काशीपुर। नगर निगम क्षेत्र में प्रस्तावित वेंडिंग जोन को लेकर शहर की सियासत और सामाजिक बहस लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर कांग्रेस ने सड़क किनारे और फुटपाथों को वेंडिंग जोन के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे अव्यवहारिक बताया है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने मेयर दीपक बाली के प्रयासों का खुलकर समर्थन किया है। सोशल मीडिया पर सामने आई प्रतिक्रियाओं में लोगों का कहना है कि गरीब और छोटे दुकानदारों के लिए स्थायी व्यवस्था तैयार करना जरूरी है, ताकि उन्हें बार-बार हटाए जाने की समस्या से निजात मिल सके। इसी क्रम में ठेला-पटरी कारोबारियों से जुड़े लोगों ने कांग्रेस के विरोध को लेकर नाराजगी जताई है। माधव तोमर ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दीपक बाली के प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा कि गरीबों के लिए दुकानें और वेंडिंग जोन जैसी व्यवस्था तैयार करना सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति गरीब और छोटे कारोबारियों के हित में काम करता है तो उसके विरोध में कई लोग खड़े हो जाते हैं, लेकिन जनता को ऐसे प्रयासों का समर्थन करना चाहिए।
इसी बहस के बीच ठेला-पटरी संगठन से जुड़े पदाधिकारी और समर्थक भी मेयर दीपक बाली के पक्ष में सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों को केवल सड़क किनारे अस्थायी रूप से खड़े रहने के बजाय एक व्यवस्थित स्थान और छत उपलब्ध होना उनके लिए बड़ी राहत होगी। उनका कहना है कि लंबे समय से ठेले और रेहड़ी लगाने वाले लोगों को कभी अतिक्रमण तो कभी यातायात व्यवस्था के नाम पर हटाए जाने का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि नगर निगम उनके लिए नियोजित वेंडिंग जोन विकसित करता है तो इससे उनके रोजगार को स्थायित्व मिल सकता है। समर्थकों ने यह भी दावा किया कि प्रस्तावित व्यवस्था से मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण कम होगा, यातायात का दबाव घटेगा और लोगों को घर के आसपास ही फल, सब्जी तथा रोजमर्रा के खाने-पीने का सामान उपलब्ध हो सकेगा। महिलाओं को भी खरीदारी के लिए दूर जाने की आवश्यकता कम पड़ेगी। सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं में कुछ लोगों ने कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि गरीबों और छोटे कारोबारियों के हित में यह कदम उठाया जा रहा है तो इसका विरोध करने के बजाय व्यवस्था को बेहतर बनाने के सुझाव दिए जाने चाहिए।
दूसरी तरफ कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अलका पाल ने वेंडिंग जोन की मूल अवधारणा पर आपत्ति नहीं जताते हुए इसके लिए चुनी जा रही जगह और तरीके को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। अलका पाल ने सहर प्रजातंत्र से बातचीत में कहा कि वेंडिंग जोन बनाया जाना उचित है, क्योंकि छोटे व्यापारियों और गरीब परिवारों के लिए व्यवस्थित कारोबार की जगह उपलब्ध कराना जरूरी है, लेकिन सड़क के किनारे अथवा फुटपाथ का इस्तेमाल इसके लिए करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में सबसे पहले सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी राजनीतिक दलों के विचार लिए जाने चाहिए और इसके साथ आम जनता की राय को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि बिना व्यापक विचार-विमर्श के फुटपाथों और सड़क किनारे वेंडिंग जोन विकसित करने से शहर की यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और स्वच्छता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अलका पाल ने कहा कि नगर निगम के पास अपनी जमीन और अन्य स्थान उपलब्ध हैं, इसलिए ऐसी जगहों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाना चाहिए जहां छोटे कारोबारियों को स्थायी और सम्मानजनक स्थान मिल सके तथा शहर की मुख्य सड़कों पर यातायात और पैदल चलने वालों की व्यवस्था प्रभावित न हो।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस विकास कार्यों के विरोध में नहीं है, बल्कि विकास की योजना और उसके क्रियान्वयन के तरीके को लेकर सवाल उठा रही है। अलका पाल के अनुसार शहर में विकास के साथ सुरक्षा और स्वच्छता को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए, क्योंकि इन दोनों क्षेत्रों में अभी काफी काम किया जाना बाकी है। उनका कहना है कि सड़क और फुटपाथ पर वेंडिंग जोन बनाने से भीड़, अतिक्रमण, आवागमन और सफाई जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए पहले स्थान का चयन, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, कूड़ा प्रबंधन और सुरक्षा जैसे सभी पहलुओं पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम यदि अपने स्वामित्व वाली जमीन पर व्यवस्थित भवन या बाजारनुमा क्षेत्र विकसित करता है तो इससे गरीब दुकानदारों को भी स्थायी रोजगार का आधार मिलेगा और शहर की सड़कों को भी राहत मिल सकती है। वहीं कांग्रेस प्रदेश सचिव संदीप सहगल भी वेंडिंग जोन की मौजूदा योजना को अव्यावहारिक बताते हुए विरोध जता चुके हैं। कांग्रेस का कहना है कि किसी भी योजना को लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय और भविष्य में पैदा होने वाली समस्याओं का आकलन जरूरी है।
उधर, दीपक बाली के समर्थकों ने कांग्रेस के रुख को गरीब और छोटे कारोबारियों के हितों के खिलाफ बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर जारी टिप्पणियों में कहा गया कि यदि गरीबों के लिए स्थायी दुकानें और छत उपलब्ध कराने की पहल हो रही है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए। ठेला-पटरी कारोबारियों से जुड़े समर्थकों ने चेतावनी के अंदाज में कहा कि यदि सकारात्मक काम को राजनीतिक विरोध के कारण रोका गया तो वे भी आंदोलन और धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे। समर्थकों का दावा है कि शहर में कई स्थानों पर निजी स्तर पर पार्किंग, सीवर टैंक और अन्य निर्माण सरकारी जमीन पर किए जाने के बावजूद गरीबों के लिए व्यवस्थित कारोबार की जगह बनाए जाने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि वेंडिंग जोन बनने से एक तरफ छोटे व्यापारियों को सम्मानजनक रोजगार का आधार मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाने में भी मदद मिल सकती है। अब वेंडिंग जोन को लेकर सामने आए इन परस्पर विरोधी तर्कों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि नगर निगम किस स्थान और किस मॉडल पर इसे विकसित करता है। शहर में एक पक्ष इसे गरीबों के लिए नई उम्मीद मान रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थान की मांग कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सर्वदलीय चर्चा और जनमत की भूमिका इस विवाद को दिशा देने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।





