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कांवड़ यात्रा के मद्देनजर काशीपुर में 8 से 16 फरवरी तक भारी वाहनों पर प्रतिबंध

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने को यातायात पुलिस काशीपुर ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया, शहर, हाईवे और सीमावर्ती मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह नियंत्रित रहेगी यात्रा अवधि दौरान।

काशीपुर। सावन माह की कांवड़ यात्रा को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस काशीपुर ने इस बार पहले से कहीं अधिक व्यापक और सख्त ट्रैफिक प्रबंधन लागू किया है। प्रशासन द्वारा घोषित इस विशेष योजना के अंतर्गत दिनांक 8 फरवरी 2026 से लेकर 16 फरवरी 2026 की प्रातः 7 बजे तक शहर और उसके आसपास के प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह नियंत्रित रहेगी। हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेने तथा शिवालयों की ओर प्रस्थान करते हैं, जिससे सड़कों पर असाधारण भीड़ और दबाव उत्पन्न हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने यह निर्णय लिया है कि भारी वाहनों की मौजूदगी से किसी भी प्रकार की दुर्घटना, जाम या अव्यवस्था न उत्पन्न हो। इस विशेष यातायात योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि कांवड़ियों को सुरक्षित, निर्बाध और शांतिपूर्ण मार्ग उपलब्ध कराया जा सके तथा आम नागरिकों को भी न्यूनतम असुविधा का सामना करना पड़े।

यातायात पुलिस काशीपुर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार शहर में प्रवेश करने वाले विभिन्न बाहरी मार्गों पर पहले से ही सख्त बैरिकेडिंग और निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। धामपुर, बिजनौर की ओर से आने वाले सभी भारी वाहनों को नादेही एवं धर्मपुर बॉर्डर पर ही रोक दिया जाएगा और इन्हें आगे शहर की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों सीमाओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, ताकि कोई भी वाहन नियमों का उल्लंघन न कर सके। इन मार्गों पर विशेष निगरानी इसलिए भी आवश्यक मानी जा रही है, क्योंकि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल और छोटे वाहनों से इन्हीं रास्तों का उपयोग करते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित स्थानों पर ही अपने वाहनों को रोकें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।

इसी क्रम में ठाकुरद्वारा से काशीपुर की ओर आने वाले भारी वाहनों के लिए भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ठाकुरद्वारा दिशा से आने वाले ट्रक, डंपर और अन्य बड़े वाहन सूर्या चौकी से आगे नहीं बढ़ सकेंगे। इस चौकी को अस्थायी चेक पोस्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां चौबीसों घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। यह मार्ग कांवड़ियों के प्रमुख आवागमन मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए यहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के दौरान कई बार भारी वाहन चालक जल्दबाजी या लापरवाही में नियमों की अनदेखी कर देते हैं, जिससे गंभीर हादसे हो सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए सूर्या चौकी को अंतिम सीमा बिंदु घोषित किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालान और कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि व्यवस्था की गंभीरता बनी रहे।

मुरादाबाद और टांडा की ओर से आने वाले भारी वाहनों के लिए भी यातायात पुलिस ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दोनों क्षेत्रों से आने वाले बड़े वाहनों को चौकी पैगा से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। चौकी पैगा पर पहले से ही ट्रैफिक पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। यह क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से होकर काशीपुर में प्रवेश करने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहती है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि भारी वाहन यहां तक ही सीमित रखे जाएं तो शहर के अंदर यातायात का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को भी निर्बाध रास्ता मिल सकेगा। प्रशासन ने वाहन स्वामियों को पहले से सूचना देकर वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

दढ़ियाल दिशा से काशीपुर आने वाले भारी वाहनों के लिए भी विशेष प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इस मार्ग से आने वाले सभी बड़े वाहन लोहिया पुल से आगे नहीं जा सकेंगे और उन्हें वहीं रोक दिया जाएगा। लोहिया पुल क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए यहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। वहीं रामनगर से आने वाले भारी वाहनों को चौकी प्रतापपुर से आगे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया है, क्योंकि रामनगर मार्ग से होकर बड़ी संख्या में कांवड़िये काशीपुर की ओर बढ़ते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, बैरिकेड और ट्रैफिक संकेतक लगाए जा रहे हैं, ताकि व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रहे। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस थानों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

हल्द्वानी से बाजपुर होते हुए काशीपुर आने वाले भारी वाहनों के लिए चौकी बरहैनी को अंतिम सीमा बिंदु बनाया गया है। इस चौकी से आगे किसी भी भारी वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह मार्ग भी कांवड़ यात्रा के दौरान अत्यधिक व्यस्त रहता है और यहां श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ जाती है। इसी तरह मोतियापुरा से गदरपुर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को मोतियापुरा मसीत से आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। वहीं नवाबगंज से गदरपुर की दिशा में जाने वाले बड़े वाहनों पर महतोश मोड़ से आगे प्रतिबंध लागू रहेगा। इन सभी स्थानों पर पुलिस द्वारा सख्त निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इन व्यापक प्रतिबंधों से पूरे क्षेत्र में यातायात का संतुलन बनाए रखना संभव हो सकेगा।

सिर्फ शहर के भीतर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। जनपद बिजनौर से समन्वय स्थापित करने के बाद यह तय किया गया है कि दिनांक 8 फरवरी 2026 से राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी भी भारी वाहन को चलने की अनुमति नहीं होगी। यह फैसला कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाली संभावित अव्यवस्था को रोकने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों की मौजूदगी से अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे श्रद्धालुओं और आम यात्रियों दोनों को परेशानी होती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस समन्वय से अंतरजनपदीय यातायात को भी बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के बीच लगातार संवाद बनाए रखा जा रहा है।

यातायात पुलिस काशीपुर ने भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों की भी व्यवस्था की है, ताकि माल ढुलाई और जरूरी आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित न हो। पुलिस विभाग द्वारा वाहन चालकों को पहले से सूचित किया जा रहा है कि वे निर्धारित वैकल्पिक रास्तों का ही उपयोग करें और शहर की ओर आने से बचें। इन वैकल्पिक मार्गों पर भी ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की जा रही है, जिससे वाहनों को सही दिशा में मार्गदर्शन मिल सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध अस्थायी हैं और कांवड़ यात्रा समाप्त होते ही सामान्य यातायात व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। इस दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम से बचने के लिए प्रशासन नियमित रूप से सूचना जारी करता रहेगा।

कुल मिलाकर यातायात पुलिस काशीपुर की यह विशेष योजना कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि इन सख्त नियमों और व्यापक निगरानी के चलते श्रद्धालु बिना किसी डर या परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकेंगे। साथ ही शहरवासियों और व्यापारियों को भी अपेक्षाकृत कम असुविधा होगी। पुलिस विभाग ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि नियमों का पालन कर ही इस बड़े आयोजन को सफल बनाया जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि यदि सभी लोग जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें, तो कांवड़ यात्रा न केवल शांतिपूर्ण बल्कि अनुशासित तरीके से संपन्न होगी और काशीपुर प्रशासन की यह योजना एक मिसाल के रूप में सामने आएगी।

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