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धामी सरकार ने ऋषिकेश से फूंका नगरों के कायाकल्प का महाशंखनाद

अखिल भारतीय महापौर परिषद के राष्ट्रीय समागम में मुख्यमंत्री ने किया करोड़ों की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने बैठकों के प्रस्तावों पर कड़े जमीनी अमल की वकालत की।

ऋषिकेश /काशीपुर। अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक में देश और प्रदेश के विकास को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया गया, जिसने पूरे देश के प्रशासनिक और राजनैतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। उत्तराखंड के युवा और ओजस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस भव्य राष्ट्रीय समागम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए साफ तौर पर ऐलान किया कि जब देश के शहर सुनियोजित, खूबसूरत और पूरी तरह से साफ-सुथरे होंगे, तभी हमारा राष्ट्र भी एक बेहद मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध महाशक्ति के रूप में दुनिया के सामने उभरकर सामने आ पाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड के विकास रथ को और तेज रफ्तार देने के लिए करीब 29.78 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाली तीन महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी विकास परियोजनाओं का भव्य लोकार्पण और शिलान्यास भी अपने कर-कमलों से किया। इन ऐतिहासिक योजनाओं में मुख्य रूप से 23.15 करोड़ रुपये की लागत वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना का शानदार लोकार्पण किया गया, जबकि 6.63 करोड़ रुपये की लागत वाली दो अन्य बड़ी जनोपयोगी योजनाओं की आधारशिला रखकर विकास के नए अध्याय की शुरुआत की गई, जो आने वाले समय में ऋषिकेश की सूरत बदलने वाली साबित होंगी।

इस राष्ट्रीय महामंच पर देश के कोने-कोने से पधारे तमाम महानगरों के प्रथम नागरिकों का बेहद गर्मजोशी और पारंपरिक अंदाज में स्वागत व अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र में स्थानीय निकायों और उनके नेतृत्व की बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण भूमिका को बहुत ही गहराई से रेखांकित किया। उन्होंने अपने संबोधन में भावुक होते हुए कहा कि देश का प्रत्येक महापौर अपने विशिष्ट शहर का पहला सम्मानित नागरिक होने के साथ-साथ वहां के लाखों-करोड़ों आम निवासियों की उम्मीदों, आकांक्षाओं, इच्छाओं और उनके गहरे भरोसे का सबसे बड़ा और जीवंत प्रतिनिधित्व करता है। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को उनकी भारी-भरकम जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए यह भी याद दिलाया कि आज उनके द्वारा स्थानीय स्तर पर लिए जाने वाले नीतिगत और प्रशासनिक निर्णय केवल वर्तमान को ही प्रभावित नहीं करते, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुनहरे और सुरक्षित भविष्य की मजबूत तकदीर और तस्वीर भी तय करने का काम करते हैं। धामी जी ने भारतीय समाज के ताने-बाने का बेहद अनूठा उदाहरण देते हुए यह तर्क दिया कि भले ही हमारे महान देश की वास्तविक आत्मा आज भी सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और गांवों में बसती हो, लेकिन यह भी उतना ही बड़ा सच है कि हमारे देश के जागरूक नागरिकों के बड़े सपने, उनकी बड़ी आकांक्षाएं और उनके उज्ज्वल भविष्य की अनंत संभावनाएं शहरी परिवेश के भीतर ही नया आकार और विस्तार लेती हैं।

उत्तराखंड के चौमुखी विकास के बारे में आगे बात करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना अत्यंत गहरा और आत्मीय आभार प्रकट किया और कहा कि देश के शीर्ष नेतृत्व का इस पावन देवभूमि उत्तराखंड से एक बेहद अनूठा, आत्मीय और बेहद विशेष लगाव रहा है। उन्होंने मंच से जनता को याद दिलाया कि देश के प्रधान सेवक ने अपने संन्यासी और संघर्षपूर्ण जीवन के कई बेहद महत्वपूर्ण और मूल्यवान पल इसी उत्तराखंड की शांत वादियों और पवित्र गुफाओं में आध्यात्मिक साधना करते हुए व्यतीत किए हैं, यही मुख्य वजह है कि वे इस पहाड़ी राज्य के प्रत्येक भौगोलिक क्षेत्र, यहां की कठिन परिस्थितियों और यहां की जनभावनाओं से बहुत ही भली-भांति और गहराई से परिचित हैं। प्रधानमंत्री के इसी कुशल और दूरदर्शी मार्गदर्शन का परिणाम है कि इस साल की पावन चार धाम यात्रा ने शुरुआती महज 45 दिनों के भीतर ही 30 लाख से भी अधिक देश-विदेश के श्रद्धालुओं को अपने यहां आकर्षित करके दर्शन कराने का एक ऐसा नया और अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसकी पहले कभी कल्पना भी नहीं की गई थी। सूबे के मुखिया ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कहा कि हमारी सरकार की सबसे पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता यही है कि देवभूमि में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की यह पवित्र धार्मिक यात्रा हर लिहाज से सरल, सुगम, पूरी तरह से सुरक्षित और आनंदमयी हो। उन्होंने इसके प्रमाण स्वरूप आंकड़े पेश करते हुए बताया कि जिस आदि कैलाश यात्रा में पहले सालभर में बमुश्किल 500 लोग ही पहुंच पाते थे, वहां बुनियादी ढांचे में हुए सुधारों की वजह से इस वर्ष यात्रा के शुभारंभ से लेकर अब तक हर दिन करीब 1000 श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जबकि प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मंदिर में भी रिकॉर्ड 24 लाख श्रद्धालुओं ने शीश नवाया है और पिछले चार वर्षों में कुल मिलाकर 23 करोड़ से अधिक सैलानी उत्तराखंड का भ्रमण कर चुके हैं।

केंद्र सरकार द्वारा देश के शहरों के कायाकल्प के लिए चलाई जा रही तमाम क्रांतिकारी और कल्याणकारी योजनाओं की जमकर सराहना करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में आज पूरे देश के भीतर शहरी विकास के क्षेत्र में ऐसे अभूतपूर्व और ऐतिहासिक काम किए जा रहे हैं जिनकी मिसाल इतिहास में नहीं मिलती। आज उनके द्वारा शुरू किए गए विश्व प्रसिद्ध स्वच्छ भारत मिशन के क्रांतिकारी प्रयासों के माध्यम से ही देश के लाखों छोटे-बड़े शहरों और कस्बों में आम नागरिकों के बीच साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर एक बेहद सकारात्मक और बिल्कुल नई संस्कृति का जन्म हुआ है। इसके साथ ही देश में चल रहे अत्याधुनिक स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा अब नगरों के विकास का एक ऐसा आधुनिक, हाईटेक और सुव्यवस्थित मॉडल तैयार किया जा रहा है जो वैश्विक मानकों को टक्कर दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी बेहद मानवीय योजना के माध्यम से देश के लाखों अत्यंत गरीब और बेसहारा परिवारों का अपने खुद के पक्के घर में रहने का बरसों पुराना सपना आखिरकार धरातल पर साकार हो पाया है, जबकि इसके साथ ही प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के जरिए समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े रेहड़ी-पटरी वाले छोटे दुकानदारों और ठेला चालकों को बेहद आसान ऋण देकर उन्हें आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बनाने का एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक काम हुआ है।

अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के सभी मेयरों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार के इसी शानदार और दूरदर्शी मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड के तमाम छोटे-बड़े शहरों के विकास और बुनियादी ढांचे को एक बेहद नई और तेज गति प्रदान की जा रही है। वर्तमान समय में समूचे उत्तराखंड राज्य के भीतर स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत प्रत्येक छोटे-बड़े नगर निकाय में ठोस कचरा प्रबंधन यानी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और रोज़मर्रा की सफाई व्यवस्था को बेहद आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार यह पूरी तरह से सुनिश्चित कर रही है कि स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान (ओडीएफ) और बरसों पुराने डंप पड़े कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने वाली लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी तमाम बेहद महत्वाकांक्षी और कल्याणकारी योजनाओं का सीधा और शत-प्रतिशत लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक आम नागरिक और समाज के शोषित वर्ग तक बिना किसी बाधा के पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सके।

शहरी जीवन को अधिक सुलभ और स्वस्थ बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कुछ बेहद अनोखे और लीक से हटकर किए गए अभिनव कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि शहरी क्षेत्रों के अत्यंत गरीब, श्रमिक और मध्यमवर्गीय परिवारों को उनके घर के नजदीक ही बेहद उच्च स्तरीय और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराने के पुख्ता उद्देश्य से प्रदेश के इतिहास में पहली बार तमाम नगर निकायों में अत्याधुनिक ‘अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर’ बड़े पैमाने पर स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड राज्य की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बेसहारा घूमने वाले निराश्रित गौवंशों को एक बेहद सुरक्षित और सम्मानजनक आसरा प्रदान करने के पुख्ता उद्देश्य से सरकार ने विशेष रूप से ‘आश्रय योजना’ को धरातल पर अमलीजामा पहनाया है। स्थानीय नगर निकायों के भीतर लगातार बढ़ती जा रही आवारा श्वानों (कुत्तों) की आबादी और उससे आम जनता को होने वाली भारी दिक्कतों व खतरों की प्रभावी रोकथाम हेतु प्रदेश में बहुत ही सुनियोजित ढंग से ‘एनिमल बर्थ Control योजना’ की भी एक नई शुरुआत की गई है, जिसके साथ ही शहरों में हरित क्षेत्रों (ग्रीन ज़ोन) के तेजी से विकास और बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण पर पूरी तरह से काबू पाने की दिशा में बेहद कड़े और असरदार कानूनी व प्रशासनिक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।

वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती साख और शहरों की स्वच्छता के आपसी अंतर्संबंधों को बेहद तार्किक ढंग से समझाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे देश के आधुनिक और स्वच्छ शहर ही पूरी दुनिया के सामने संपूर्ण हिंदुस्तान की वास्तविक, प्रगतिशील और सकारात्मक छवि को प्रस्तुत करने का सबसे बड़ा जरिया बनते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यदि हमारे देश के तमाम शहर हर दृष्टिकोण से पूरी तरह से सुव्यवस्थित, साफ-सुथरे, पूरी तरह सुरक्षित और बुनियादी सुविधाओं से सर्वगुण संपन्न होंगे, तो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी संपूर्ण भारत की छवि एक अत्यंत सशक्त, आर्थिक रूप से बेहद समृद्ध और हर क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने वाले अग्रणी राष्ट्र के रूप में हमेशा के लिए स्थापित हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने देश के सभी मेयरों को स्वच्छता की शपथ जैसी प्रेरणा देते हुए कहा कि जब हमारा एक-एक शहर साफ होगा तो पूरा भारत स्वतः ही स्वच्छ हो जाएगा और यदि हमारा हर नगर सुव्यवस्थित होगा तो पूरा देश ही नियम और व्यवस्था के पथ पर आगे बढ़ चलेगा। उन्होंने देश के उज्ज्वल भविष्य का खाका खींचते हुए कहा कि जब हमारा प्रत्येक शहर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक रूप से पूरी तरह सशक्त, आंतरिक रूप से सुरक्षित और आर्थिक रूप से समृद्ध होगा, तभी भारत विकसित राष्ट्र बनने के अपने महान संकल्प को निश्चित रूप से और समय से पहले हासिल कर पाएगा।

इस बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चिंतन बैठक को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उत्तराखंड के वरिष्ठ और अनुभवी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा तय किए गए ‘विकसित भारत 2047’ के महासंकल्प की तर्ज पर ही हम सब मिलकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ ‘विकसित उत्तराखंड’ के विजन को तेजी से आगे बढ़ाने का काम पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। उन्होंने देश के कोने-कोने से आए नीति-निर्माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत की इस महान और व्यापक कल्पना को धरातल पर पूरी तरह से क्रियान्वित करने में हमारे महानगरों को हर प्रकार से अत्याधुनिक रूप से विकसित करने, उन्हें वित्तीय रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने, वहां सौर ऊर्जा के विकल्पों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने, वैज्ञानिक तरीके से आधुनिक कूड़ा प्रबंधन लागू करने, जल संकट से निपटने के लिए अनिवार्य रूप से रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने, स्थानीय स्तर पर पारंपरिक एवं छोटे-कुटीर उद्योगों की व्यापक स्थापना करने और हर प्रकार से एक पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर महानगर की परिकल्पना को साकार करने की बेहद निर्णायक और सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है।

इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जमीनी स्तर पर विकास को उतारते हुए नगर निगम, ऋषिकेश के भीतर करीब 1.80 करोड़ रुपये की कुल लागत से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर शहर के 10 बेहद प्रमुख और रणनीतिक स्थानों पर नवनिर्मित अत्याधुनिक ई.वी. (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया, जो भविष्य की हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और गिरते भूजल स्तर को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 4.83 करोड़ रुपये की लागत से ऋषिकेश शहर के 12 अलग-अलग चिन्हित स्थानों पर वर्षा जल के वैज्ञानिक संचय और संरक्षण से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण कार्यों की भी आधारशिला रखी। विकास कार्यों की इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए उन्होंने 23.15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि की लागत से नगर निगम ऋषिकेश के बहुप्रतीक्षित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट योजनान्तर्गत आधुनिक कम्पोस्ट प्लांट एवं अत्याधुनिक सैनेट्री लैन्डफिल साईट लाल पानी बीट के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया और इसके बाद मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ही लगाए गए विभिन्न विकास कार्यों के स्टालों और प्रदर्शनी स्थलों का भी बेहद बारीकी से स्थलीय अवलोकन करके अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस गरिमामयी और ऐतिहासिक दो दिवसीय राष्ट्रीय मंथन कार्यक्रम के विशेष अवसर पर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, सम्मानित क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रथम नागरिक व इस शानदार मेयर काउंसिल कार्यक्रम के मुख्य आयोजक शंभू पासवान के साथ-साथ अखिल भारतीय मेयर एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्षा रेनू बाला गुप्ता उपस्थित रहीं। इनके साथ ही संगठन के केंद्रीय कोषाध्यक्ष एवं काशीपुर के लोकप्रिय महापौर दीपक बाली, रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा, मुरादाबाद के महापौर अनिल अग्रवाल, गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत के महापौर डॉ जगदीश पटेल और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की महापौर रितु तावड़े सहित देश के विभिन्न राज्यों और महानगरों से आए दर्जनों दिग्गज महापौर और नगर निकाय प्रमुख मुख्य रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने दो दिनों तक चले इस गहन वैचारिक मंथन कार्यक्रम में संगठन की सांगठनिक मजबूती को आगे बढ़ाने तथा देश के विभिन्न राज्यों में मेयरों के सामने आ रही व्यावहारिक, वित्तीय और कानूनी समस्याओं पर बहुत ही खुलकर और विस्तार से मंथन किया।

इस महासमिति की बैठक में काशीपुर के ओजस्वी महापौर दीपक बाली ने देश के सभी नगर प्रमुखों के सामने बेहद बेबाकी और तार्किक ढंग से अपनी बात रखते हुए एक बहुत ही कड़ा और व्यावहारिक सुझाव दिया कि हमारे इस राष्ट्रीय संगठन की जो भी महत्वपूर्ण बैठकें और राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होते हैं, उनमें जो भी अमूल्य सुझाव और दूरगामी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं तथा विभिन्न नगर निगमों द्वारा जो भी प्रशासनिक या वित्तीय समस्याएं उठाई जाती हैं, उनके धरातल पर वास्तविक समाधान के प्रति देश और राज्यों की सरकारों द्वारा अब तक क्या ठोस अमल या कार्रवाई की गई है, इस बारे में अगली बैठक में सबसे पहले बेहद गंभीरता और पूरी जवाबदेही के साथ विचार होना चाहिए। महापौर दीपक बाली ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि जब तक हम पुरानी बैठकों के फैसले की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा नहीं करेंगे, तब तक ऐसी आलीशान और बड़े स्तर की बैठकों की वास्तविक सार्थकता और महत्ता सिद्ध नहीं हो सकती है। इसके साथ ही महापौर दीपक बाली ने इस राष्ट्रीय मंच का भरपूर उपयोग करते हुए अपने गृह क्षेत्र काशीपुर नगर निगम के भीतर राज्य सरकार के सहयोग से वर्तमान में चलाए जा रहे तमाम ऐतिहासिक, आधुनिक और रिकॉर्डतोड़ विकास कार्यों व जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी देश भर से आए सभी वीआईपी मेयरों के समक्ष अपने बेहद प्रभावी विचार रखे, जिसे वहां मौजूद तमाम जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बेहद सराहा गया और काशीपुर के विकास मॉडल की जमकर तारीफ की गई।

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