काशीपुर। रविवार 1 फरवरी को संसद में पेश किए गए नवीनतम बजट पर ‘‘हिंदी दैनिक सहर प्रजातन्त्र’’ से बात करते हुए काशीपुर महापौर दीपक बाली ने कहा कि बजट 2026‑27 ने नगर निगम और नगर पालिका जैसे शहरी स्थानीय निकायों के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए हैं। महापौर दीपक बाली ने बताया कि इन घोषणाओं का उद्देश्य केवल वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि शहरी बुनियादी ढांचे के विस्तार, वित्तीय स्वावलंबन और स्थानीय निकायों की आर्थिक क्षमता को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि बजट में नगर निकायों के लिए नए साधनों और प्रोत्साहनों का उल्लेख इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय सबलता प्रदान करने के प्रति गंभीर है। दीपक बाली ने जोर देकर कहा कि इन घोषणाओं से स्थानीय प्रशासन अपने शहरों में नए विकास अवसर सृजित कर सकेगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ उपलब्ध करवा सकेगा।
महापौर दीपक बाली ने सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान के रूप में म्युनिसिपल बॉन्ड्स (Municipal Bonds) को बताया। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों के नगर निगम और नगर पालिका यदि ₹1,000 करोड़ से अधिक मूल्य के एकल म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करते हैं, तो उन्हें ₹100 करोड़ तक का बजटीय प्रोत्साहन मिलेगा। महापौर के अनुसार यह कदम शहरी निकायों को सीधे पूंजी बाजार से संसाधन जुटाने के लिए प्रेरित करेगा। इससे न केवल बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के लिए स्थिर और दीर्घकालिक निधि उपलब्ध होगी, बल्कि निकायों की वित्तीय क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। दीपक बाली ने कहा कि अब नगर निकाय केवल केंद्रीय सहायता या पारंपरिक ऋण स्रोतों पर निर्भर नहीं रहेंगे, जिससे शहरी विकास की गति में सुधार संभव होगा।
महापौर ने यह भी बताया कि यह प्रोत्साहन विशेष रूप से उन नगर निगमों और नगर पालिकाओं के लिए लाभकारी है, जो बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास कार्य कर रही हैं। म्युनिसिपल बॉन्ड्स के माध्यम से शहर की स्थानीय निकाय बड़ी पूंजी को बिना उच्च ब्याज लागत या बैंक ऋण के बोझ के सीधे बाजार से जुटा सकती हैं। महापौर दीपक बाली ने कहा कि इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्थानीय परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी, स्थानीय प्रशासन की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और नागरिकों को बेहतर सड़कें, जलापूर्ति, सीवरेज और नगर प्रकाश व्यवस्था जैसी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त, महापौर दीपक बाली ने बजट 2026 में अमृत मिशन (AMRUT) 2.0 के तहत शहरी निकायों के लिए वित्तीय सहायता जारी रखने को विशेष महत्व दिया। उन्होंने बताया कि AMRUT 2.0 का लक्ष्य छोटे और मध्यम नगरों को बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए सहायता प्रदान करना है। इसके तहत जल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, सड़क सुधार और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में निवेश किया जाएगा। महापौर ने कहा कि इससे शहरी जीवन की गुणवत्ता में सीधे सुधार होगा और नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
महापौर दीपक बाली ने यह भी कहा कि AMRUT 2.0 के माध्यम से नगर पालिकाएँ और नगर निगम उन परियोजनाओं में निवेश कर पाएँगी, जो पहले वित्तीय कठिनाइयों के कारण लंबित थीं। इससे न केवल शहरी सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस बजट प्रावधान से छोटे शहरों को भी बड़े महानगरों के स्तर पर योजनाओं का लाभ मिलेगा और शहरों में समानांतर विकास की दिशा में काम किया जा सकेगा। महापौर ने बजट 2026 में 16वीं वित्त आयोग की रिपोर्ट के आधार पर अगले पांच वर्षों (2026‑27 से 2030‑31) में शहरी निकायों को लगभग ₹3,56,257 करोड़ के वित्तीय अनुदान की सिफारिश को भी अहम बताया। इस राशि में बेसिक ग्रांट, परफॉर्मेंस ग्रांट, विशेष बुनियादी ढांचा घटक और शहरीकरण प्रीमियम शामिल हैं। महापौर दीपक बाली ने कहा कि यह अनुदान विशेष रूप से उन शहरों के विकास को बढ़ावा देगा, जहां शहरीकरण की गति तेज़ है और नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं की मांग अधिक है।
महापौर ने आगे बताया कि इन अनुदानों का उपयोग कई क्षेत्रों में किया जाएगा। सबसे पहले ड्रेनवेज़ प्रबंधन को सुचारू रूप से चलाना इन फंडों का एक बड़ा हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि ड्रेनवेज़ सिस्टम शहरी स्वास्थ्य, सफाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बेहतर वित्तीय सहायता मिलने से शहर और अधिक स्वच्छ और सुरक्षित बनेंगे। इसके अलावा, इन अनुदानों का इस्तेमाल शहरीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए भी किया जाएगा, ताकि नए शहरी क्षेत्रों में योजनाबद्ध और सुव्यवस्थित विकास हो सके। महापौर दीपक बाली ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार शहरी स्थानीय निकायों को केवल वित्तीय सहायता देने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन्हें स्वायत्तता और क्षमता प्रदान करना चाहती है, ताकि वे अपनी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि इन घोषणाओं को सही रूप में लागू किया गया, तो नगर निगम और नगर पालिका की कार्य क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और शहरी विकास की रफ्तार में नई उछाल आएगी।
महापौर ने यह भी कहा कि सरकार शहरी स्थानीय निकायों पर वित्तीय बोझ को कम करने के लिए नए विकल्प तलाश रही है। पारंपरिक वित्तपोषण प्रणालियों पर निर्भरता कम करते हुए, म्युनिसिपल बॉन्ड्स और वित्त आयोग के अनुदान जैसी योजनाएँ निकायों को वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाने की दिशा में कदम हैं। इससे नगर निगम और नगर पालिका को दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने में आसानी होगी और समय‑सीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करना संभव होगा। महापौर दीपक बाली ने कहा कि शहरीकरण के तेजी से बढ़ते परिदृश्य में स्थानीय निकायों की भूमिका और जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। शहरी लोक सेवाओं को आधुनिक, तेज़ और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम और नगर पालिका को पर्याप्त संसाधन मिलना जरूरी है। बजट 2026 के इन प्रावधानों के साथ, शहरी विकास के क्षेत्र में एक नई उम्मीद जग गई है। यदि इन घोषणाओं को लागू करने में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बरती जाती है, तो शहरी सेवाओं की गुणवत्ता, वित्तीय प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं में सुधार संभव है।
कुल मिलाकर महापौर दीपक बाली ने कहा कि बजट 2026 के अंतर्गत नगर निगम और नगर पालिका के लिए किए गए वित्तीय प्रावधान शहरी विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकते हैं। यह बदलाव केवल संसाधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी निकायों को सुशासन, वित्तीय सक्षम्यता और योजनाओं को अपनाने की क्षमता प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बजट के इन प्रावधानों से शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना, वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करना तथा स्थानीय प्रशासन को अधिक स्वायत्तता देना संभव होगा। महापौर दीपक बाली ने कहा कि यही कारण है कि शहरी विकास के लिए इस बजट को ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो नगर निगम और नगर पालिका को अपने शहरों के भविष्य को आकार देने का नया अवसर प्रदान करेगा।
महापौर दीपक बाली ने यह भी कहा कि बजट 2026 में नगर निगम और नगर पालिका के लिए वित्तीय साधनों की उपलब्धता के साथ‑साथ डिजिटल और तकनीकी सुधारों को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार शहरी निकायों को स्मार्ट सिटी और स्मार्ट टाउन प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए अतिरिक्त संसाधन मुहैया कराएगी, जिससे शहरों में तकनीकी रूप से उन्नत सेवाएँ उपलब्ध हो सकें। इसके तहत नागरिकों को ट्रैफिक मैनेजमेंट, जल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन, सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता जैसी सेवाओं में सुधार देखने को मिलेगा। महापौर दीपक बाली ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट प्रोजेक्ट्स के माध्यम से नगर निगम और पालिका अपनी कार्यक्षमता बढ़ा सकेंगे और जनता को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएँ प्रदान कर पाएंगे। यह कदम शहरी प्रशासन को आधुनिक बनाने और शहरवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए एक अहम पहल माना जा रहा है।





