काशीपुर। भारतीय जनता पार्टी ने संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष को सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के व्यापक संदेश के साथ जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देशव्यापी ष्समरसता संकल्प अभियानष् का शुभारंभ कर दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय काशीपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अभियान की विस्तृत रूपरेखा सार्वजनिक की गई। पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समानता, सामाजिक न्याय, सेवा, सद्भाव और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का एक व्यापक प्रयास है। अभियान का शुभारंभ 29 जुलाई 2026 (गुरु पूर्णिमा) से किया जा चुका है और इसका समापन 20 फरवरी 2027 (माघ पूर्णिमा) को होगा। इस अवधि में राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला, मंडल तथा ग्राम स्तर तक अनेक धार्मिक, सामाजिक और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रेस वार्ता में कहा गया कि भारतीय जनता पार्टी का उद्देश्य संत गुरु रविदास महाराज के विचारों को केवल स्मरण करना नहीं, बल्कि उन्हें समाज के व्यवहार और जनजीवन में उतारना है। पार्टी का मानना है कि संत रविदास का जीवन सामाजिक समरसता, समान अधिकार और मानवता के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है, जिनके आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे। अभियान के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर परस्पर सम्मान, सौहार्द और सामाजिक एकजुटता को नई मजबूती देने का प्रयास किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान जिला संयोजक सृष्टि आहुजा बंसल ने अभियान की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि संत गुरु रविदास महाराज ने अपने पूरे जीवन में समता, सामाजिक न्याय, सेवा, सदाचार, मानवता और भाईचारे का संदेश दिया। यही कारण है कि आज भी उनके विचार समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने बताया कि ‘समरसता संकल्प अभियान’ का मुख्य उद्देश्य संत रविदास महाराज के इन्हीं प्रेरणादायी विचारों को घर-घर तक पहुंचाना और विकसित भारत के निर्माण में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही गांव से लेकर शहर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर समाज में समरसता का वातावरण तैयार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा ताकि संत रविदास के आदर्शों के अनुरूप समान अवसर और समान सम्मान वाला समाज निर्मित हो सके। सृष्टि आहुजा बंसल ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है, जब सभी लोग जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता निभाएं।
जिला अध्यक्ष मनोज पाल ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि संत गुरु रविदास महाराज किसी एक समाज या वर्ग के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान संत, समाज सुधारक और आध्यात्मिक चिंतक थे। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया कि मनुष्य की पहचान उसके कर्म, विचार और चरित्र से होती है, न कि उसकी जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि से। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने सदैव वंचित, उपेक्षित और शोषित वर्गों को सम्मान, आत्मविश्वास और समान अधिकार दिलाने की प्रेरणा दी। उनके विचार आज भी सामाजिक समरसता की सबसे बड़ी आधारशिला हैं। मनोज पाल ने कहा कि संत रविदास का प्रसिद्ध विचार ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ केवल एक धार्मिक संदेश नहीं, बल्कि आंतरिक पवित्रता, ईमानदारी और नैतिक जीवन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में भेदभाव, अन्याय और शोषण का स्थान समाप्त होगा, वहीं वास्तविक समरसता स्थापित होगी। उनके अनुसार भारतीय जनता पार्टी इसी सोच को समाज के बीच लेकर जा रही है ताकि हर व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जी सके और समाज में समान अवसरों का वातावरण मजबूत हो। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से सामाजिक समरसता के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
अपने संबोधन के दौरान मनोज पाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अनेक अवसरों पर संत गुरु रविदास महाराज के जीवन और उनके संदेश को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया है। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपना संपूर्ण जीवन जातिवाद, ऊंच-नीच और सामाजिक छुआछूत के विरुद्ध संघर्ष करते हुए समाज को समानता और सम्मान का मार्ग दिखाया। प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह विचार संत रविदास की समरस समाज की परिकल्पना से प्रेरित दिखाई देता है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भी सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति माना था। मनोज पाल ने कहा कि संत रविदास ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के मन में आत्मसम्मान और समान अधिकार की भावना जागृत करने का कार्य किया, इसलिए आज आवश्यकता इस बात की है कि उनके विचारों को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर जन-जन तक पहुंचाया जाए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि यही संत गुरु रविदास महाराज के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

अभियान की आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि यह अभियान कई चरणों में संचालित किया जाएगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक संत गुरु रविदास महाराज के विचार प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत 29 जुलाई से 10 सितंबर 2026 तक श्री गुरु रविदास महाराज कलश वंदन अभियान चलाया जाएगा। इस अवधि में जिला, मंडल तथा ग्राम स्तर तक कार्यक्रम आयोजित कर अभियान का संदेश प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद 29 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक संत संपर्क अभियान के माध्यम से संत-महात्माओं से सम्मानपूर्वक भेंट कर उनके आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया जाएगा। अभियान का तीसरा महत्वपूर्ण चरण 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाली श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा होगी, जो डेरा सचखंड बल्लां (जालंधर) से प्रारंभ होकर जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) तक निकाली जाएगी। इसके अतिरिक्त 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक छात्रावास संपर्क अभियान के माध्यम से युवाओं एवं विद्यार्थियों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, समानता तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर विशेष चर्चा की जाएगी। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखना है, जिससे संत रविदास महाराज के विचार व्यवहारिक रूप से समाज में स्थापित हो सकें।
प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि अभियान के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों में संत गुरु रविदास महाराज से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास का भी संकल्प लिया गया है। इसके साथ ही अभियान को अधिक प्रभावी और व्यापक स्वरूप देने के लिए प्रदेश, जिला, मंडल तथा विभिन्न स्तरों पर आयोजन समितियों का गठन किया जा रहा है। इन समितियों की जिम्मेदारी होगी कि अभियान के प्रत्येक कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित किया जाए और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए। अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए मीडिया और सोशल मीडिया का भी व्यापक उपयोग किया जाएगा, ताकि संत गुरु रविदास महाराज के विचारों और उनके संदेश को युवा पीढ़ी सहित समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जा सके। पार्टी पदाधिकारियों का कहना था कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से समाज के अधिकाधिक लोगों को अभियान से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से जनसंपर्क, संवाद, धार्मिक कार्यक्रम, सामाजिक बैठकों तथा जागरूकता अभियानों के जरिए लोगों को समरसता के महत्व से परिचित कराया जाएगा। उनका कहना था कि यह अभियान केवल भारतीय जनता पार्टी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने की दिशा में एक व्यापक जनभागीदारी का प्रयास है।
अभियान के सफल संचालन के लिए संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी निर्धारित कर दी गई हैं। प्रेस वार्ता में बताया गया कि जिले में अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी जिला उपाध्यक्ष एवं जिला संयोजक श्रीमती सृष्टि आहुजा बंसल को सौंपी गई है। वहीं जिला टोली में जिला मंत्री विपिन अरोड़ा, जिला मंत्री संजीव कुमार जाटव, अनुसूचित जाति मोर्चा जिला अध्यक्ष यशपाल राजहंस तथा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रशांत पंडित सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। पार्टी का कहना है कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए अभियान को गांव-गांव और प्रत्येक समाज तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। अभियान के दौरान स्थानीय स्तर पर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। संगठन का मानना है कि जब समाज के सभी वर्ग एक मंच पर आएंगे, तभी सामाजिक समरसता की भावना और अधिक मजबूत होगी। इसी सोच के साथ प्रत्येक पदाधिकारी को स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपते हुए अभियान को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
प्रेस वार्ता के समापन अवसर पर जिला अध्यक्ष मनोज पाल ने संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, मंदिर समितियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों तथा समाज के सभी वर्गों से ‘समरसता संकल्प अभियान’ में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज का जीवन समाज को समानता, सम्मान और मानवता का संदेश देने के लिए समर्पित रहा और आज आवश्यकता है कि उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारा जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता किसी एक संगठन या व्यक्ति के प्रयासों से नहीं, बल्कि पूरे समाज की सहभागिता से ही मजबूत हो सकती है। इसी भावना के साथ भारतीय जनता पार्टी इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गुरु पूर्णिमा से प्रारंभ हुआ यह अभियान माघ पूर्णिमा तक समाज में सकारात्मक चेतना का नया वातावरण तैयार करेगा और संत गुरु रविदास महाराज के विचारों को नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रेस वार्ता में मौजूद पदाधिकारियों ने भी एक स्वर में कहा कि समाज में समरसता, समान अवसर, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है तथा इसी उद्देश्य के साथ यह अभियान पूरे जिले सहित देशभर में निरंतर संचालित किया जाएगा।





