काशीपुर। विकास कार्यों की समीक्षा और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सचिव, संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम विभाग, दीपक कुमार ने विकास खंड भागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक का आयोजन ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया, जिसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारीगणों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। सचिव दीपक कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो निर्माण कार्य वर्तमान में चल रहे हैं, उन्हें शीघ्रता से पूरा किया जाए और लंबित कार्यों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि उनका समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और शिकायतकर्ताओं से प्रत्यक्ष या दूरभाष के माध्यम से संवाद करके उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। इसके अतिरिक्त, सचिव दीपक कुमार ने अधिकारियों को नवाचार करने और योजना के लाभ को अधिकतम संख्या में जनता तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। नगर आयुक्त काशीपुर, रविन्द्र बिष्ट को विशेष निर्देश दिए गए कि शहर में जलभराव की समस्या का समाधान करने के लिए प्रभावी ड्रेनेज योजना बनाई जाए और उसे समय पर लागू किया जाए, जिससे नागरिकों को असुविधा से राहत मिल सके।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राज्य सरकार की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारी समन्वय बनाए रखें और संजीदगी से कार्य करें। ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया और कहा गया कि ग्रामीण उन्मुख योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी तरीके से किया जाए। अधिकारियों को आग्रह किया गया कि वे ‘सरकार जनता के द्वार, जन जन की सरकार’ कार्यक्रम के तहत शिविर लगाकर सीधे जनता से संवाद करें, उनकी समस्याएं सुने और उनका समाधान सुनिश्चित करें। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, उद्यान, पशुपालन, सिंचाई, सड़क निर्माण और सामाजिक सुविधाओं का विकास सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए, योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ जनता और जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखना आवश्यक है, ताकि वे योजनाओं का सही लाभ प्राप्त कर सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर मूलभूत सुविधाओं का वितरण सुनिश्चित करना और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाना ही सरकार के उद्देश्य की पूर्ति होगी।

सभी अधिकारियों से यह अपेक्षा की गई कि समन्वय बनाकर कार्य करें और सर्वजन हिताय को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि योजनाओं के सरलीकरण और त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान दें। जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा को विशेष निर्देश दिए गए कि सभी विद्यालयों में जिन शौचालयों की स्थिति खराब है या जो बंद हैं, उन्हें मरम्मत कर 08 मार्च अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस से पूर्व संचालित किया जाए। अधिकारियों से यह भी कहा गया कि सरकार द्वारा प्रकाशित ‘मेरी योजना’ पुस्तक का अध्ययन करें, क्योंकि इसमें सभी विभागों की योजनाओं, उनके लाभ और लाभ प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। यह पुस्तक सरकार के सभी विभागों की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है, जिससे अधिकारी और आम नागरिक दोनों इसे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों, एनआरएलएम, एनयूएलएम के तहत गठित एवं कार्यशील स्वयं सहायता समूहों की अद्यतन स्थिति और उनकी आय में हुए परिवर्तन की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त मनरेगा, सिंचाई योजना के तहत किए जा रहे कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवास और जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल के तहत स्थापित संयोजन की स्थिति की भी विस्तृत जानकारी ली गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ सभी पात्रों तक सुनिश्चित किया जाए। सभी योजना कार्यों का रिकार्ड नियमित रूप से बनाए रखा जाए और संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएं।

सरकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन तभी संभव है जब अधिकारी हर स्तर पर सक्रिय होकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। अधिकारियों से यह अपेक्षा की गई कि वे विभागीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी तत्परता और निष्ठा के साथ कार्य करें। नवाचार के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाना आवश्यक है। सभी अधिकारी गांव-गांव जाकर ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम के तहत शिविर लगाएं, ग्रामीणों से प्रत्यक्ष संवाद करें और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। केवल योजना बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता को जागरूक करना और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना ही सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जलभराव की समस्या के समाधान के लिए नगर आयुक्त काशीपुर, रविन्द्र बिष्ट को प्रभावी ड्रेनेज योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। शहर में जलभराव के कारण नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और इसे तुरंत हल किया जाना चाहिए। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। स्कूलों में शौचालयों की मरम्मत, साफ-सफाई और संचालन सुनिश्चित किया जाए ताकि छात्राओं और छात्रों को सुविधाजनक वातावरण मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर प्रबंधन करने और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकीय सुविधाओं का वितरण समय पर सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।

सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते हुए जनता को जागरूक करना आवश्यक है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, पशुपालन, सिंचाई, सड़क और सामाजिक सुविधाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुँचे। प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम लाभार्थी तक पहुंचे और इसके लिए समन्वय स्थापित किया जाए। सभी विभागों के अधिकारी अपने क्षेत्र में जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन करें और सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी विभागों में उपलब्ध योजनाओं के बारे में जनता को जानकारी दी जाए। ‘मेरी योजना’ पुस्तक का उपयोग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनता को जागरूक करने के लिए किया जाए, ताकि लोग सरकारी योजनाओं का सही लाभ प्राप्त कर सकें और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।

सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समय-सीमा निर्धारित की गई और सभी योजना कार्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया। यदि कोई कार्य विलंबित है, तो उसका कारण स्पष्ट रूप से रिपोर्ट किया जाए। अधिकारियों से कहा गया कि समन्वय स्थापित करें और सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचे। योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए अधिकारियों को पूरी तत्परता और निष्ठा के साथ कार्य करना होगा।
बैठक के समापन में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सभी योजनाओं का नियमित निरीक्षण करें और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट तैयार करें। प्रत्येक अधिकारी को अपने क्षेत्र में जाकर जनता के साथ संवाद करना होगा और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना होगा। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाए और हर पात्र लाभार्थी को योजनाओं का लाभ प्राप्त हो। अधिकारियों से आग्रह किया गया कि नवाचार और समन्वय के माध्यम से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं और जनता को उसका वास्तविक लाभ पहुँचाएं।





