काशीपुर। राज्य और देश की राजनीति में बजट हमेशा से ही आम जनमानस, विकास की दिशा और सरकार की प्राथमिकताओं का दर्पण माना जाता रहा है। इसी क्रम में देश की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा आज संसद में प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट को लेकर पूरे देश में चर्चाओं का दौर देखने को मिला। उत्तराखंड के काशीपुर में भी इस बजट को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया, जहां भारतीय जनता पार्टी द्वारा “बजट पर चर्चा” नामक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में न केवल बजट के प्रावधानों को बड़ी स्क्रीन पर देखा गया, बल्कि सरकार की नीतियों, योजनाओं और आने वाले वर्षों की विकास यात्रा को लेकर विस्तार से विमर्श भी हुआ। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने इसे आम नागरिक, किसान, युवा, महिला और व्यापारी वर्ग के लिए उम्मीदों से भरा बजट बताया और कहा कि यह बजट देश को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
काशीपुर के बाजपुर रोड स्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह राजनीतिक चेतना और विकास के विमर्श से सराबोर रहा। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल सहित पार्टी के प्रदेश और स्थानीय स्तर के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे। बड़ी स्क्रीन पर जैसे ही केंद्रीय बजट का सीधा प्रसारण शुरू हुआ, सभी की निगाहें वित्त मंत्री के भाषण पर टिकी रहीं। बजट के प्रत्येक प्रावधान पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आती रहीं और कई बार तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा कार्यालय गूंज उठा। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का पुलिंदा नहीं है, बल्कि इसमें देश के भविष्य की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, शहरी विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर संतुलित ध्यान दिया है, जो आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।
विचार-विमर्श के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से सड़क और परिवहन के क्षेत्र में किए गए प्रावधानों को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से देशभर में नए हाईवे, एक्सप्रेसवे और आधुनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, वह भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और आधुनिक कंट्रोल सिस्टम की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी वक्ताओं ने दूरदर्शी बताया। उनका कहना था कि तेज, सुरक्षित और सुगम परिवहन न केवल व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देगा, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी आसान बनाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार का यह फोकस रोजगार सृजन से भी जुड़ा है, क्योंकि बुनियादी ढांचे के विकास से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम के अवसर मिलेंगे।
चर्चा के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रावधानों को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बजट में देश के विभिन्न हिस्सों में पांच रीजनल मेडिकल हब विकसित करने की घोषणा बेहद महत्वपूर्ण है। इससे न केवल बड़े शहरों पर स्वास्थ्य सेवाओं का दबाव कम होगा, बल्कि छोटे और मध्यम शहरों में भी उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूर-दराज के महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, यह कदम चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर भी पैदा करेगा। कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का सीधा लाभ गरीब और मध्यम वर्ग को मिलेगा, जो अब तक बेहतर इलाज के अभाव में परेशान रहा है।
जल परिवहन को लेकर बजट में किए गए प्रावधानों पर भी चर्चा के दौरान सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। वक्ताओं ने कहा कि 22 नए जलमार्गों को विकसित करने का निर्णय देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला है। उन्होंने बताया कि जलमार्ग परिवहन न केवल किफायती होता है, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर विकल्प है। इससे माल ढुलाई की लागत कम होगी और उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। साथ ही, इससे नदियों और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग का रास्ता भी खुलेगा। चर्चा में यह भी कहा गया कि जलमार्गों के विकास से तटीय और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पर्यटन के क्षेत्र में बजट के प्रावधानों को लेकर भी वक्ताओं ने प्रधानमंत्री की सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब केवल बड़े पर्यटन स्थलों पर ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे शहरों और कस्बों में भी पर्यटन को विकसित करने पर ध्यान दिया गया है। दिल्ली-बनारस कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट को लेकर कहा गया कि इससे धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। वक्ताओं का कहना था कि पर्यटन विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और होटल, परिवहन, हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि छोटे शहरों में पर्यटन के विकास से वहां के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम करने का मौका मिलेगा, जिससे पलायन की समस्या भी कम होगी।
औद्योगिक विकास को लेकर बजट में किए गए प्रावधानों को भी कार्यक्रम में विस्तार से समझाया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा देशभर में 200 इंडस्ट्रियल स्टेट्स को रिवाइज करने का निर्णय उद्योग जगत के लिए राहत भरा है। इससे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा और नए निवेश को आकर्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। चर्चा में यह भी कहा गया कि औद्योगिक विकास का सीधा लाभ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के रूप में सामने आएगा, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
शहरी विकास के संदर्भ में बजट की प्राथमिकताओं पर भी कार्यक्रम में गहन चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले क्षेत्रों के लिए विशेष शहरी विकास योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। नगर पालिका, नगर निगम और नगर पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं और इसके लिए आवश्यक कानूनी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, जल आपूर्ति, सड़क और आवास जैसी समस्याओं का समाधान होगा। वक्ताओं का मानना था कि मजबूत शहरी निकाय ही किसी भी शहर के समग्र विकास की नींव होते हैं और इस बजट में इस दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
कार्यक्रम में एमएसएमई सेक्टर को लेकर बजट में किए गए प्रावधानों को भी सराहा गया। वक्ताओं ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार ने इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि एमएसएमई के लिए आसान ऋण, तकनीकी सहायता और बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाने के प्रयास किए गए हैं। इससे छोटे उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिक सकेंगे। चर्चा में यह भी कहा गया कि एमएसएमई के मजबूत होने से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
सामाजिक सरोकारों को लेकर भी बजट में किए गए प्रावधानों पर वक्ताओं ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि हर जिले में महिला छात्रावास बनाने की घोषणा महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिलेगा, जिससे वे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयों को सस्ता करने का निर्णय आम लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा गया। वक्ताओं ने कहा कि अब तक कई लोग महंगी दवाइयों के कारण इलाज से वंचित रह जाते थे, लेकिन इस पहल से उन्हें जीवन रक्षक दवाइयां सुलभ होंगी।
कर व्यवस्था को लेकर बजट में किए गए सुधारों पर भी कार्यक्रम में सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई। वक्ताओं ने कहा कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और गलतियों को सुधारने के लिए 31 जुलाई तक का समय देना करदाताओं के हित में है। इससे ईमानदार करदाताओं को राहत मिलेगी और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। चर्चा में यह भी कहा गया कि कर प्रणाली में पारदर्शिता और सरलता बढ़ने से अधिक लोग कर के दायरे में आएंगे, जिससे सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी और विकास योजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
अंत में कार्यक्रम में आम जनमानस से जुड़े उन प्रावधानों पर भी चर्चा हुई, जिनका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। वक्ताओं ने कहा कि मोबाइल, जूते, चमड़े के उत्पाद, कपड़े और बायो सीएनजी गैस जैसी वस्तुओं को सस्ता करने से आम आदमी को सीधी राहत मिलेगी। इससे न केवल जीवनयापन की लागत कम होगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल ईंधन के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि यह बजट संतुलित, दूरदर्शी और समावेशी है, जिसमें समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। “बजट पर चर्चा” कार्यक्रम के माध्यम से भाजपा ने न केवल अपने कार्यकर्ताओं को बजट की जानकारी दी, बल्कि आम जनता तक सरकार की मंशा और योजनाओं को पहुंचाने का भी प्रयास किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहनीय कदम बताया।





