काशीपुर। उत्तराखंड की राजनीतिक गतिविधियों में आगामी 16 फरवरी को संभावित घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक और सत्ताधारी पक्ष की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं का देहरादून के राजभवन के घेराव की योजना के बीच प्रदेश सरकार से जुड़े पदाधिकारियों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुकेश कुमार, जो अनुसूचित जाति आयोग उत्तराखंड सरकार के राज्यमंत्री अध्यक्ष हैं, ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी परिस्थिति में जनसुरक्षा और शांति व्यवस्था से समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी राजनीतिक गतिविधि के कारण आम जनता को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस विभाग को पहले से ही सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके और आम जनजीवन प्रभावित न हो।
मुकेश कुमार ने प्रदेश में अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि हाल के समय में घटित कई घटनाओं की गहन जांच से यह तथ्य सामने आया है कि अधिकांश आपराधिक मामलों की पृष्ठभूमि पारिवारिक विवाद, व्यक्तिगत मतभेद या शराब के प्रभाव में हुए झगड़ों से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को व्यापक सामाजिक या प्रशासनिक विफलता के रूप में प्रस्तुत करना वास्तविक परिस्थितियों से मेल नहीं खाता। उनका कहना था कि राज्य सरकार प्रत्येक घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान में लेती है और संबंधित अधिकारियों को कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस तंत्र को आधुनिक तकनीकों, डिजिटल निगरानी प्रणाली और बेहतर संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। साथ ही अपराध नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है, जिससे अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और जनता में सुरक्षा की भावना बनी रहे।
प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रही चिंताओं पर मुकेश कुमार ने कहा कि किसी भी घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस विभाग तुरंत सक्रिय होकर कार्रवाई शुरू कर देता है। उन्होंने दावा किया कि हाल के कई मामलों में अपराधियों को चौबीस घंटे के भीतर गिरफ्तार किया गया, जो सरकार की तत्परता और कानून व्यवस्था के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ मामलों में पुलिस द्वारा मुठभेड़ के दौरान भी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे अपराधियों में कानून का भय स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस बल के प्रशिक्षण और संसाधनों को लगातार मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, जिससे अपराध नियंत्रण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन सके। उनके अनुसार सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बना रहे तथा आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो सके।
हाल के समय में हल्द्वानी सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुकेश कुमार ने कहा कि प्रशासन ने प्रत्येक मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया है। उन्होंने बताया कि संबंधित मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए गए और जांच प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया गया। उनका कहना था कि सरकार किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करती और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में सामाजिक स्थिरता बनाए रखना सरकार का मुख्य उद्देश्य है और इसके लिए प्रशासन और पुलिस विभाग मिलकर समन्वित तरीके से कार्य कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई से आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और कानून व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बढ़ा है।
मुकेश कुमार ने आगे कहा कि आगामी दिनों में संभावित राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए प्रशासनिक सतर्कता को और बढ़ाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएं। साथ ही आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति को भी बनाए रखना है, जिससे जनता को योजनाओं का लाभ लगातार मिलता रहे और प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो।
प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर विश्वास जताते हुए मुकेश कुमार ने कहा कि सरकार अपराध नियंत्रण के लिए नई रणनीतियों पर कार्य कर रही है, जिसमें तकनीकी निगरानी प्रणाली, पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम, सामुदायिक पुलिसिंग व्यवस्था और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करना शामिल है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य अपराध मुक्त और सुरक्षित उत्तराखंड का निर्माण करना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है, जिससे किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के इन प्रयासों से प्रदेश में शांति और विकास का वातावरण मजबूत होगा तथा जनता का भरोसा प्रशासन पर बना रहेगा। आगामी 16 फरवरी को संभावित घटनाक्रम को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था, सामाजिक संतुलन और जनसुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो तथा प्रदेश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ता रहे।





