spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
Homeउत्तराखंडहाईकोर्ट आदेश के बाद कोतवाली पहुंचे अनूप अग्रवाल विधायक अरविंद पांडे भी...

हाईकोर्ट आदेश के बाद कोतवाली पहुंचे अनूप अग्रवाल विधायक अरविंद पांडे भी रहे मौजूद

उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद काशीपुर के चर्चित व्यापारी अनूप अग्रवाल अधिवक्ताओं और समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचे, जहां पुलिस अधिकारियों के सामने बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हुई और इस दौरान विधायक अरविंद पांडे की मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक चर्चित बना दिया।

काशीपुर। उत्तराखंड की सियासत और पुलिस महकमे में लंबे समय से चर्चा और रहस्य का विषय बने अनूप अग्रवाल उर्फ लाला प्रकरण ने शनिवार को अचानक नया मोड़ ले लिया, जब महीनों से जिनकी तलाश को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं, वही चेहरा अचानक काशीपुर कोतवाली परिसर में दिखाई दे गया। यह वही नाम है जिसे लेकर गदरपुर विधायक अरविंद पांडे कई बार सार्वजनिक मंचों और मीडिया के सामने यह कहते हुए सुनाई दिए थे कि अनूप अग्रवाल लंबे समय से सामने नहीं आ रहे हैं और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है। लेकिन शनिवार को जब कोतवाली परिसर में हलचल बढ़ी और समर्थकों तथा अधिवक्ताओं की भीड़ के बीच अनूप अग्रवाल पहुंचे, तो यह दृश्य कई लोगों के लिए अप्रत्याशित था। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जिस व्यक्ति को लेकर पुलिस तफ्तीश और तलाश की चर्चा होती रही, वही अनूप अग्रवाल गदरपुर विधायक अरविंद पांडे के साथ कोतवाली की दहलीज पर दिखाई दिए। इस घटनाक्रम ने न केवल स्थानीय राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी, बल्कि पूरे मामले को एक नए और जटिल कानूनी मोड़ पर ला खड़ा किया है। कोतवाली परिसर में मौजूद लोगों के बीच इस दृश्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और हर कोई इस अचानक सामने आए घटनाक्रम को अपने-अपने तरीके से समझने की कोशिश करता नजर आया।

इस घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब आदरणीय उचित न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में काशीपुर के व्यापारी अनूप अग्रवाल स्वयं कोतवाली पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपने बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में शामिल हुए। सुबह के समय जब उनकी गाड़ी कोतवाली परिसर में दाखिल हुई तो वहां पहले से मौजूद पुलिस कर्मियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और मीडिया प्रतिनिधियों की नजरें उसी दिशा में टिक गईं। लंबे समय से जिस नाम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था, उसे अचानक पुलिस थाने की दहलीज पर देखना कई लोगों के लिए चौंकाने वाला पल था। कोतवाली पहुंचने के बाद अनूप अग्रवाल ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत करते हुए कहा कि वह उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार यहां आए हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने बयान दर्ज कराने की औपचारिकता पूरी करने पहुंचे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के आदेशों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है और वह भी उसी भावना के साथ यहां उपस्थित हुए हैं। उनके साथ गदरपुर विधायक अरविंद पांडे की मौजूदगी ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया, क्योंकि इससे पहले तक इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी होती रही थी।

कोतवाली परिसर में प्रवेश करने के बाद अनूप अग्रवाल अपनी अधिवक्ता के साथ पुलिस अधिकारियों के कक्ष की ओर बढ़े, जहां उनसे संबंधित मामलों के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। बताया जाता है कि यह पूरी कार्रवाई उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में की जा रही है, जिसके तहत उनसे आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कराया जाना था। पुलिस अधिकारियों ने नियमानुसार दस्तावेजों की जांच करते हुए उनसे पूछताछ की और उनके बयान विधिवत दर्ज किए। इस दौरान कोतवाली परिसर में माहौल पूरी तरह नियंत्रित और शांतिपूर्ण बना रहा, हालांकि बाहर मौजूद समर्थकों और अधिवक्ताओं की भीड़ के कारण हलचल जरूर दिखाई दी। कई अधिवक्ता इस पूरी प्रक्रिया को नजदीक से देख रहे थे और कानूनी पहलुओं पर चर्चा भी करते नजर आए। पुलिस प्रशासन भी इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए सतर्क दिखाई दिया और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। इस दौरान गदरपुर विधायक अरविंद पांडे भी कोतवाली परिसर में मौजूद रहे और उन्होंने पूरी प्रक्रिया के दौरान अनूप अग्रवाल का साथ दिया।

बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब अनूप अग्रवाल कोतवाली परिसर से बाहर आए तो उनके साथ विधायक अरविंद पांडे भी मौजूद थे। दोनों ने मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। बातचीत के दौरान अरविंद पांडे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका सर्वोच्च संस्थाओं में से एक है और उसके आदेशों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी व्यक्ति क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में रहकर ही अपनी बात रखनी चाहिए और न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि अनूप अग्रवाल काशीपुर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी हैं और यहां के निवासी होने के साथ-साथ जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी रहे हैं। उनके खिलाफ कुछ मामलों में मुकदमे दर्ज हुए थे, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय की शरण ली थी। अरविंद पांडे ने कहा कि जब उन्हें इस बारे में जानकारी मिली कि अनूप अग्रवाल न्यायालय के आदेशों के अनुसार अपने बयान दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंचे हैं तो वह भी उनसे मिलने के लिए यहां आ गए।

मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक अरविंद पांडे ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पहले से इस पूरी प्रक्रिया में शामिल नहीं थे, बल्कि उन्हें सुबह इस घटनाक्रम की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि वह उस समय किसी अन्य कार्यक्रम में व्यस्त थे और बाद में जब उन्हें पता चला कि अनूप अग्रवाल कोतवाली में अपने बयान देने के लिए आए हैं तो वह उनसे मिलने के लिए काशीपुर पहुंचे। अरविंद पांडे ने कहा कि उनकी अनूप अग्रवाल से उसी समय मुलाकात हुई और उन्होंने बताया कि वह न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में यहां आए हैं। विधायक ने कहा कि वह कुछ समय के लिए उनके साथ कोतवाली परिसर में रहे और इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने भी यही संदेश दिया कि कानून का पालन करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि चाहे अनूप अग्रवाल हों या वह स्वयं, सभी को न्यायपालिका के आदेशों का सम्मान करना चाहिए और उसी के अनुरूप कार्य करना चाहिए।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कोतवाली परिसर में कई अन्य लोग भी मौजूद रहे, जिनमें गगन कांबोश, अतुल पांडे, अतुल अग्रवाल, रचित अग्रवाल और मनोज अग्रवाल समेत कई समर्थक और परिचित शामिल थे। इन सभी की मौजूदगी के कारण परिसर में एक तरह का राजनीतिक और सामाजिक माहौल दिखाई दे रहा था। अधिवक्ताओं के एक बड़े समूह की मौजूदगी ने भी इस मामले को और अधिक गंभीर बना दिया, क्योंकि यह संकेत दे रहा था कि मामला कानूनी दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। कई लोग इस पूरे घटनाक्रम को नजदीक से देखने के लिए कोतवाली परिसर के आसपास एकत्रित हो गए थे। हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को होने नहीं दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि यह पूरी प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जा रही है और इसमें सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया जा रहा है।

कोतवाली परिसर में अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या और समर्थकों की मौजूदगी ने इस घटनाक्रम को और अधिक हाई-प्रोफाइल बना दिया। कई कानूनी जानकारों का मानना है कि उच्च न्यायालय के विधिक संरक्षण और निर्देशों के तहत अनूप अग्रवाल का इस तरह सामने आना एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा सकता है। लंबे समय से पुलिस रिकॉर्ड्स और मुकदमों की जांच के बीच जिस व्यक्ति की तलाश को लेकर चर्चा चल रही थी, उसका अचानक कोतवाली पहुंचना और वह भी विधायक के साथ दिखाई देना जांच एजेंसियों के लिए कई नए सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस प्रशासन और जांच अधिकारी अब इस पूरे मामले की कानूनी परतों को समझने में जुटे हैं और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस घटनाक्रम के बाद आगे की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

फिलहाल कोतवाली परिसर में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर औपचारिक कागजी कार्रवाई शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है और पुलिस अधिकारी संबंधित दस्तावेजों की जांच में लगे हुए हैं। इस बीच परिसर में मौजूद समर्थकों का जमावड़ा और अधिवक्ताओं की सक्रियता यह स्पष्ट संकेत दे रही है कि यह मामला सामान्य नहीं बल्कि काफी संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल प्रकृति का है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और कई लोग इसे आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे किस दिशा में बढ़ती है और अनूप अग्रवाल उर्फ लाला प्रकरण में अगला अध्याय क्या मोड़ लेकर सामने आता है।

काशीपुर में अनूप अग्रवाल उर्फ लाला प्रकरण को लेकर पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ की प्रक्रिया के बीच स्थानीय प्रशासन की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई। इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए सीओ विभव सैनी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जिन अभियुक्त अनूप अग्रवाल के बयान आज थाना परिसर में दर्ज किए जा रहे हैं, उनके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर अनूप अग्रवाल के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से तीन मामलों में वह लंबे समय से वांछित चल रहे थे। पुलिस द्वारा लगातार उनकी तलाश की जा रही थी और इसी बीच उन्होंने माननीय न्यायालय की शरण ली। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद पुलिस को निर्देश दिया कि यदि अनूप अग्रवाल जांच में सहयोग करने के लिए उपस्थित होते हैं तो उनके साथ कानून के दायरे में रहकर पूछताछ की जाए और विधिक प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाए। इसी आदेश के अनुपालन में आज वह काशीपुर कोतवाली पहुंचे और पुलिस के समक्ष अपने बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में शामिल हुए हैं।

प्रेस वार्ता के दौरान विभव सैनी ने बताया कि अनूप अग्रवाल के थाना परिसर में पहुंचने के बाद उनसे संबंधित मामलों को लेकर पुलिस और जांच अधिकारियों की ओर से विस्तार से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूछताछ पूरी तरह विधिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों की टीम द्वारा उनसे अलग-अलग बिंदुओं पर सवाल किए जा रहे हैं और उनके जवाबों को रिकॉर्ड में दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में जांच एजेंसियां पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही हैं और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालय द्वारा निर्देशित किया गया था कि अनूप अग्रवाल काशीपुर में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराएंगे और उसी क्रम में आज वह यहां पहुंचे हैं। पुलिस की ओर से उनके बयान विधिवत दर्ज किए जा रहे हैं और सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया जा रहा है।

मामलों की जानकारी देते हुए विभव सैनी ने बताया कि अनूप अग्रवाल के खिलाफ दर्ज मामलों में एक मामला भाजपा से संबंधित है, जबकि दो अन्य मामले काशीपुर क्षेत्र के हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से एक मामला धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा एक मामले में गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन मामलों में पुलिस पहले से ही जांच कर रही थी और कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही थी। इसके अलावा काशीपुर में दर्ज दो अन्य मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया चल रही है, जिनमें से एक मामला अभी लंबित है जबकि दूसरे मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 बीएनएस और 79 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इन सभी मामलों को लेकर पुलिस अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है और अब जब अनूप अग्रवाल स्वयं थाना परिसर में उपस्थित हुए हैं तो उनसे इन मामलों से संबंधित सवाल भी पूछे जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि जिन तीन मामलों में अनूप अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई लंबित है, उनमें उनके प्रारंभिक बयान पहले भी दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन अब जब वह स्वयं जांच में शामिल होने आए हैं तो उन मामलों से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पुष्टि की जा रही है। पुलिस अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि उन मामलों में अब तक कौन-कौन से तथ्य सामने आए हैं और आगे जांच की दिशा क्या होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सभी मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो। इस दौरान उनसे संबंधित दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रेस वार्ता में विभव सैनी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस पूरे मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और जांच प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं की जा रही है और हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि काशीपुर में दर्ज दो मामलों में से एक मामला धारा 102 से संबंधित है, जबकि दूसरे मामले में धारा 325 और धारा 215 जैसे प्रावधानों के तहत कार्रवाई दर्ज की गई है। इन मामलों में भी पुलिस की ओर से जरूरी दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल पुलिस की टीम अनूप अग्रवाल से पूछताछ कर रही है और उनके द्वारा दिए गए बयानों को रिकॉर्ड में लिया जा रहा है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी।

संबंधित ख़बरें
शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
स्वच्छ, सुंदर और विकसित काशीपुर के संकल्प संग गणतंत्र दिवस

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें

error: Content is protected !!