काशीपुर। पूरे नगर और क्षेत्र के सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े ही जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। नगर निगम काशीपुर में भी इस अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों से उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। बच्चों ने देशभक्ति की भावनाओं से ओत-प्रोत नृत्य, गीत और नाटक प्रस्तुत कर माहौल को और भी रंगीन बना दिया। इस दौरान महापौर दीपक बाली ने नगर निगम क्षेत्र की जनता से अपील की कि वे नगर को स्वच्छ और सुन्दर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। महापौर ने कहा कि काशीपुर का विकास केवल नगर निगम या किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए सभी नागरिकों का सहयोग और सहभागिता आवश्यक है। उनके उद्बोधन ने नागरिकों में अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत किया और नगर विकास में सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

महापौर दीपक बाली ने सुबह नगर निगम कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद नगर निगम सभागार में राज्य आंदोलनकारियों तथा महापौर के नेतृत्व में एक भव्य रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, पूर्व मेयर श्रीमती उषा चौधरी, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शमसुद्दीन, बसपा नेता मुहम्मद अशरफ, डॉ. एम ए राहुल, चिमनलाल छाबड़ा, ईश्वर चंद्र गुप्ता, हर्ष रत्नाकर, ब्लॉक प्रमुख चंद्रप्रभा, समस्त पार्षद, नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। विशेष रूप से कैप्टन गब्बर सिंह रावत, सूबेदार धर्मेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार मिश्रा, वीर नारी शहीद नायक मुकेश प्रजापति की धर्मपत्नी ज्योत्स्ना, स्वर्गीय महिपाल सिंह रावत की धर्मपत्नी पुष्पा रावत, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रीमती राजदुलारी और राज्य आंदोलनकारी नीरज गुप्ता, राजेंद्र पाल, संजीव सिंह को अंग वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
महापौर दीपक बाली ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि यह पर्व केवल तिरंगा फहराने और जश्न मनाने का दिन नहीं है, बल्कि हमें उन शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का अवसर देता है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें आज़ाद भारत की हवा में सांस लेने का अधिकार दिलाया। उन्होंने अपने भाई सखा नीरज गुप्ता जी और संजीव सिंह के साथ बिताए गए अनुभवों का स्मरण करते हुए कहा कि वे सभी कभी फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में एक साथ रहे थे और उस समय उन्होंने उत्तराखंड आंदोलन और देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की कठिनाइयों को करीब से देखा। महापौर ने बताया कि विभाजन केवल राजनीतिक नहीं था, बल्कि हमारी संस्कृति और समाज का भी बंटवारा था। उन्होंने कहा कि हजारों नहीं, बल्कि लाखों परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, लेकिन इसके बावजूद भारत एक महान राष्ट्र के रूप में खड़ा हुआ।

महापौर दीपक बाली ने नगरवासियों को यह विश्वास दिलाया कि नगर निगम जनता के साथ मिलकर काशीपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के हर प्रयास में सक्षम है। उन्होंने कहा कि नगर का विकास किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं बल्कि सभी नागरिकों की सहभागिता से संभव है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे नगर की सफाई, हरियाली और सामाजिक सौहार्द में सहयोग दें। महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की प्रशंसा की, जिन्होंने पिछले तीन महीनों में बरसात और अन्य कठिन परिस्थितियों के बावजूद कड़ी मेहनत करके शहर के वर्षों से गंदे पड़े क्षेत्रों की सफाई सुनिश्चित की। उन्होंने बताया कि कई स्थानों से हजारों किलो कचरा हटाकर शहर को स्वच्छ बनाया गया।

इस अवसर पर दीपक बाली ने नगर निगम में किए गए विकास कार्यों और सामाजिक सहभागिता की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि किसी एक दिन में सब कुछ संभव नहीं है। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे सहयोग के साथ विकास के कार्यों में भाग लें और अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों का समर्पण उल्लेखनीय है और जनता द्वारा भी सहयोग और सहभागिता से ही शहर के विकास को गति मिलती है। महापौर ने अंत में सभी नगरवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी और नगर के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी से मिलकर काम करने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम में नगर निगम की ओर से पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले व्यक्तियों और संगठनों को भी विशेष सम्मान दिया गया। महापौर दीपक बाली ने नाला गैंग और आधी रात तक सफाई में जुटे नगर निगम कर्मचारियों, वाहन चालकों, महिला स्वयंसेविकाओं, स्कूली बच्चों और जन सेवा में सक्रिय सामाजिक संस्थाओं जैसे ‘चाहत’ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर महापौर ने सभी पार्षदों, पर्यावरण मित्रों, नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया और नगर के विकास में उनके योगदान की सराहना की। उनके संदेश ने यह स्पष्ट किया कि विकास केवल अधिकारियों का कार्य नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही संभव है। महापौर ने क्षेत्रवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए एकजुट होकर नगर और देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों ने देशभक्ति के रंग में सभी को रंगा, विशेषकर सुभाष चंद्र बोस छात्रावास, शिखर जूनियर हाई स्कूल और गोविंद बल्लभ पंत इंटर कॉलेज के छात्रों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समारोह को और भी यादगार बना दिया। बच्चों ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और उसके बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झांकी के माध्यम से देशभक्ति और वीरता की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों ने सभी को भावविभोर कर दिया और राष्ट्र के प्रति गर्व की अनुभूति कराई। उपस्थित लोगों ने बच्चों को उनके प्रयासों के लिए तालियों से सराहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने भी सभी क्षेत्रवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी और बच्चों को उनके भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।
इस भव्य और रंगारंग आयोजन ने यह साबित कर दिया कि काशीपुर में केवल स्वतंत्रता दिवस का उत्सव ही नहीं मनाया जाता, बल्कि इससे नागरिकों में देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और नगर के विकास में सक्रिय भागीदारी की भावना भी जागृत होती है। शहर के सभी गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठन, शिक्षक, विद्यार्थी और अधिकारी इस दिन मिलकर अपने शहर और देश के लिए प्रतिबद्धता का संदेश देते हैं। स्वतंत्रता दिवस के इस पर्व ने न केवल इतिहास की याद ताजा की बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का अहसास भी कराया। इस अवसर ने काशीपुर के विकास में एकजुटता, देशभक्ति और सामाजिक सेवा की भावना को एक साथ जोड़कर नगरवासियों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी।

इस भव्य और रंगारंग आयोजन ने यह साबित कर दिया कि काशीपुर में केवल स्वतंत्रता दिवस का उत्सव ही नहीं मनाया जाता, बल्कि इससे नागरिकों में देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और नगर के विकास में सक्रिय भागीदारी की भावना भी जागृत होती है। शहर के सभी गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठन, शिक्षक, विद्यार्थी और अधिकारी इस दिन मिलकर अपने शहर और देश के लिए प्रतिबद्धता का संदेश देते हैं। स्वतंत्रता दिवस के इस पर्व ने न केवल इतिहास की याद ताजा की बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का अहसास भी कराया। इस अवसर ने काशीपुर के विकास में एकजुटता, देशभक्ति और सामाजिक सेवा की भावना को एक साथ जोड़कर नगरवासियों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी।



