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काशीपुर में सांसद अजय भट्ट के तीखे बयान और रजत जयंती समारोह में बड़ी घोषणाएं

रजत जयंती मंच से अजय भट्ट ने बेटियों की शक्ति, बिहार बदलाव और उत्तराखंड में दोबारा भारी बहुमत की भविष्यवाणी पर जोरदार संदेश दिया

काशीपुर। शनीवार का दिन शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरण की एक अद्भुत तस्वीर प्रस्तुत करता दिखाई दिया, जब तरावती सरोजनी देवी सरस्वती विद्यापीठ की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित भव्य रजत जयंती समारोह में वातावरण उत्साह, गौरव और देशभक्ति की भावनाओं से भर गया। विद्यालय परिसर में सजी रंगारंग सजावट, बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुतियां और आगंतुकों का उमड़ा जनसमूह इस बात का प्रमाण था कि संस्थान ने पिछले पच्चीस वर्षों में न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि सामाजिक मूल्यों को स्थापित करने में भी असाधारण योगदान दिया है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे क्षेत्रीये सांसद अजय भट्ट ने विद्यालय को क्षेत्र का गौरव बताते हुए इसके विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपए की नई घोषणा की और इससे पूर्व की गई 5 लाख रुपए की स्वीकृति से निर्मित पुस्तकालय का विधिवत उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम के दौरान सांसद ने अपने विस्तृत उद्बोधन में शिक्षा, राष्ट्र निर्माण, महिला सशक्तिकरण, बिहार चुनाव, एनडीए सरकार की नीतियों और विपक्ष की स्थिति पर कई बड़े व स्पष्ट संदेश दिए, जिनकी गूंज समारोह स्थल पर मौजूद हर व्यक्ति ने महसूस की।

इस दौरान सांसद अजय भट्ट ने मीडिया से बातचीत में जिस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, वह था बेटियों की भूमिका और समाज में उनकी बढ़ती क्षमता। उन्होंने बड़ी आत्मीयता से कहा कि आज बेटियां कहां चली गई हैं? और फिर स्वयं ही इसका उत्तर उदाहरणों के साथ दिया कि किस तरह हर समय, हर दौर में, हर क्षेत्र में बेटियों ने अपनी प्रतिभा और साहस से देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि आज उच्च शिक्षा से लेकर तकनीकी क्षेत्र तक, फाइटर पायलट से लेकर स्टेन गन चलाने तक बेटियां हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रमाण दे रही हैं। सीता माता, राधा माता जैसी दिव्य नारी शक्तियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि मातृशक्ति ने सदियों से समाज को दिशा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालय, जैसे कि यह तारा देवी संस्था, राष्ट्र के पुनर्जागरण का आधार तैयार कर रहे हैं और आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों का जो संगम यहां तैयार होता है, वही हमारे देश की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां अंग्रेज़ी, संस्कृत और विज्ञान से लेकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और नए भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सांसद अजय भट्ट ने इस दौरान कहा कि विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों की उस समर्पित भावना का उल्लेख किया, जो ज्ञान, धन, विवेक और सेवा की शक्ति को मिलाकर एक ऐसा अनूठा वातावरण तैयार करती है जहां शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा भी देती है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास केवल शिक्षण संस्थान बनाने का नहीं बल्कि समाज में एक नए आत्मविश्वास और जागृति को जन्म देने का है। उन्होंने इसे एक भागीरथ प्रयास बताया, जिसकी सफलता आज इस विद्यालय की उपलब्धियों में साफ दिखाई देती है। उन्होने कहा कि कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं की उपलब्धियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अनुशासन ने भी यह साबित किया कि संस्थान ने शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कारों की विरासत को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाई है। सांसद ने कहा कि ऐसे वातावरण में तैयार होने वाले बच्चे केवल देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भारत का नाम रोशन कर रहे हैं और आगामी वर्षों में यही पीढ़ी भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे ले जाएगी।

सांसद अजय भट्ट ने बिहार चुनाव को लेकर देशभर में बनी चर्चा पर खुलकर बात की और एनडीए की बड़ी जीत को अत्याचार, अनाचार और बुराचार पर न्याय की विजय बताया। उन्होंने कहा कि बिहार की पूर्व स्थिति ऐसी थी कि वहां शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने में डरते थे। रेलवे स्टेशन से लेकर गांवों तक आम नागरिक भय के साए में जीवन बिताने को मजबूर थे। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस तरह पहले लोगों के घरों में घुसकर डकैती, लूट, गोलियां चलाना और महिलाओं की अस्मिता को खतरा बनाना सामान्य बात हो गई थी। सांसद ने कहा कि यह ऐसा दौर था जहां लोकतंत्र का मतलब ही बदल गया था और मतदान तक बलपूर्वक कराया जाता था। उन्होंने बताया कि वे स्वयं ऐसे परिवारों से मिले हैं जिनके घर के कई सदस्य अपराधियों की गोलीबारी में मारे गए, और यह स्थिति किसी भी सभ्य समाज की तस्वीर नहीं हो सकती। उन्होंने बिहार के उन दिनों को जंगल राज की संज्ञा देते हुए कहा कि आम जनता के पास आवाज़ उठाने का अधिकार तक नहीं था।

सांसद अजय भट्ट ने आगे कहा कि मोदी जी और नीतीश जी की साझेदारी में एनडीए सरकार ने बिहार को उस भयावह दौर से बाहर निकाला और प्रदेश में सुरक्षा, विश्वास और विकास की नई नींव रखी। उन्होंने बताया कि आज बिहार में वह भय नहीं है, वह अराजकता नहीं है, और न ही लोग सूर्यास्त के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। उन्होंने जिक्र किया कि पहले लोगों के घरों पर मोटे सरियों और मजबूत लोहे की दीवारों का जाल इसलिए बनाया गया था ताकि अपराधी घरों में घुसकर लूटपाट न कर सकें, लेकिन आज वह स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने उल्लेख किया कि बिहार में महिलाओं को कार्य के लिए आर्थिक सहायता, 10 हजार रुपए तक की सहायता, बिजली उपभोग के लिए 125 यूनिट फ्री, वृद्धावस्था पेंशन में चार सौ से बढ़ाकर ग्यारह सौ रुपए तक की वृद्धि जैसे कदमों ने जनता के जीवन को बेहतर किया है। उन्होंने कहा कि आज वहां सड़क, पुल, पानी और विकास की योजनाओं पर वास्तविक काम हो रहा है, जबकि पहले लोग ऐसे मुद्दों पर मांग करने तक की हिम्मत नहीं करते थे। यह बदलाव ही एनडीए की जीत का वास्तविक कारण है।

सांसद अजय भट्ट ने भविष्य को लेकर अपनी आशाएं भी स्पष्टता से व्यक्त कीं और कहा कि बिहार की तरह अब पूरे देश में लोग जागरूक हो रहे हैं, समझ रहे हैं और विकास तथा सुरक्षा की दिशा में बढ़ते कदमों को देख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड में भी जनता फिर एक बार भारी बहुमत से सरकार को पुनः चुनने जा रही है क्योंकि लोगों ने विकास की सच्चाई को अपनी आंखों से देखा है। उन्होंने कहा कि यह राज्य शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और सड़क संपर्क के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है और अगले कुछ वर्षों में यह विकास और अधिक तीव्र गति से दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सकारात्मक राजनीतिक माहौल और जनता का विश्वास यह साबित करता है कि आने वाला समय राज्य के लिए अत्यंत उज्ज्वल होने वाला है।

अंत में सांसद अजय भट्ट ने विद्यालय प्रशासन को रजत जयंती के इस महत्वपूर्ण अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसी संस्थाएं न केवल समाज को शिक्षित करती हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव को मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की शक्ति ही वह ऊर्जा है जो परिवार, समाज और राष्ट्र तीनों को उजाला देती है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे परिश्रम, अनुशासन और मूल्यों को जीवन में सबसे बड़ा हथियार बनाएं, क्योंकि इसी संयोजन से वे अपने सपनों को वास्तविकता में बदल सकते हैं। समारोह में उमड़े बड़े जनसमूह, उत्साहित छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की मौजूदगी ने इस पूरे आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। विद्यालय के 25 वर्ष पूर्ण होने का यह अवसर न केवल संस्थान की उपलब्धियों का जश्न था बल्कि आने वाले वर्षों में नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी बनकर सामने आया।

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शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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