काशीपुर में शुक्रवार दोपहर राजनीतिक माहौल उस समय गर्मा गया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एक कथित टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। संसद भवन के बाहर केंद्रीय रेल मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को “गद्दार” कहे जाने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे न केवल एक मंत्री का अपमान, बल्कि देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर सीधा हमला बताया। इसी आक्रोश के चलते काशीपुर के प्रमुख चौराहों में से एक महाराणा प्रताप चौक पर भाजपा के झंडों, नारों और प्रदर्शन के साथ राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया, जहां कार्यकर्ता कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग करते दिखे।
महाराणा प्रताप चौक पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा महानगर मंडल अध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह मानस ने किया। उनके साथ बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर राहुल गांधी के बयान के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला दहन करते हुए कांग्रेस की नीतियों और बयानबाजी पर तीखा हमला बोला। चौक पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के चलते स्थिति नियंत्रित रही। पुतला दहन के समय “कांग्रेस मुर्दाबाद” और “राहुल गांधी माफी मांगो” जैसे नारे गूंजते रहे, जिससे यह साफ जाहिर हुआ कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है।

प्रदर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा महानगर मंडल अध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह मानस ने राहुल गांधी की टिप्पणी को अत्यंत निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि संसद भवन के बाहर किसी केंद्रीय मंत्री के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग करना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि देश की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला भी है। मानवेन्द्र सिंह मानस ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी बार-बार इस तरह की भाषा का प्रयोग कर देश की राजनीति को गिराने का काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी की इस सोच और आचरण का पुरजोर विरोध करती है और जब-जब कांग्रेस नेता इस तरह के बयान देंगे, तब-तब भाजपा सड़कों पर उतरकर उनका विरोध करेगी।
भाजपा नेताओं का कहना था कि केंद्रीय रेल मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू जैसे जनप्रतिनिधि पर इस तरह का आरोप लगाना पूरे देश के जनप्रतिनिधियों का अपमान है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख बौखलाहट में इस तरह की बयानबाजी कर रही है। उनका कहना था कि राहुल गांधी की यह टिप्पणी केवल व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि कांग्रेस को अपने नेताओं की भाषा और आचरण पर नियंत्रण रखना चाहिए, अन्यथा जनता इसका करारा जवाब देगी।
पुतला दहन के दौरान भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गुरविंदर सिंह चंडोक ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यह बयान देश की जनता को गुमराह करने और राजनीतिक ध्रुवीकरण पैदा करने की कोशिश है। गुरविंदर सिंह चंडोक ने कहा कि भाजपा इस तरह की राजनीति को स्वीकार नहीं करती और देशहित में हमेशा ऐसे बयानों का विरोध करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को अपने शब्दों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, ताकि राजनीति में एक सकारात्मक संदेश जा सके।
प्रदर्शन में शामिल अन्य भाजपा पदाधिकारियों ने भी एक स्वर में कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना की। उपाध्यक्ष श्याम मोहन, महामंत्री वैभव गुप्ता, कोषाध्यक्ष धीरज वर्मा और महानगर मंडल मीडिया प्रभारी भागीरथ शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अब मुद्दाविहीन राजनीति कर रही है। उनका कहना था कि जब कांग्रेस के पास जनता को बताने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचता, तब वह इस तरह के विवादित बयान देकर सुर्खियों में रहने की कोशिश करती है। भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी का बयान कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति का उदाहरण है।
मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं में भी जबरदस्त जोश देखने को मिला। दीपक अग्रवाल बंटी, अनीता कांबोज, वैशाली गुप्ता, अनिल यादव, राजकुमार यादव, अभिनव राजपूत, रेखा सक्सेना और करन भारद्वाज सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राहुल गांधी को अपनी भाषा और बयानबाजी के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर माफी नहीं मांगी, तो भाजपा अपना आंदोलन और तेज करेगी।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर कांग्रेस विरोधी नारे लिखे थे। पुतला दहन के समय चौक पर मौजूद लोगों की भीड़ ने इस मुद्दे को लेकर गहरी रुचि दिखाई। कुछ स्थानीय लोगों का कहना था कि इस तरह के राजनीतिक बयानबाजी से देश की राजनीति में तनाव बढ़ता है, जबकि कई लोगों ने भाजपा के विरोध प्रदर्शन को उचित बताया। कुल मिलाकर यह प्रदर्शन काशीपुर में चर्चा का विषय बना रहा और दिन भर राजनीतिक गलियारों में इसकी गूंज सुनाई देती रही।

भाजपा नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि उस मानसिकता से है जो देश के जनप्रतिनिधियों को अपमानित करती है। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मर्यादा और सम्मान की सीमाएं पार नहीं की जानी चाहिए। राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर भाजपा ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और कहा कि इस तरह के बयान देश की एकता और अखंडता को कमजोर करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि वे कांग्रेस की हर उस नीति और बयान का विरोध करेंगे, जो देशहित के खिलाफ होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद, लोकतंत्र और संविधानिक मूल्यों के साथ खड़ी है और किसी भी कीमत पर इन मूल्यों से समझौता नहीं करेगी। काशीपुर में हुआ यह पुतला दहन केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि भाजपा की ओर से कांग्रेस को दिया गया स्पष्ट राजनीतिक संदेश माना जा रहा है, जिसमें माफी की मांग और चेतावनी दोनों शामिल हैं।





