रामनगर। ऐतिहासिक पायते वाली रामलीला कमेटी की पंचवर्षीय कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। रविवार को होने वाले मतदान में करीब 1100 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल 15 सदस्यों वाली कार्यकारिणी के लिए आजीवन सदस्यों के सात पदों पर प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि ऑडिटर पद पर एडवोकेट हिमांशु अग्रवाल भी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। अब चुनावी मुकाबला आठ पंचवर्षीय सदस्य पदों पर केंद्रित है, जहां 16 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान से पहले प्रत्याशियों ने मतदाताओं से संपर्क तेज कर दिया है और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए लगातार अपील की जा रही है। रामनगर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी पायते वाली रामलीला कमेटी की नई कार्यकारिणी अगले पांच वर्षों तक इसके संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेगी। ऐसे में चुनाव को लेकर मतदाताओं में भी उत्सुकता बनी हुई है। प्रत्याशी रामलीला को बेहतर स्वरूप देने, धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को विस्तार देने तथा आयोजन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के दावे कर रहे हैं। अंतिम दौर में पहुंच चुके प्रचार अभियान ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।
कोसी रोड स्थित कमेटी के चुनाव में पिछले कई दिनों से प्रत्याशी व्यक्तिगत संपर्क के साथ अपने समर्थकों के जरिए भी मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं। आठ पदों के लिए आमने-सामने खड़े 16 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि निर्वाचित सदस्यों को आगामी पांच वर्षों तक कमेटी की कार्यकारिणी में जिम्मेदारी निभानी होगी। उम्मीदवारों की ओर से रामलीला के आयोजन को अधिक प्रभावी बनाने और धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने को लेकर अपनी प्राथमिकताएं मतदाताओं के सामने रखी जा रही हैं। चुनावी प्रचार के अंतिम चरण में प्रत्याशी अधिक से अधिक सदस्यों का समर्थन हासिल करने की कोशिश में जुटे हैं। करीब 1100 मतदाताओं के बीच किस प्रत्याशी के पक्ष में कितना समर्थन है, इसकी वास्तविक तस्वीर मतदान के बाद ही सामने आएगी। हालांकि चुनावी गतिविधियों से इतना जरूर स्पष्ट है कि इस बार आठ पदों के लिए होने वाला मुकाबला आसान नहीं है। मतदाताओं के सामने कई विकल्प हैं और प्रत्येक उम्मीदवार अपने पक्ष में अधिकतम समर्थन जुटाने की रणनीति पर काम कर रहा है। रविवार का मतदान इसलिए भी अहम होगा क्योंकि इसके साथ लंबे समय से चल रहा चुनाव प्रचार निर्णायक दौर में प्रवेश करेगा और परिणाम आने के बाद नई कार्यकारिणी का स्वरूप पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा।
चुनाव को लेकर 88 सदस्यों के दो समूहों की सक्रियता ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है। दोनों समूह अपने-अपने समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में मतदाताओं से संपर्क कर मतदान की अपील कर रहे हैं। समूहों की सक्रियता के चलते चुनाव में व्यक्तिगत प्रत्याशियों के साथ सामूहिक रणनीति भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मतदाताओं के बीच भी यह चर्चा बनी हुई है कि आठ पदों पर कौन से उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे और नई कार्यकारिणी में किस समूह की स्थिति मजबूत होगी। हालांकि अंतिम फैसला मतदाता अपने मत के जरिए करेंगे। मतदान के बाद सामने आने वाले परिणाम यह तय करेंगे कि आगामी पांच वर्षों में पायते वाली रामलीला कमेटी के संचालन की जिम्मेदारी किन सदस्यों को मिलेगी। धार्मिक आयोजन की परंपरा को बनाए रखते हुए आधुनिक व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा, इस पर भी नई कार्यकारिणी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। यही वजह है कि चुनावी मुकाबले पर रामनगर के लोगों की नजर बनी हुई है। प्रचार अभियान अब अंतिम चरण में है और प्रत्याशी मतदान से पहले अपने संपर्क अभियान को पूरी ताकत से अंजाम देने में जुटे हैं। मतदाताओं का रुख किस ओर जाता है, यह रविवार को मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।
निवर्तमान अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष पहले रामनगर की जनता ने उन्हें अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने बताया कि इस दौरान टीम के साथ मिलकर पायते वाली रामलीला को व्यापक स्वरूप देने और इसकी मजबूत नींव तैयार करने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार रामलीला रामनगर की धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। लंबे समय तक कमेटी से जुड़े रहने के बाद अब चुनावी प्रक्रिया के जरिए नई कार्यकारिणी का गठन होने जा रहा है। राजीव अग्रवाल का कहना है कि चुनाव में मतदाताओं का फैसला आने वाले समय की दिशा निर्धारित करेगा। नई टीम के सामने रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ आयोजन की व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी होगी। उनके बयान के बाद अब चुनावी प्रक्रिया का केंद्र पूरी तरह मतदाताओं के निर्णय पर आ गया है। आठ पदों के लिए होने वाला मतदान यह तय करेगा कि अगले पांच वर्षों तक कमेटी की कार्यप्रणाली में किन सदस्यों की प्रमुख भूमिका रहेगी। निर्विरोध चुने जा चुके सदस्यों के बाद अब प्रतिस्पर्धा वाले पदों का परिणाम नई कार्यकारिणी की तस्वीर पूरी करेगा।
अब रविवार के मतदान पर सभी की निगाहें टिकी हैं। करीब 1100 मतदाता आठ पंचवर्षीय सदस्य पदों के लिए अपने मत का इस्तेमाल करेंगे, जबकि 16 प्रत्याशी अपनी जीत के लिए मैदान में हैं। सात आजीवन सदस्य पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं और ऑडिटर पद पर एडवोकेट हिमांशु अग्रवाल का निर्विरोध निर्वाचन भी हो चुका है। ऐसे में चुनावी गतिविधियों का मुख्य केंद्र आठ प्रतिस्पर्धी पद बन गए हैं। 88 सदस्यों के दो समूहों की सक्रियता ने मुकाबले को अतिरिक्त दिलचस्पी दे दी है। प्रत्याशी अपने दावों और भविष्य की योजनाओं के साथ मतदाताओं का समर्थन हासिल करने में जुटे हैं। मतदान के बाद आने वाला परिणाम न केवल विजयी प्रत्याशियों के नाम तय करेगा, बल्कि अगले पांच वर्षों के लिए पायते वाली रामलीला कमेटी की कार्यदिशा भी निर्धारित करेगा। रामनगर में चुनाव को लेकर बनी उत्सुकता अब मतदान के दिन अपने चरम पर होगी। इसके बाद मतगणना के परिणाम से साफ हो जाएगा कि मतदाताओं ने किन आठ चेहरों पर भरोसा जताया है और नई कार्यकारिणी में किस तरह का संतुलन बनता है। फिलहाल प्रचार अभियान अंतिम दौर में है और प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ मतदाताओं को साधने में पूरी ताकत लगा रहे हैं।





