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स्वच्छता चौपाल में जनभागीदारी का बिगुल, महापौर दीपक बाली की पहल ने बदली तस्वीर

महापौर दीपक बाली ने वार्ड नंबर एक में जनता से सीधा संवाद कर सफाई, कचरा निस्तारण और जलभराव पर चर्चा की, नागरिकों से सहयोग मांगा, मनोज पाल ने पहल को पूरे जिले तक पहुंचाने का संकेत दिया।

काशीपुर। स्वच्छता व्यवस्था को जनभागीदारी से मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘स्वच्छता चौपाल’ की दूसरी कड़ी वार्ड नंबर एक में आयोजित की गई। चौपाल में सफाई व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण, जलभराव और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों के साथ विस्तार से संवाद हुआ। महापौर दीपक बाली ने लोगों से अपील की कि शहर को साफ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के लिए नगर निगम के प्रयासों के साथ नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि घरों से निकलने वाले कचरे को सड़क, नाली या खाली प्लॉट में डालने के बजाय नगर निगम की कूड़ा संग्रहण गाड़ियों को सौंपा जाए। उन्होंने लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग रखने तथा नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए डस्टबिन का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। महापौर ने कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। चौपाल के दौरान क्षेत्रवासियों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं, जिन्हें महापौर ने गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिलाया। इसी दौरान महापौर दीपक बाली ने स्वच्छता और जनसहयोग का संदेश देते हुए गुनगुनाया, “एक अकेला थक जाए…” और उनके साथ चौपाल में एक साथ उपस्थित जनता ने सामूहिक स्वर में कहा, “मिलकर हाथ बढ़ाना।” इस सामूहिक संवाद ने चौपाल के माहौल को जनभागीदारी और एकजुटता के संदेश से भर दिया।

इस दौरान दीपक बाली ने “स्वच्छता की शुरुआत घर से, साथ चलेंगे तो बदलेगा शहर” का स्लोगन देते हुए स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने का संदेश दिया। स्वच्छता चौपाल को महापौर दीपक बाली ने केवल सफाई अभियान तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे जनता और जनप्रतिनिधि के बीच सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम बनाया है। वार्ड नंबर एक में आयोजित दूसरी चौपाल में उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरुआत प्रत्येक घर से होनी चाहिए और जब नागरिक अपने घर, गली तथा आसपास के क्षेत्र को साफ रखने की जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी पूरे शहर की तस्वीर बदलेगी। सड़क किनारे, खाली स्थानों और नालियों में कचरा डालने से शहर की सुंदरता प्रभावित होने के साथ जलनिकासी व्यवस्था भी बाधित होती है। खासतौर पर प्लास्टिक और पॉलीथिन नालियों में पहुंचकर पानी के बहाव को रोक देते हैं, जिससे बारिश के समय जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान जब नगर निगम कर्मचारी नाले और नालियां खोलने पहुंचते हैं तो उनमें बड़ी मात्रा में कचरा मिलता है, जो जलभराव की परेशानी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महापौर ने कहा कि सफाई कर्मचारी लगातार मेहनत कर रहे हैं, लेकिन नागरिक यदि कचरे को निर्धारित माध्यम से नगर निगम तक पहुंचाएंगे तो व्यवस्था के परिणाम और बेहतर होंगे। उन्होंने नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए डस्टबिन का उपयोग करने, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा कूड़ा वाहनों को ही कचरा सौंपने की अपील की। इससे कचरे की छंटाई और निस्तारण की प्रक्रिया आसान होगी। उन्होंने साफ कहा कि वह अकेले पूरे शहर को स्वच्छ नहीं रख सकते, बल्कि “साथ चलेंगे तो बदलेगा शहर” की भावना के साथ जनता का सहयोग इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनेगा। चौपाल में मौजूद लोगों ने भी इस संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि महापौर का वार्डों में पहुंचकर जनता के बीच बैठना और समस्याओं को सीधे सुनना स्वच्छता के साथ-साथ जनसंवाद को भी मजबूत कर रहा है। लोगों ने कहा कि अक्सर जनप्रतिनिधि चुनाव के बाद जनता के बीच कम दिखाई देते हैं और चुनाव नजदीक आने पर फिर सक्रिय होते हैं, लेकिन दीपक बाली मेयर बनने के बाद से लगातार जनता के बीच पहुंच रहे हैं। नागरिकों के अनुसार स्वच्छता चौपाल केवल सफाई व्यवस्था की चर्चा नहीं, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच विश्वास, संवाद और भागीदारी बढ़ाने की अनूठी पहल बनती जा रही है।

चौपाल के दौरान जनता ने महापौर दीपक बाली की कार्यशैली को लेकर भी खुलकर अपनी राय रखी। नागरिकों ने कहा कि अक्सर जनप्रतिनिधि चुनाव के समय जनता के बीच दिखाई देते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद जनता से उनका संपर्क कम हो जाता है और अगला चुनाव नजदीक आने पर वे फिर लोगों के बीच पहुंचने लगते हैं। इसके विपरीत महापौर दीपक बाली लगातार जनता के बीच पहुंचकर संवाद बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि स्वच्छता चौपाल महापौर की अनूठी पहल है, जिसमें वह लोगों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। नागरिकों के मुताबिक वार्ड में पहुंचकर जनता के बीच बैठना और उनकी समस्याओं को सीधे सुनना जनप्रतिनिधि और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करता है। लोगों ने कहा कि चौपाल के माध्यम से उन्हें अपनी समस्याएं सीधे महापौर तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। जनता ने यह भी कहा कि स्वच्छता को केवल नगर निगम की जिम्मेदारी मानना उचित नहीं है। यदि प्रत्येक परिवार अपने घर के कचरे को सही तरीके से निस्तारित करे और नालियों में प्लास्टिक-पॉलीथिन डालने से बचे तो शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार आ सकता है। जनता की इन प्रतिक्रियाओं से चौपाल के प्रति सकारात्मक माहौल दिखाई दिया।

इसी दौरान महापौर दीपक बाली ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर थोड़ा प्रयास करेगा तो शहर की तस्वीर बदल सकती है। इसी भाव के साथ उन्होंने गुनगुनाया, “एक अकेला थक जाए…” और चौपाल में एक साथ उपस्थित जनता ने भी स्वर मिलाते हुए कहा, “मिलकर हाथ बढ़ाना।” इस दौरान लोगों के सामूहिक स्वर ने यह संदेश दिया कि स्वच्छ काशीपुर का लक्ष्य केवल नगर निगम के प्रयासों से नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी से पूरा होगा। महापौर ने कहा कि यदि नागरिक घर से कचरा अलग करके नगर निगम की कूड़ा गाड़ियों को देंगे, प्लास्टिक और पॉलीथिन को नालियों में जाने से रोकेंगे तथा सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता का ध्यान रखेंगे तो सफाई व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने के लिए सरकार, नगर निगम और जनता को साथ चलना होगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्वयं कूड़ा इधर-उधर न डालें और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें। चौपाल में जनता की ओर से मिला सामूहिक समर्थन इस पहल के प्रति बढ़ती भागीदारी का संकेत बना।

काशीपुर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्वीकृत ड्रेनेज सिस्टम परियोजना की जानकारी भी महापौर दीपक बाली ने वार्डवासियों को दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहर की जलभराव समस्या के स्थायी समाधान के लिए 602 करोड़ रुपये की ड्रेनेज सिस्टम परियोजना को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि इसकी पहली किस्त के रूप में 202 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुकी है और जल्द ही काम शुरू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। महापौर ने कहा कि यह परियोजना शहर की जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इससे बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़े विकास कार्यों के साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी जरूरी है। यदि नालियों में लगातार प्लास्टिक, पॉलीथिन और कचरा पहुंचता रहेगा तो नई व्यवस्था के बावजूद समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए उन्होंने लोगों से अभी से अपनी आदतों में बदलाव लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जलभराव और कचरा प्रबंधन आपस में जुड़े हुए विषय हैं और कचरे का उचित निस्तारण जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

स्वच्छता में नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए महापौर दीपक बाली ने प्रमाण पत्र और हाउस टैक्स में रियायत की व्यवस्था की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान में सहयोग करने वाले नागरिकों को नगर निगम की ओर से प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। यदि कोई परिवार एक महीने में स्वच्छता को लेकर तीन प्रमाण पत्र प्राप्त करता है तो उसे हाउस टैक्स में 10 प्रतिशत की रियायत देने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छता के लिए लगातार प्रेरित करना है। महापौर ने लोगों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके नगर निगम की कूड़ा गाड़ियों को देने की अपील की। उन्होंने कहा कि कचरे को अलग रखने से उसकी छंटाई और निस्तारण की प्रक्रिया आसान होगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि रोजाना की जिम्मेदारी है। यदि हजारों परिवार इस व्यवस्था को अपनाते हैं तो काशीपुर की सफाई व्यवस्था में व्यापक बदलाव दिखाई दे सकता है।

चौपाल में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज पाल ने महापौर दीपक बाली की ओर से शुरू की गई स्वच्छता चौपाल की सराहना करते हुए इसे जनप्रतिनिधि और जनता के बीच सीधा संपर्क मजबूत करने वाली प्रभावशाली पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस चौपाल के जरिए महापौर न केवल नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं, बल्कि स्वच्छता के प्रति लोगों में जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना भी विकसित कर रहे हैं। मनोज पाल ने कहा कि ऐसी पहल का दायरा केवल काशीपुर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जिले के अन्य क्षेत्रों तक भी पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत कर पूरे जिले में इसी तरह की स्वच्छता चौपाल आयोजित कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। उनका कहना था कि जब जनप्रतिनिधि नियमित रूप से जनता के बीच पहुंचकर संवाद करते हैं तो क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को समझना और उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाना आसान हो जाता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे महापौर दीपक बाली के इस अभियान से जुड़ें और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दें।

इस दौरान जनता ने कहा कि अक्सर जनप्रतिनिधि चुनाव लड़ने के बाद जनता के बीच नहीं पहुंचते हैं और फिर चुनाव आने पर दिखाई देते हैं, लेकिन महापौर दीपक बाली पहले ऐसे जनप्रतिनिधि और मेयर हैं जो मेयर बनने के बाद से लगातार जनता के बीच में हैं और जनता से संवाद बढ़ा रहे हैं। लोगों ने कहा कि महापौर दीपक बाली की स्वच्छता चौपाल केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच सीधे संवाद का अनूठा माध्यम बन गई है। इस चौपाल के जरिए महापौर स्वयं वार्डों में पहुंचकर लोगों के बीच बैठते हैं, उनकी समस्याओं को सुनते हैं और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले मुद्दों को समझने का प्रयास करते हैं। जनता ने कहा कि इससे लोगों को अपनी बात सीधे महापौर के सामने रखने का अवसर मिल रहा है और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद भी दिखाई दे रही है। लोगों का कहना था कि स्वच्छता चौपाल के माध्यम से सफाई व्यवस्था को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ नागरिकों को शहर की व्यवस्थाओं में अपनी भागीदारी के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। जनता ने महापौर की इस पहल को सकारात्मक बताते हुए कहा कि लगातार संवाद से जनप्रतिनिधि और जनता के बीच विश्वास और जुड़ाव मजबूत होता है।

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