रामनगर। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में पुष्कर सोसाइटी की ओर से आयोजित 15 दिवसीय निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। प्रशिक्षण के दौरान कुल 21 महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लेकर सिलाई से जुड़ी विभिन्न तकनीकों और व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन अवसर पर प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी 21 महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रमाण-पत्र हाथ में आते ही प्रशिक्षणार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और खुशी साफ दिखाई दी। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल महिलाओं को सिलाई सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा हुनर उपलब्ध कराना था, जिसके माध्यम से वे भविष्य में घर से ही आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ सकें। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने पूरे मनोयोग से सीखने का प्रयास किया और सिलाई को संभावित रोजगार तथा स्वरोजगार के साधन के रूप में अपनाने की इच्छा जताई। पुष्कर सोसाइटी का यह प्रयास स्थानीय स्तर पर महिला आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली पहल के रूप में सामने आया है।
प्रशिक्षण की अवधि के दौरान महिलाओं को सिलाई से संबंधित विभिन्न उपयोगी तकनीकों का व्यवस्थित एवं व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षणार्थियों को विषयों को केवल सैद्धांतिक रूप से समझाने के बजाय उन्हें कार्य करके सीखने का अवसर दिया गया, जिससे उनकी समझ और आत्मविश्वास दोनों मजबूत हुए। महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें कई ऐसी बातें सीखने को मिलीं, जिनका उपयोग वे भविष्य में अपने व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ रोजगार के लिए भी कर सकती हैं। सिलाई का कौशल सीखने के बाद महिलाएं अपने स्तर पर कपड़ों की सिलाई का काम शुरू करने, घर से आय अर्जित करने अथवा आगे चलकर स्वरोजगार का छोटा उद्यम खड़ा करने की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं। प्रशिक्षण में भाग लेने वाली महिलाओं के लिए यह अवसर इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि उन्हें बिना किसी शुल्क के सीखने और अपनी क्षमता को निखारने का मंच मिला। प्रशिक्षण के समापन तक महिलाओं में अपने हुनर को लेकर उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने माना कि इस प्रकार के कौशल आधारित कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।
समापन समारोह के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं ने पुष्कर सोसाइटी की अध्यक्ष पूनम गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया। महिलाओं का कहना था कि संस्था की ओर से निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाने से उन्हें नया हुनर सीखने और अपनी क्षमता को रोजगार के अवसर में बदलने का महत्वपूर्ण अवसर मिला। प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की इच्छा रखने वाली महिलाओं के लिए इस तरह की पहल बेहद उपयोगी है, क्योंकि हर महिला के पास किसी न किसी प्रकार की प्रतिभा होती है, लेकिन उसे व्यवस्थित प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन का अवसर हमेशा नहीं मिल पाता। पुष्कर सोसाइटी ने प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को यही अवसर उपलब्ध कराया। महिलाओं ने यह भी कहा कि संस्था की ओर से महिलाओं को आगे बढ़ाने और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। प्रमाण-पत्र वितरण के बाद प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अब उनके भीतर अपने हुनर को आगे बढ़ाने और उससे आय का साधन तैयार करने का भरोसा पहले से अधिक मजबूत हुआ है। इस उपलब्धि ने उनके लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई शुरुआत का मार्ग खोला है।

प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षक के शिक्षण और प्रशिक्षण देने के तरीके की भी विशेष रूप से सराहना की। महिलाओं के अनुसार प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक विषय को सरल भाषा और सहज तरीके से समझाया गया, जिससे सीखने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। जिन तकनीकों को पहली नजर में कठिन समझा जा सकता था, उन्हें चरणबद्ध ढंग से समझाकर और व्यावहारिक अभ्यास कराकर आसान बनाया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने कहा कि प्रशिक्षक ने उनकी व्यक्तिगत सीखने की जरूरतों का भी ध्यान रखा और आवश्यकतानुसार उन्हें बार-बार अभ्यास का अवसर दिया। इसी वजह से प्रशिक्षण की पूरी अवधि के दौरान महिलाओं में सीखने की रुचि बनी रही। उनका कहना था कि केवल जानकारी देना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि किसी हुनर को सही तरीके से सीखने के लिए उसे स्वयं करके देखना जरूरी है और इस प्रशिक्षण में उन्हें यही व्यावहारिक अवसर मिला। महिलाओं ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होते रहें, ताकि अधिक संख्या में महिलाएं अपने समय और क्षमता के अनुरूप कोई उपयोगी कौशल सीख सकें। प्रशिक्षणार्थियों के अनुसार यह कार्यक्रम उनके लिए सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अनुभव रहा।
पुष्कर सोसाइटी की अध्यक्ष पूनम गुप्ता ने समापन अवसर पर कहा कि महिलाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना संस्था के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। उनका कहना था कि किसी भी महिला को यदि उपयोगी हुनर, सही मार्गदर्शन और आगे बढ़ने का अवसर मिल जाए तो वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ समाज में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसी सोच के साथ संस्था की ओर से महिलाओं के लिए निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिलाई जैसे व्यावहारिक कौशल को सीखकर महिलाएं अपने घर से ही काम शुरू कर सकती हैं और धीरे-धीरे इसे स्वरोजगार के बेहतर साधन में बदल सकती हैं। पूनम गुप्ता ने प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी 21 महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में भी महिलाओं के लिए ऐसे निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं अपने हुनर को पहचान सकें, उसे विकसित कर सकें और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम का समापन महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान करने और उनके भीतर नए आत्मविश्वास के संचार के साथ हुआ। यह पहल रामनगर में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में सामने आई।





