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आईजीएल के सहयोग से नगर निगम में सजा आधुनिक फव्वारा महापौर दीपक बाली ने किया लोकार्पण

सीएसआर पहल के तहत विकसित हरित पार्क और आकर्षक फव्वारे ने बढ़ाई नगर निगम की सुंदरता, महापौर ने उद्योग जगत को बताया काशीपुर के विकास का मजबूत भागीदार और सामाजिक दायित्व निभाने की प्रेरणादायी मिसाल।

काशीपुर। नगर निगम परिसर में शनिवार का दिन शहर के विकास, सौंदर्यीकरण और सामाजिक सहभागिता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया, जब इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड (आईजीएल) द्वारा अपनी कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि के अंतर्गत विकसित कराए गए आधुनिक फव्वारे एवं हरित पार्क का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर नगर निगम परिसर उत्सव जैसा माहौल प्रस्तुत कर रहा था, जहां जनप्रतिनिधियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नगर निगम के अधिकारियों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। लोकार्पण समारोह में महापौर दीपक बाली के साथ नगर आयुक्त रविन्द्र सिंह बिष्ट, इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड के एक्सिक्यूटिव डॉयरेक्टर आलोक सिंघल, एच.आर. एंड एडमिन राजेश कुमार, जी.ए.जी.एम. एडमिन विक्रांत चौधरी तथा हेड लाइजनिंग रमेश चंद्र उपाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से फव्वारे का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया कि यदि उद्योग, प्रशासन और समाज एक साथ मिलकर कार्य करें तो किसी भी शहर का स्वरूप अपेक्षा से कहीं अधिक तेजी से बदला जा सकता है। नगर निगम परिसर में स्थापित यह आकर्षक फव्वारा केवल एक निर्माण कार्य नहीं बल्कि काशीपुर के बदलते विकास मॉडल, पर्यावरणीय सोच और जनसहभागिता की नई पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड ने अपनी कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत नगर निगम काशीपुर को जो सहयोग प्रदान किया है, वह केवल आर्थिक योगदान नहीं बल्कि समाज और शहर के प्रति उनकी जिम्मेदारी निभाने का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग की वास्तविक पहचान केवल उत्पादन या व्यापार से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह अपने आसपास के समाज और शहर के विकास में कितनी भागीदारी निभाता है। उनके अनुसार यह सहयोग नगर निगम के सौंदर्यीकरण अभियानों को नई ऊर्जा देगा और नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। महापौर ने कहा कि नगर निगम लगातार काशीपुर को आधुनिक, स्वच्छ, व्यवस्थित और हरित शहर बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है तथा ऐसे सहयोग से विकास कार्यों की गति कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी उद्योग जगत इसी प्रकार नगर निगम के साथ मिलकर शहर के विकास की नई इबारत लिखेगा।

अपने संबोधन के दौरान महापौर दीपक बाली ने उद्योग जगत की भूमिका को ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ते हुए एक भावनात्मक उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि एक समय वह सोच रहे थे कि इतिहास में भामाशाह ने जिस प्रकार महाराणा प्रताप के संघर्ष के समय उनके सामने जाकर यह कहा था कि धन की चिंता किए बिना अपनी सेना को फिर से तैयार करें और अपना राज्य वापस प्राप्त करें, उसी प्रकार आज काशीपुर के उद्योगपति नगर निगम के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भामाशाह ने राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया था, उसी तरह आज काशीपुर के उद्योग समूह सामाजिक विकास के लिए नगर निगम के सहयोगी बनकर सामने आ रहे हैं। महापौर ने कहा कि शहर के विकास के लिए केवल सरकारी बजट पर्याप्त नहीं होता, बल्कि समाज और उद्योग जगत का सहयोग भी उतना ही आवश्यक होता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि काशीपुर के उद्योगपति आज नगर निगम के लिए आधुनिक दौर के भामाशाह की भूमिका निभा रहे हैं और उनका यह सहयोग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बनेगा।

कार्यक्रम के दौरान महापौर दीपक बाली ने हरित, स्वच्छ और आधुनिक काशीपुर के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल सड़कों और भवनों का निर्माण करना नहीं बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां नागरिकों को स्वच्छता, हरियाली, सौंदर्य और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं का अनुभव हो। उन्होंने कहा कि नगर निगम परिसर में विकसित किया गया फव्वारा और हरित पार्क शहर के सौंदर्यीकरण अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे न केवल नगर निगम परिसर की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि यहां आने वाले नागरिकों को भी सकारात्मक वातावरण मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और हरित विकास को बढ़ावा दिए बिना किसी भी शहर की प्रगति अधूरी मानी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के बिना स्वच्छ, सुंदर और विकसित काशीपुर की कल्पना पूरी नहीं हो सकती। इसी भावना के साथ नगर निगम लगातार नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और औद्योगिक इकाइयों को विकास यात्रा का सहभागी बना रहा है।

महापौर ने समारोह में मौजूद इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड के सभी अधिकारियों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी ने जिस सकारात्मक सोच के साथ नगर निगम का सहयोग किया है, वह अन्य औद्योगिक संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि जब उद्योग अपने संसाधनों का एक हिस्सा समाज के हित में लगाते हैं तो उसका लाभ केवल एक संस्था को नहीं बल्कि पूरे शहर को मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम काशीपुर की ओर से इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड के प्रति हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया जाता है क्योंकि उनका यह सहयोग आने वाले समय में विकास कार्यों की दिशा बदलने वाला साबित होगा। उन्होंने आशा जताई कि शहर में भविष्य में भी इसी प्रकार के अनेक जनहितकारी कार्य सीएसआर के माध्यम से संपन्न होंगे और नगर निगम तथा उद्योग जगत मिलकर काशीपुर को उत्तराखंड के सबसे सुंदर और व्यवस्थित नगरों में शामिल करने का लक्ष्य हासिल करेंगे।

समारोह में इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड के एक्सिक्यूटिव डॉयरेक्टर आलोक सिंघल ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि किसी भी शहर की प्रगति केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं होती बल्कि समाज, उद्योग और प्रशासन की साझा भागीदारी से विकास की मजबूत नींव तैयार होती है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं काशीपुर के मूल निवासी नहीं हैं, लेकिन वर्ष 1991 में इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड से जुड़ने के बाद से लगातार इसी क्षेत्र का हिस्सा बने हुए हैं और पिछले पैंतीस वर्षों में उन्होंने काशीपुर को बहुत करीब से बदलते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार यहां आए थे और आज के काशीपुर की तुलना करते हैं तो विकास की रफ्तार स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उनके अनुसार यह परिवर्तन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे समाज, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि किसी शहर की पहचान केवल उसके भवनों से नहीं बल्कि वहां के लोगों की सोच और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से बनती है।

आलोक सिंघल ने अपने संबोधन में परिवार और शहर की तुलना करते हुए कहा कि जिस प्रकार प्रत्येक परिवार का एक मुखिया होता है, जिसका दायित्व परिवार के प्रत्येक सदस्य की सुख-सुविधा, सुरक्षा और बेहतर जीवन सुनिश्चित करना होता है, उसी प्रकार किसी शहर का नेतृत्व करने वाले जनप्रतिनिधि का दायित्व भी पूरे नगर को व्यवस्थित, सुरक्षित और विकसित बनाना होता है। उन्होंने कहा कि चाहे परिवार छोटा हो या बड़ा, उसकी दिशा तय करने वाला नेतृत्व ही उसकी प्रगति का आधार बनता है। इसी प्रकार नगर का नेतृत्व भी यह सुनिश्चित करता है कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, आधारभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों और विकास योजनाएं सही दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा शहर के विकास के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, उनमें उद्योग जगत की सहभागिता भी आवश्यक है और इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड स्वयं को इस जिम्मेदारी का भागीदार मानती है। उन्होंने कहा कि समाज और उद्योग यदि एक-दूसरे के सहयोगी बन जाएं तो विकास की गति स्वतः कई गुना बढ़ जाती है।

अपने वक्तव्य में आलोक सिंघल ने कहा कि किसी भी विकास यात्रा में केवल संसाधन पर्याप्त नहीं होते बल्कि सही दिशा और समय पर लिए गए निर्णय भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की सबसे बड़ी पहचान यही होती है कि वह सही समय पर सही व्यक्ति तक पहुंचे, योजनाओं को धरातल पर उतारे और समाज के हित में निर्णय लेने का साहस रखे। उन्होंने कहा कि जब शहर का नेतृत्व विकास के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण रखता है तो समाज, उद्योग और आम नागरिक भी उसी दिशा में आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि देश के विकास की चर्चा करते हुए अक्सर यह कहा जाता है कि पिछले वर्षों में योजनाओं की गति तेज हुई है और इसका सबसे बड़ा कारण स्पष्ट लक्ष्य और निर्णय लेने की क्षमता रही है। उसी प्रकार यदि नगर स्तर पर भी योजनाओं को तेजी और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए तो शहर का स्वरूप अपेक्षा से कहीं अधिक तेजी से बदल सकता है। उन्होंने कहा कि काशीपुर में भी इसी प्रकार की सकारात्मक सोच दिखाई दे रही है और उद्योग जगत उसका सहभागी बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

कार्यक्रम के समापन की ओर बढ़ते हुए उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इस पहल को केवल एक उद्घाटन समारोह तक सीमित नहीं माना बल्कि इसे नगर निगम और उद्योग जगत के बीच भविष्य के सहयोग की नई शुरुआत बताया। समारोह में मौजूद लोगों का मानना था कि नगर निगम परिसर में स्थापित आधुनिक फव्वारा और विकसित हरित पार्क आने वाले वर्षों में शहर की पहचान का हिस्सा बनेंगे। इस अवसर पर यह भी स्पष्ट किया गया कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण, सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में इसी प्रकार के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से नगर निगम परिसर का निरीक्षण किया और विकसित किए गए फव्वारे तथा पार्क की सराहना की। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि नगर निगम, उद्योग जगत और नागरिक समाज इसी प्रकार एकजुट होकर कार्य करते रहे तो काशीपुर को स्वच्छ, सुंदर, हरित और आधुनिक शहर बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से साकार होगा तथा यह पहल भविष्य में अन्य औद्योगिक संस्थानों को भी सामाजिक दायित्व निभाने के लिए प्रेरित करेगी।

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