काशीपुर। रविवार की रात को बिना अनुमति आयोजित जुलूस ने शहर में भय का माहौल पैदा कर दिया, जब उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला बोलते हुए सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घटना के मुख्य मास्टरमाइंड नदीम अख्तर और अन्य छह उपद्रवियों को गिरफ्तार किया। घटना 21 सितंबर 2025 की रात्रि को कोतवाली काशीपुर के चौकी बाँसफोड़ान क्षेत्र में अल्लीखाँ चौक पर हुई, जहां नदीम अख्तर अपने लगभग 400दृ500 समर्थकों के साथ सभा आयोजित कर रहा था। सभा समाप्त होने के बाद अचानक भीड़ ने “प् स्व्टम् डव्भ्।डड।क्” के नारे लगाते हुए बैनर और पोस्टरों के साथ जुलूस निकाला, जो वाल्मीकि बस्ती की ओर बढ़ता हुआ शहर के मुख्य मार्ग पर पहुँच गया।
पुलिस की टीम ने मौके पर पहुँचकर जुलूस को बिना अनुमति के न निकालने और तितर-बितर होने के लिए चेतावनी दी, लेकिन उपद्रवियों ने किसी भी चेतावनी का पालन किए बिना सीधे पुलिस कर्मियों पर हमला कर दिया। भीड़ ने लाठी-डंडे और पत्थरों का उपयोग करते हुए पुलिस टीम को निशाना बनाया और क्षेत्र में तैनात सरकारी वाहनों को नुकसान पहुँचाया। इस अप्रत्याशित हिंसक स्थिति ने पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया और स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा बलों के लिए चुनौती खड़ी कर दी। पुलिस ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल को लागू किया और इलाके की निगरानी बढ़ा दी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली काशीपुर में थ्प्त् संख्या 417/25 के तहत विभिन्न धाराओं 190/191(2)/191(3)/232/121(1)/132/221/324(3)/351(2)/352 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक काशीपुर और पुलिस उपाधीक्षक काशीपुर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया, जो घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मणिकांत मिश्रा ने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि सभी ब्ब्ज्ट फुटेज और मोबाइल वीडियो की जांच कर उपद्रवियों की पहचान कर गिरफ्तार किया जाए।

इस कार्रवाई में नदीम अख्तर को मुख्य मास्टरमाइंड के रूप में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा अब तक कुल सात उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि 10 अन्य संदिग्धों से गहन पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों में अशद पुत्र शहादत हुसैन, कामरान पुत्र उवैध, मोईन रजा पुत्र निजामुद्दीन, दानिश अली पुत्र नबी और नदीम अख्तर के अलावा दो अन्य शामिल हैं। सभी की पहचान और कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा तेजी से की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के उकसावे और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों, नगर निगम और बिजली विभाग ने उपद्रव प्रभावित क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू की है। क्षेत्र में धारा 163 बीएनएसएस लागू करने के लिए पत्राचार किया गया है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कानून और शांति बनाए रखी जा सके। प्रशासन ने स्थानीय जनता से भी अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग करें। इस प्रकार पुलिस और प्रशासन ने एक साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था को किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस पर हमला करने वाले और सार्वजनिक शांति भंग करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और पुलिस प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। उनके निर्देशों के अनुरूप पुलिस ने सभी आवश्यक कदम उठाते हुए उपद्रवियों की पहचान, गिरफ्तारी और पूछताछ प्रक्रिया में तेजी लाकर कानून व्यवस्था कायम करने में सफलता प्राप्त की है।
इस घटना ने काशीपुर शहर में कानून व्यवस्था की सख्ती और पुलिस की तत्परता को उजागर किया। स्थानीय प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को बढ़ाते हुए संभावित उपद्रवों को रोकने के लिए लगातार निगरानी जारी रखी। गिरफ्तार उपद्रवियों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष रणनीति तैयार करने की भी योजना बनाई है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से न केवल अपराधियों में भय पैदा होगा, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, काशीपुर की इस रात ने दिखाया कि प्रशासन और पुलिस की सक्रियता ही शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की कुंजी है। उपद्रवियों के खिलाफ तेज़ और निर्णायक कार्रवाई ने यह संदेश दिया कि किसी भी व्यक्ति या समूह को कानून को चुनौती देने की छूट नहीं दी जाएगी। शहरवासियों के सहयोग और प्रशासन की सतर्कता से उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में ऐसे असामाजिक तत्वों द्वारा सार्वजनिक शांति भंग करने के प्रयास सफल नहीं होंगे।



