस कार्रवाई का विवरण है, बल्कि यह उन लोगों के लिए चेतावनी भी है जो सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का दुस्साहस करते हैं। काशीपुर पुलिस ने दिखा दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो और नेतृत्व कुशल, तो 12 घंटे भी अपराधियों को धूल चटाने के लिए पर्याप्त होते हैं। अब पूरे प्रदेश की नजरें इस मामले में होने वाली अगली वैधानिक कार्यवाहियों पर टिकी हैं।

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