रामनगर। कानिया क्षेत्र स्थित ईस्टा कान्वेंट स्कूल में करीब एक सप्ताह पहले हुई चोरी की घटना का रामनगर पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 19 अगस्त को अज्ञात चोरों ने स्कूल के ताले तोड़कर लैपटॉप, चार्जर और नकदी समेत अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया था। इतना ही नहीं, वारदात को अंजाम देने के दौरान आरोपियों ने आसपास के दो अन्य घरों के ताले भी तोड़े थे, हालांकि वहां से उन्हें कोई सामान हाथ नहीं लग सका। घटना सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके आधार पर रामनगर कोतवाली में चोरी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामला स्कूल परिसर से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल के आसपास मौजूद गतिविधियों, संदिग्ध आवाजाही और सीसीटीवी फुटेज को जांच का अहम आधार बनाया। लगातार पड़ताल के बाद पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण सुराग मिले और इसी आधार पर आगे की कार्रवाई तेज की गई।
जांच की दिशा उस समय निर्णायक मोड़ पर पहुंची, जब पुलिस टीम ने ईस्टा कान्वेंट स्कूल और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगालना शुरू किया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास संदिग्ध लोगों और वाहनों की गतिविधियों को चिह्नित करते हुए संभावित आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया। फुटेज तथा अन्य माध्यमों से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस को कुछ संदिग्धों के संबंध में अहम जानकारी प्राप्त हुई। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए संभावित रास्तों पर चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी क्रम में पीरुमदारा के समीप पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी। बताया गया कि चेकिंग के दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध कार पर पड़ी और टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही कार में सवार दोनों युवक कथित तौर पर भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि पुलिसकर्मियों ने तत्काल पीछा करते हुए कार को रोक लिया और दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ तथा तलाशी के दौरान पुलिस को चोरी की घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सामान बरामद होने पर जांच की कड़ियां और मजबूत हो गईं।
हिरासत में लिए गए युवकों की पहचान संदीप कुमार निवासी देवलचौड़, हल्द्वानी और उज्जवल सिंह परगाई निवासी जीतपुर नेगी, देवलचौड़, हल्द्वानी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में पहले से ही पांच-पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी के साथ हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े मामले भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों की पूर्व आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आने के बाद वर्तमान मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में अन्य किसी वारदात को अंजाम दिया है या नहीं। अधिकारियों की ओर से आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा मामले के बीच संभावित कड़ियों को भी जांच के दायरे में रखा जा रहा है। इस कार्रवाई से एक ओर जहां कानिया क्षेत्र में हुई स्कूल चोरी की गुत्थी सुलझने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर पूर्व में गंभीर मामलों में नाम सामने आ चुके आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से ईस्टा कान्वेंट स्कूल से चोरी किया गया लैपटॉप, उसका चार्जर, काले रंग का बैग, ब्लूटूथ स्पीकर और छह हजार रुपये की नकदी बरामद करने का दावा किया है। बरामदगी के बाद पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई कार को भी सीज कर दिया है। पुलिस के अनुसार बरामद सामान की पहचान स्कूल में हुई चोरी से संबंधित वस्तुओं के रूप में की गई है और अब मामले में अन्य संभावित पहलुओं की जांच जारी है। वारदात के दौरान स्कूल के ताले तोड़ने के अलावा आसपास के दो घरों को भी निशाना बनाने की बात सामने आई थी। हालांकि उन घरों से चोर कोई सामान ले जाने में सफल नहीं हुए थे। इस तथ्य को भी पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है, ताकि घटना में शामिल गतिविधियों और आरोपियों की भूमिका को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी की घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित वारदातों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना के खुलासे के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले की विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज, बरामद सामान, घटना में प्रयुक्त कार और आरोपियों की पूर्व आपराधिक पृष्ठभूमि समेत विभिन्न बिंदुओं को जांच में शामिल किया गया है। एक सप्ताह पहले स्कूल में हुई चोरी के बाद क्षेत्र में इसे लेकर चिंता का माहौल बना था, लेकिन पुलिस की ओर से की गई जांच, निगरानी और चेकिंग अभियान के बाद दो संदिग्धों की गिरफ्तारी तथा चोरी के सामान की बरामदगी से मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पुलिस अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके और यदि आरोपियों की किसी अन्य वारदात में भूमिका सामने आती है तो उसके संबंध में भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। कानिया क्षेत्र में हुई इस घटना के खुलासे ने यह भी स्पष्ट किया कि घटनास्थल के आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और त्वरित पुलिस जांच अपराधियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।





