काशीपुर। उदयराज हिंदू इंटर कालेज में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की विदाई समारोह का आयोजन सोमवार को अत्यंत हर्षोल्लास के साथ किया गया, जिसमें नगर निगम महापौर दीपक बाली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिससे पूरे प्रांगण में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण उत्पन्न हुआ। विदाई समारोह में 11वीं कक्षा के छात्रों द्वारा आयोजित आर्केस्ट्रा और डीजे पर छात्रों ने खूब नृत्य किया और विभिन्न गीतों के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। पूर्व छात्र अज्जू प्रिंस और अध्ययनरत छात्र अनस द्वारा प्रस्तुत किए गए “खामोशियां एक साज है”, “संयारा तू तो बदला नहीं है”, और “कैसे हुआ इतना जरूरी कैसे हुआ” जैसे गानों ने पूरे कार्यक्रम में मंत्रमुग्ध कर देने वाला माहौल बना दिया। इस दौरान छात्रों का उत्साह चरम पर था और उनके चेहरे पर खुशी की झलक साफ दिखाई दे रही थी।
विद्यालय के विदाई समारोह में मुख्य अतिथि महापौर दीपक बाली ने छात्रों को जीवन में धैर्य, साहस और मेहनत की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल अवसरों का इंतजार करने से नहीं मिलती, बल्कि निरंतर प्रयास, सकारात्मक सोच और गुरु वंदन के साथ माता-पिता के त्याग को याद रखकर हासिल की जा सकती है। कार्यक्रम के दौरान महापौर ने विद्यालय प्रबंध समिति और शिक्षकों को भी उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि विदाई का यह समय केवल एक अध्याय का अंत नहीं है, बल्कि एक नए जीवन के सफल और उज्जवल सफर की शुरुआत भी है। उनके शब्दों ने छात्रों में आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति उत्साह का संचार किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के पूर्व छात्र और सम्मानित व्यक्तियों का विशेष योगदान रहा। मुख्य अतिथि श्री बाली जी ने छावनी चिल्ड्रन एकेडमी के प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार सपरा, ज्ञानार्थी कालेज एकेडमी के डायरेक्टर डॉ मनोज मिश्रा, समरस्टडी स्कूल के प्रधानाचार्य अनुज भाटिया, मास्टर इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक डॉ गौरव गर्ग, के.पी.एस स्कूल के प्रधानाचार्य पी सी तिवारी को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही विद्यालय गौरव सम्मान से उन्हें नवाजा गया। इस पहल ने छात्रों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा और समाज में योगदान देने वालों का सम्मान आवश्यक है और यही प्रेरणा विद्यार्थियों के भविष्य को सकारात्मक दिशा देती है।

विदाई समारोह में छात्रों का उत्साह प्रदर्शन किसी त्योहार से कम नहीं था। आर्केस्ट्रा और डीजे पर नृत्य करते हुए छात्र-छात्राओं ने अपनी खुशी का इज़हार किया। स्कूल का प्रांगण संगीत, नृत्य और रंग-बिरंगी सजावट से जगमगा उठा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक इस आयोजन की भव्यता और छात्र उत्साह से प्रभावित हुए। इस अवसर ने छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों को भी भावनात्मक रूप से जोड़ा, जिससे यह कार्यक्रम न केवल एक औपचारिक विदाई बनकर रह गया बल्कि एक यादगार सामाजिक और सांस्कृतिक समारोह भी बन गया।
महापौर दीपक बाली ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में गुरु वंदन और माता-पिता के त्याग को याद रखना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि यह विदाई का समय केवल बीते अनुभवों की समीक्षा का नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं और आकांक्षाओं की दिशा तय करने का भी अवसर है। उनके शब्दों ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपने जीवन में अनुशासन, साहस और मेहनत के साथ आगे बढ़ें। छात्रों ने उनके मार्गदर्शन को अत्यंत उत्साह के साथ सुना और समझा कि जीवन में सफलता का मार्ग हमेशा परिश्रम और सकारात्मक सोच से होकर जाता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेश कुमार गुप्ता ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया और बोर्ड परीक्षार्थियों को सर्वोच्च अंकों के साथ उत्तीर्ण होने की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस प्रकार के समारोह विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और समाजिक सहभागिता की भावना पैदा करते हैं। संचालन पंकज अग्रवाल ने किया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को संयम और सुचारु रूप से संचालित किया। इस आयोजन ने यह दिखाया कि छात्रों की विदाई समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास और सामाजिक सृजनशीलता को भी बढ़ावा देता है।

प्रबंध कार्यकारिणी के सदस्य जैसे उपमंत्री संजय अग्रवाल, मनोज कुमार अग्रवाल, अभिषेक गोयल, कपिल अग्रवाल, वरिष्ठ प्रवक्ता मेजर मुनीशकांत शर्मा, रोशन लाल वर्मा, महेश चंद्र आर्या, मनोज शर्मा, अमित कुमार शर्मा, पंकज अग्रवाल, रणधीर सिंह, कौशलेश गुप्ता, सुनील कुमार उपाध्याय, कपिल भारद्वाज, जयदीप सिंह, अनिल कुमार सिंह, पंकज तिवारी, रमेश कुमार पांडेय, रणधीर सिंह, राजेंद्र सिंह, मधुबाला गुप्ता, पूनम चंयाल, कल्पना नौडियाल, मनीषा चौहान, रंजना चौहान, नीलम सूंठा, एकता अग्रवाल, नीतू श्रीवास्तव सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र भी इस आयोजन में मौजूद रहे। सभी ने छात्रों के उत्साह और सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम को और भी भव्य बनाने में योगदान किया।
विदाई समारोह में छात्रों के सांस्कृतिक प्रस्तुति कार्यक्रम ने सभी उपस्थितियों का ध्यान खींचा। विशेष रूप से पूर्व छात्र अज्जू प्रिंस और अध्ययनरत छात्र अनस के प्रस्तुत गानों ने माहौल को अत्यंत मनोरम और उत्साहपूर्ण बना दिया। प्रत्येक प्रस्तुति में विद्यार्थियों की मेहनत, प्रतिभा और रचनात्मकता झलकती रही। विद्यालय की आंतरिक सजावट, संगीत और छात्र सहभागिता ने इसे केवल एक विदाई कार्यक्रम नहीं बल्कि एक यादगार सांस्कृतिक उत्सव बना दिया। उपस्थित अभिभावक और शिक्षक इस समर्पण और उत्साह से काफी प्रभावित हुए।
महापौर दीपक बाली ने छात्रों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि जीवन में सफलता केवल पढ़ाई और परीक्षा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि चरित्र, सामाजिक जिम्मेदारी और अनुशासन के माध्यम से भी मापी जाती है। उन्होंने छात्रों को समझाया कि जीवन में कठिनाइयों का सामना साहस और धैर्य से करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्ता को भी रेखांकित किया। छात्रों ने उनके शब्दों को ध्यानपूर्वक सुना और इसे अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। विद्यालय के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों ने भी छात्रों को प्रोत्साहित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी। डॉ गौरव गर्ग, पी सी तिवारी, अनुज भाटिया, प्रदीप कुमार सपरा और डॉ मनोज मिश्रा ने व्यक्तिगत रूप से छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने छात्रों को यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल अकादमिक सफलता नहीं देती, बल्कि जीवन में सही निर्णय लेने और समाज में सकारात्मक योगदान देने की क्षमता भी विकसित करती है।

इस अवसर पर छात्रों ने अपने पुराने अनुभवों और यादों को साझा किया। विदाई समारोह में छात्रों ने साथी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ मिलकर मस्ती, नृत्य और गीतों के माध्यम से अपने स्कूल जीवन की यादें ताजा कीं। यह कार्यक्रम उनके लिए एक भावनात्मक यात्रा भी साबित हुआ, जिसमें हर्ष, उल्लास और थोड़ी नीरसता का संगम देखा गया। इस आयोजन ने यह साबित किया कि विदाई केवल एक समापन नहीं, बल्कि नए जीवन के स्वागत का अवसर है।
शिक्षक और अभिभावक इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और प्रतिभा को देखकर प्रसन्न हुए। कार्यक्रम के दौरान विदाई समारोह की तैयारियाँ, मंच सजावट, संगीत व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन सभी बारीकी से किए गए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि विद्यालय प्रशासन और प्रबंध समिति ने छात्रों के लिए यह विदाई समारोह अत्यंत भव्य और यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। विद्यार्थियों के उत्साह और आनंद ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। डीजे और आर्केस्ट्रा पर नृत्य करते हुए छात्रों ने न केवल अपनी प्रतिभा दिखाई, बल्कि अपने भीतर के आत्मविश्वास और रचनात्मकता को भी प्रदर्शित किया। यह दिखाता है कि स्कूल शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि छात्रों के समग्र विकास में योगदान करती है।

महापौर दीपक बाली ने छात्रों को विदाई देते समय जीवन में अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियों का सामना साहस और धैर्य से करना चाहिए, और हर विद्यार्थी को अपने माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। उनके प्रेरक शब्दों ने छात्रों के चेहरे पर मुस्कान और भविष्य के प्रति उत्साह की झलक पैदा की। विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेश कुमार गुप्ता ने बोर्ड परीक्षार्थियों को उनके सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि विद्यालय हमेशा छात्रों की हर संभव मदद करेगा। संचालन पंकज अग्रवाल ने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संचालित किया, जिससे सभी कार्यक्रम की भव्यता और अनुशासन बनाए रखे।
विदाई समारोह में प्रबंध समिति और अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और समाज में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक छात्र इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। समारोह का समापन छात्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुति और महापौर दीपक बाली के प्रेरक भाषण के साथ हुआ। इस दौरान सभी उपस्थित लोगों ने छात्रों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। विदाई समारोह ने यह स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि जीवन कौशल, सामाजिक सहभागिता और नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करती है।





