कांग्रेस नेताओं ने वोट चोर गद्दी छोड़ नारे के साथ कैंडल मार्च निकाला और भाजपा पर जमकर निशाना साधा. कैंडल मार्च में कांग्रेस महानगर कांग्रेस कमेटी काशीपुर केे अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन के नेतृत्व में एम.पी. चौक से कैंडल मार्च निकालते हुए शहर को एकजुटता और संघर्ष की मिसाल दी। यह अभियान केवल किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के सम्मान और भारतीय नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए एक निर्णायक लड़ाई है। कैंडल मार्च में शामिल कांग्रेसजनों ने जोश और संकल्प के साथ यह स्पष्ट कर दिया कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी, चुनाव आयोग की निष्क्रियता और केंद्र सरकार की कथित मिलीभगत को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे आयोजन के दौरान माहौल जोशीले नारों और जलती मोमबत्तियों की रोशनी से लोकतांत्रिक चेतना से भरपूर नजर आया।
महाराणा प्रताप चौक पर पहुंचने के बाद वक्ताओं ने राहुल गांधी द्वारा 7 अगस्त 2025 को प्रेस वार्ता में उजागर किए गए चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के मुद्दे पर अपना समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिस साहस और स्पष्टता के साथ “वोट चोर” और चुनावी धांधली के खिलाफ आवाज उठाई है, वह लोकतंत्र के हर सच्चे प्रहरी के लिए प्रेरणा है। वक्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी से लोकतंत्र की मूल आत्मा को चोट पहुंच रही है और यह भारतीय जनमानस के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उनका कहना था कि भाजपा अपने राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही, लेकिन कांग्रेस इसे जन आंदोलन के माध्यम से हर स्तर पर उजागर करेगी।
कैंडल मार्च में मौजूद कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां थामे और जोशीले नारों के साथ लोकतंत्र बचाने और जनता के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया। उत्तराखंड कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के आह्वान पर आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने आंदोलन में ऊर्जा भर दी। रैली के दौरान कांग्रेसजनों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह लड़ाई केवल विरोध दर्ज कराने भर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से हर गली, मोहल्ले और गांव में “वोट चोर, गद्दी छोड़” का संदेश पहुंचाया जाएगा। इस अभियान को एक जनजागरण में बदलते हुए कांग्रेस ने साफ कर दिया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर संघर्ष का सामना किया जाएगा और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए वे हर मोर्चे पर डटे रहेंगे।
पीसीसी सदस्य अनुपम शर्मा ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि “वोट चोर, गद्दी छोड़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को बचाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी, चुनाव आयोग की चुप्पी और केंद्र सरकार की कथित मिलीभगत लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला है। अनुपम शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी दल विशेष के लिए नहीं, बल्कि हर उस नागरिक के लिए है जो अपने मतदान के अधिकार को पवित्र मानता है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा उजागर की गई धांधली को एक बड़ा लोकतांत्रिक खतरा बताते हुए कहा कि इसे रोकना समय की मांग है। अनुपम शर्मा ने सभी जागरूक लोगों से आह्वान किया कि वे इस आंदोलन का हिस्सा बनें और न्याय, पारदर्शिता तथा संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं।
प्रदेश सचिव जितेंद्र सरस्वती ने अपने संबोधन में कहा कि “वोट चोर, गद्दी छोड़” का नारा केवल एक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का एक बड़ा संकल्प है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी और चुनाव आयोग की चुप्पी लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। जितेंद्र सरस्वती ने कहा कि राहुल गांधी ने जिस निर्भीकता से इस मुद्दे को देश के सामने रखा है, वह हर लोकतंत्र प्रेमी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता की आवाज दबाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी हालत में सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाएं और न्याय, पारदर्शिता तथा मताधिकार की रक्षा के लिए मजबूती से संघर्ष करें।
पूर्व महानगर अध्यक्ष संदीप सेहगल ने अपने संबोधन में कहा कि “वोट चोर, गद्दी छोड़” का नारा केवल नाराजगी की आवाज नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को बचाने का एक सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी और चुनाव आयोग की निष्क्रियता ने आम जनता के विश्वास को गहराई से चोट पहुंचाई है। संदीप सेहगल ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने जिस साहस से इस मुद्दे को उजागर किया है, उसने देशभर में लोकतंत्र के प्रति सजगता को नया जीवन दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस लड़ाई को केवल विरोध तक सीमित न रखें, बल्कि इसे जनजागरण का रूप दें ताकि हर गली, हर मोहल्ले और हर गांव तक यह संदेश पहुंचे कि मताधिकार की रक्षा ही असली देशभक्ति है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तभी सफल होगा जब जनता संगठित होकर इसे अपनी लड़ाई बनाए।
अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन ने कैंडल मार्च के दौरान संबोधित करते हुए कहा कि “वोट चोर, गद्दी छोड़” का यह अभियान किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा और भारतीय नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी और चुनाव आयोग की निष्क्रियता, केंद्र सरकार की मिलीभगत को उजागर करती है। यह केवल कांग्रेस की लड़ाई नहीं, बल्कि हर जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे अलोकतांत्रिक कृत्यों के खिलाफ आवाज बुलंद करे। मुशर्रफ हुसैन ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा उजागर की गई चुनावी धांधली लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है और इसे अनदेखा करना आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों से अपील की कि वे इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाएं और सत्य, न्याय तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में योगदान दें।
उत्तराखंड महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष अलका पाल ने कैंडल मार्च के दौरान अपने संबोधन में कहा कि “वोट चोर, गद्दी छोड़” का यह आह्वान सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा और जनता के अधिकारों की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में हेराफेरी और चुनाव आयोग की लापरवाही जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने जिस साहस और निडरता के साथ इस गंभीर मुद्दे को देश के सामने रखा है, वह हर लोकतंत्र प्रेमी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सत्ता के अहंकार के खिलाफ जनता की एकजुट आवाज है, जो तब तक जारी रहेगा जब तक पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था बहाल नहीं होती। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस संघर्ष में आगे आकर अपना योगदान दें।



