करनाल/काशीपुर। राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण बैठक ने देशभर के नगरों के विकास को नई दिशा देने का कार्य किया है। ऑल इंडिया मेयर काउंसिल की 53वीं वार्षिक साधारण सभा में देश के अलग-अलग कोनों से आए महापौरों ने एक साझा मंच पर न केवल अपनी उपलब्धियों को साझा किया बल्कि एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर भी प्राप्त किया। इस सम्मेलन में काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और नगर के विकास के लिए कई उपयोगी जानकारियां प्राप्त कीं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस सभा में 21 से अधिक राज्यों से आए महापौरों ने अपने-अपने नगरों में चल रहे नवाचारों और सफल विकास कार्यों को प्रस्तुत कर देश के अन्य शहरों के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण पेश किया। इस आयोजन ने शहरी विकास के क्षेत्र में नये दृष्टिकोण और ठोस पहल की संभावनाओं को और मजबूत कर दिया।
राष्ट्रीय स्तर पर हुई इस सार्थक बैठक को लेकर लौटने के बाद महापौर दीपक बाली ने जानकारी दी कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न नगरों के बीच तालमेल को सुदृढ़ बनाना और विकास के नए रास्तों को साझा कर उन्हें व्यवहारिक रूप से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना था। उन्होंने कहा कि मंच पर स्मार्ट सिटी मिशन, स्वच्छता अभियान, पेयजल प्रबंधन, यातायात सुधार और शहरी ढांचे को सुदृढ़ बनाने जैसे अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। इस दौरान प्रस्तुत किए गए कई नवाचार और अनुभव काशीपुर की आवश्यकताओं के अनुसार उपयोग में लाए जा सकते हैं। उनका मानना है कि जब विभिन्न शहरों के प्रतिनिधि अपनी उपलब्धियों और चुनौतियों को साझा करते हैं, तो वह केवल कागजों पर सीमित नहीं रहते बल्कि जमीनी स्तर पर विकास को गति देने में मददगार सिद्ध होते हैं।
इस सम्मेलन का आयोजन हरियाणा के करनाल में हुआ, जहां की महापौर रेणु बाला गुप्ता ने गर्मजोशी से सभी अतिथियों का स्वागत किया। दीपक बाली ने लौटकर कहा कि रेणु बाला गुप्ता द्वारा किए गए स्वागत ने सभी प्रतिभागियों को आत्मीयता का अनुभव कराया और पूरे आयोजन को एक नई ऊर्जा दी। उन्होंने बताया कि इस तरह के सम्मेलनों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह एक साझा मंच होता है, जहां अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए महापौर अपने अनुभवों को सामने रखते हैं और उन्हीं अनुभवों से दूसरे शहरों की योजनाओं में सुधार की संभावनाएं निकलती हैं। इस मौके पर न केवल शहरी निकायों को मजबूत करने की बातें सामने आईं बल्कि भविष्य में नागरिकों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने की रणनीतियों पर भी गहन विचार हुआ।
चर्चा के दौरान यह भी स्वीकार किया गया कि शहरी क्षेत्रों की बढ़ती जनसंख्या और उससे जुड़ी चुनौतियां अब किसी एक नगर की समस्या नहीं रह गई हैं बल्कि पूरे देश के लिए साझा चुनौती बन चुकी हैं। महापौरों ने माना कि इस तरह के आयोजन समय की मांग हैं और इनसे न केवल शहरी निकायों को मजबूती मिलती है बल्कि नागरिकों को समय पर आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में ठोस सुधार भी होता है। काशीपुर लौटने के बाद महापौर दीपक बाली ने विश्वास व्यक्त किया कि करनाल में हुए इस सम्मेलन से मिले सुझाव और अनुभव काशीपुर के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि सम्मेलन ने उन्हें यह विश्वास दिलाया है कि यदि नगरों के बीच आपसी तालमेल और विचार-विमर्श लगातार होता रहे तो देश के हर शहर को एक नए स्वरूप में बदला जा सकता है।
नगरवासियों तक यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचा है कि महापौर दीपक बाली ने राष्ट्रीय स्तर पर काशीपुर का प्रतिनिधित्व कर नगर को एक नई पहचान दिलाने का प्रयास किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सम्मेलन में मिले अनुभवों को नगर की योजनाओं और विकास कार्यों में उतारा जाएगा ताकि काशीपुर भी उन शहरों की तरह प्रगति कर सके, जो देशभर में अपने नवाचारों और विकास के लिए मिसाल बन चुके हैं। यह आयोजन केवल एक बैठक भर नहीं था, बल्कि यह उन योजनाओं और विचारों का संगम था, जो आने वाले समय में शहरी भारत के स्वरूप को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। काशीपुर के लिए यह सम्मेलन एक नए अवसर का संकेत है और अब नगरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि महापौर दीपक बाली द्वारा किए गए प्रयासों से उन्हें भी बेहतर और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।



