काशीपुर। सामाजिक उत्तरदायित्व और जरूरतमंदों के लिए संवेदनशीलता का प्रतीक बनकर परिवर्तन बी द चेंज संस्था ने एक महत्वपूर्ण पहल को अंजाम दिया। संस्था ने इंडिया ग्लाईकॉज लिमिटेड (आईजीएल) के सहयोग से ग्राम ढकिया गुलाबो स्थित एक स्कूल में सर्दी से बचाव हेतु कंबल वितरण और पौधारोपण का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य न केवल जरूरतमंद महिलाओं को ठंड से सुरक्षा प्रदान करना था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के महत्व को भी समाज के सामने उजागर करना रहा। सैकड़ों महिलाओं ने इस आयोजन में भाग लिया और अपने जीवन में पहली बार गर्म कंबल पाने का सुख अनुभव किया। कार्यक्रम स्थल पर ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का वातावरण बना हुआ था, जिसमें सहभागी और दर्शक दोनों ही संगठन के प्रयासों से प्रभावित दिखाई दे रहे थे।
परिवर्तन बी द चेंज संस्था की संस्थापक पूनम मंझारिया ने इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान समाज के कमजोर वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि सर्दियों में ठंड के कारण महिलाओं और बच्चों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसे कम करने के लिए इस तरह के शिविर बेहद आवश्यक हैं। पूनम मंझारिया ने कहा कि संस्था का मकसद केवल जरूरतमंदों की तत्काल मदद करना नहीं है, बल्कि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाना भी है। उन्होंने इस अवसर पर आईजीएल कंपनी का धन्यवाद किया, जिनके सहयोग से यह महत्वपूर्ण सामाजिक पहल संभव हो सकी।
आईजीएल के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनमें एच आर हेड राजेश सिंह का योगदान और दृष्टिकोण विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि कंपनी हमेशा समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रयासरत रहती है। उनका यह मानना है कि ऐसे कार्यक्रम न केवल जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुँचाने का कार्य करते हैं, बल्कि यह कर्मचारियों के भीतर भी समाज के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को उत्पन्न करने में सहायक होते हैं। राजेश सिंह ने बताया कि जब कर्मचारी और कंपनी मिलकर समाज के लिए इस तरह के आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, तो इससे समुदाय में सहयोग, मानवता और सेवा की भावना को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे इस प्रकार की पहलों में सहभागिता बढ़ाएँ।
एजीएम एडमिन विक्रांत चौधरी और एजीएम नीरज मलिक ने इस महत्वपूर्ण सामाजिक पहल पर अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम न केवल तत्काल मदद प्रदान करने का माध्यम है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश फैलाने का प्रभावशाली अवसर भी है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की पहलों से समुदाय में दूसरों की मदद करने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की भावना को बल मिलता है। इसके माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि जब संस्थाएँ और नागरिक मिलकर समाज के कमजोर वर्ग के लिए सहयोग करते हैं, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों और अन्य सहभागियों से अपील की कि वे इस तरह के आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाएँ, ताकि समाज में समानुभूति, संवेदनशीलता और सहयोग की संस्कृति को मजबूती मिल सके। इस पहल की सराहना करते हुए उन्होंने इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम में सचिन गुप्ता, सर्वेश कुमार, प्रिंसिपल ममता रानी, पार्षद ममता कुमारी, अभय मंझारिया और नमिता चौहान सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सामाजिक पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपस्थित अतिथियों ने न केवल कंबल वितरण में सहयोग किया, बल्कि महिलाओं के साथ संवाद करके उनकी आवश्यकताओं और परेशानियों को समझने का प्रयास भी किया। इस दौरान प्रत्येक अतिथि ने व्यक्तिगत रूप से जरूरतमंद महिलाओं से बातचीत की और उनके अनुभवों को सुना, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि कार्यक्रम केवल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें मानवता और संवेदनशीलता का भाव भी प्रमुख रूप से दिखाई दिया। सचिन गुप्ता और सर्वेश कुमार ने वितरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सक्रिय भूमिका निभाई और यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक महिला तक कंबल समय पर पहुँच सके।

वहीं प्रिंसिपल ममता रानी ने कार्यक्रम की शिक्षा और जागरूकता पर केंद्रित पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्यक्रम विद्यार्थियों और समाज दोनों के लिए प्रेरक होते हैं और समुदाय में एक सकारात्मक संदेश फैलाते हैं। पार्षद ममता कुमारी ने भी उपस्थित लोगों और महिलाओं के साथ बातचीत करते हुए इस पहल के महत्व को उजागर किया। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में ऐसे अभियान गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए जीवन रक्षा के समान हैं। अभय मंझारिया और नमिता चौहान ने अपने सहयोग और समर्थन से कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं के साथ मिलकर कंबल वितरण और पौधारोपण में सक्रिय भागीदारी निभाई और उन्हें इस सामाजिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने पर गर्व महसूस कराया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज के कमजोर वर्ग के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब समाज के सभी हिस्सेदार मिलकर सहयोग करते हैं, तो छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उपस्थित लोगों ने यह सुनिश्चित किया कि हर महिला को कंबल मिलें और उनकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों लोग अपनी जिम्मेदारी और सहभागिता का अनुभव कर रहे थे, जिससे पूरे आयोजन का वातावरण सकारात्मक, ऊर्जा से भरपूर और उत्साही बना रहा। यह पहल यह दर्शाती है कि समाज में बदलाव केवल व्यक्तिगत प्रयास से नहीं, बल्कि सामूहिक सहयोग और संवेदनशीलता से ही संभव है।
कार्यक्रम के दौरान कंबल वितरण के साथ-साथ पौधारोपण का आयोजन भी किया गया, जिससे समाज में पर्यावरण के महत्व को भी उजागर किया जा सके। उपस्थित लोगों ने पौधारोपण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और बच्चों के साथ मिलकर छोटे-छोटे पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। पूनम मंझारिया ने बताया कि यह पहल केवल एक बार का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि संस्था भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यों को निरंतर जारी रखेगी। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सामाजिक चेतना और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देते हैं।





