काशीपुर। शनिवार की सुबह काशीपुर शहर के व्यस्त इलाकों में शामिल महाराणा प्रताप चौक उस समय अचानक अफरा-तफरी और चिंता का केंद्र बन गया, जब यहां स्थित दो छोटी दुकानों में अचानक आग भड़क उठी। सुबह का समय होने के कारण आसपास के दुकानदार अपने-अपने प्रतिष्ठान खोलने की तैयारी में लगे हुए थे, तभी देखते ही देखते साइकिल मरम्मत की दुकान और उसके पास मौजूद फल की दुकान से धुआं और लपटें उठती दिखाई दीं। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन तब तक आग इतनी फैल चुकी थी कि दुकानों में रखा सामान तेजी से जलने लगा। इस भीषण अग्निकांड में आवास विकास निवासी अनिल शर्मा की साइकिल मरम्मत की दुकान और शहजाद हुसैन की फल की दुकान को भारी क्षति पहुंची। दुकान के अंदर मौजूद सामान, उपकरण और अन्य सामग्री आग की चपेट में आकर लगभग पूरी तरह नष्ट हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन जब तक स्थिति नियंत्रित हुई, तब तक दोनों दुकानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो चुका था। घटना के बाद आसपास के दुकानदारों और राहगीरों के बीच गहरी चिंता और दुख का माहौल दिखाई दिया, क्योंकि जिन दुकानों में आग लगी थी, वही दुकानदार अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए इसी छोटे कारोबार पर निर्भर थे।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गतिविधियां तेज हो गईं। काशीपुर के मेयर दीपक बाली जैसे ही इस घटना की जानकारी से अवगत हुए, वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात की और उन्हें इस कठिन समय में धैर्य रखने की सलाह देते हुए भरोसा दिलाया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं। मेयर ने आग से प्रभावित दुकानदारों की स्थिति को करीब से देखा और उनके नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस घटना से जिन लोगों का नुकसान हुआ है, उन्हें हर संभव सहायता दिलाने के लिए वह स्वयं प्रयास करेंगे। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल आर्थिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित करती हैं, इसलिए प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर ऐसे लोगों की मदद करनी चाहिए। पीड़ित दुकानदारों को सांत्वना देते हुए दीपक बाली ने यह भी भरोसा दिलाया कि शासन-प्रशासन के माध्यम से सहायता राशि दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से भी चर्चा की और उन्हें निर्देश दिया कि आग से हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि पीड़ितों को राहत दिलाई जा सके।
मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए मेयर दीपक बाली ने मौके पर ही एक अहम घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकारी सहायता की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक पीड़ित दुकानदारों को तत्काल राहत की आवश्यकता है। इसी भावना के साथ उन्होंने अपनी ओर से पचास हजार रुपये की निजी आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। इस घोषणा के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे एक सकारात्मक कदम बताया। मेयर ने कहा कि समाज में जब किसी व्यक्ति पर संकट आता है तो जनप्रतिनिधियों का दायित्व बनता है कि वे आगे बढ़कर उसकी मदद करें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक स्तर पर भी इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है और आग से हुए नुकसान का पूरा विवरण तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ितों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें उचित राहत दिलाने के लिए शासन से अनुमन्य सहायता राशि स्वीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय प्रशासन से यह भी कहा कि ऐसे इलाकों में अग्नि सुरक्षा के उपायों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले से बातचीत करते हुए दीपक बाली ने पटवारी रोहित शर्मा को भी स्पष्ट निर्देश दिए कि अग्निकांड से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि दोनों दुकानों में आग से कितना सामान नष्ट हुआ है, इसकी सूची बनाकर जल्द से जल्द प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी जाए। मेयर ने जोर देकर कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर ही शासन से सहायता राशि स्वीकृत कराई जा सकेगी, इसलिए नुकसान का आकलन पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ किया जाना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर स्थिति का निरीक्षण किया और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए। घटना स्थल पर पहुंचे कई स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की कि पीड़ित दुकानदारों की मदद के लिए जल्द से जल्द राहत पैकेज की घोषणा की जाए। वहीं, मेयर ने भरोसा दिलाया कि वह स्वयं इस मामले को उच्च स्तर पर उठाएंगे ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहां मौजूद लोगों ने देखा कि आग से दुकानों की हालत बेहद खराब हो चुकी थी और अंदर रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया था।
अग्निकांड से प्रभावित दुकानदार अनिल शर्मा ने इस घटना को अपने जीवन की सबसे बड़ी आर्थिक क्षति बताते हुए कहा कि उनकी दुकान में रखा लगभग पूरा सामान आग की भेंट चढ़ गया है। उन्होंने बताया कि साइकिल मरम्मत का यह छोटा सा कारोबार ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन था और इसी से वह अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। आग लगने के बाद दुकान में मौजूद उपकरण, स्पेयर पार्ट्स और अन्य जरूरी सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गई। अनिल शर्मा के अनुसार इस घटना में उन्हें करीब दो से ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस दुकान को खड़ा करने में उन्हें कई साल लग गए थे, वह कुछ ही मिनटों में आग की लपटों में जलकर बर्बाद हो गई। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि यदि उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिल जाए तो वह दोबारा अपना छोटा कारोबार शुरू करने की कोशिश कर सकते हैं। घटना के बाद उनके परिवार के लोग भी बेहद चिंतित नजर आए, क्योंकि अचानक हुए इस नुकसान ने उनकी आजीविका पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
घटना की खबर फैलते ही राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचने लगे। इसी क्रम में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अलका पाल भी घटनास्थल पर पहुंचीं और आग से प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों से बातचीत कर उनके नुकसान के बारे में जानकारी ली और उन्हें भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है। अलका पाल ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि छोटे व्यापारियों के लिए इस तरह की दुर्घटनाएं बेहद गंभीर होती हैं, क्योंकि उनकी पूरी पूंजी अक्सर उनके छोटे कारोबार में ही लगी होती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित दुकानदारों को तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान की जाए ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें। इस दौरान उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से बातचीत करते हुए यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राहत प्रदान करने की प्रक्रिया तेज की जानी चाहिए।
मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए अलका पाल ने कहा कि शनिवार सुबह महाराणा प्रताप चौक पर स्थित खोखा व्यापारी शहजाद और अनिल शर्मा की दुकानों में लगी आग ने उनके पूरे व्यापार को तबाह कर दिया है। उन्होंने बताया कि आग की वजह से दोनों दुकानों में रखा सामान पूरी तरह जल गया और दुकानों को भी भारी क्षति पहुंची है। उन्होंने इस घटना को बेहद पीड़ादायक बताते हुए कहा कि प्रशासन को तुरंत प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। अलका पाल ने कहा कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी और तहसीलदार से भी बातचीत की है और उनसे आग्रह किया है कि पीड़ितों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने समाज के अन्य वर्गों से भी अपील की कि वे आगे आकर इन दुकानदारों की मदद करें।
इस दौरान कांग्रेस महानगर कमेटी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। एडवोकेट हरीश कुमार सिंह, विमल गुड़िया, महेंद्र लोहिया, जितेंद्र सरस्वती, चंद्रभूषण डोभाल, इलियास महागीर और खैराती लाल सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। इन सभी नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित दुकानदारों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए ताकि वे अपने कारोबार को फिर से शुरू कर सकें। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि छोटे व्यापारियों के लिए इस तरह की घटनाएं बेहद कठिन होती हैं और ऐसे समय में समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर उनकी सहायता करनी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द राहत प्रदान कर प्रभावित परिवारों को इस संकट से उबरने में मदद करेगा।





