काशीपुर। न्यायिक और अधिवक्ता परंपरा में एक महत्वपूर्ण अध्याय उस समय जुड़ गया, जब उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश आलोक वर्मा ने बार एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को विधिवत शपथ दिलाई। सोमवार को बार एसोसिएशन सभागार में आयोजित इस गरिमामय समारोह में न्याय, विधि और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्पष्ट झलक देखने को मिली। समारोह में बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिवक्ता और बार के सदस्य उपस्थित रहे, जिससे आयोजन का महत्व और भी बढ़ गया। न्यायाधीश आलोक वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि काशीपुर बार केवल एक संस्था नहीं, बल्कि न्यायिक इतिहास की जीवंत मिसाल है, जिसने समय-समय पर समाज और संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। उन्होंने बार और बेंच के रिश्ते को न्याय रूपी गाड़ी के दो पहियों के रूप में परिभाषित करते हुए कहा कि दोनों के बीच सामंजस्य और विश्वास न्यायिक व्यवस्था की मजबूती का आधार है।
कार्यक्रम के दौरान ऊधमसिंह नगर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय प्रणाली की रीढ़ है और बार की भूमिका केवल वकालत तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह समाज को न्याय के प्रति जागरूक करने का माध्यम भी बनती है। उन्होंने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए अपेक्षा जताई कि यह टीम न्यायिक मूल्यों, पारदर्शिता और पेशेवर आचरण को सर्वाेपरि रखेगी। समारोह में मौजूद अधिवक्ताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने न्यायाधीश के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि काशीपुर की बार हमेशा न्याय के पक्ष में खड़ी रही है और आगे भी इसी परंपरा को मजबूती से आगे बढ़ाएगी। इस अवसर पर सभागार में गंभीरता, गरिमा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।

बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष गिरिजेश खुल्वे ने अपने संबोधन में काशीपुर को ऐतिहासिक नगरी बताते हुए कहा कि यहां की बार ने अनेक ऐसे न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता दिए हैं, जिन्होंने प्रदेश और देश स्तर पर न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि सेवा का अवसर है और वे इस दायित्व को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। गिरिजेश खुल्वे ने यह भी कहा कि बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के साथ-साथ न्यायालय और समाज के बीच सेतु का कार्य करती है। उन्होंने सहयोग, संवाद और अनुशासन को अपनी कार्यशैली का मूल मंत्र बताते हुए सभी सदस्यों से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
समारोह में उपस्थित प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज गर्ग्याल, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितेश कुमार श्रीवास्तव, सिविल जज सीनियर डिवीजन धर्मेंद्र शाह, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन कुमार, सिविल जज जूनियर डिवीजन पूनम तोड़ी और न्यायिक मजिस्ट्रेट विनीत कुमार श्रीवास्तव की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। इसके साथ ही प्रथम अपर सिविल जज दीप्ति पंत, द्वितीय अपर सिविल जज आयशा फरहीन और तृतीय अपर सिविल जज सृष्टि बनियाल ने भी नवनिर्वाचित टीम को शुभकामनाएं दीं। सभी न्यायिक अधिकारियों ने अपने संदेशों में कानून के प्रति निष्ठा, समयबद्ध न्याय और अधिवक्ताओं की सकारात्मक भूमिका पर जोर दिया।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से भी कई प्रमुख हस्तियां इस अवसर पर मौजूद रहीं। जसपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व मेयर उषा चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार मिश्रा, अवधेश चौबे, नृपेन्द्र कुमार चौधरी तथा बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डीके शर्मा ने समारोह में सहभागिता कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। नैनीताल हाईकोर्ट बार अध्यक्ष डीसी एस रावत की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया। इन सभी ने बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी से अपेक्षा जताई कि वह अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ न्यायिक प्रणाली में विश्वास को और मजबूत करेगी।

समारोह के दौरान अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता और समाज के प्रतिष्ठित लोग भी मौजूद रहे, जिनमें हरीश नेगी, उमेश जोशी, आनंद रस्तोगी, गोपाल कृष्ण, रोहित नायक, भास्कर त्यागी, धर्मेंद्र तुली, मनोज निगोतिया, प्रयाग दर्शन रावत, पंकज कश्यप, संजीव आकाश, श्रीमती सिंधु आकाश और मुजीब अहमद शामिल थे। इन सभी की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि काशीपुर की बार केवल एक पेशेवर संस्था नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़ा मजबूत मंच है। अधिवक्ताओं ने आपसी संवाद और सहयोग को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि नई कार्यकारिणी से उन्हें सकारात्मक बदलावों की उम्मीद है।
शपथ ग्रहण के दौरान अध्यक्ष पद पर गिरिजेश खुल्वे और सचिव पद पर यशवंत चौहान ने विधिवत शपथ ली। उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी विधु शेखर शर्मा को सौंपी गई, जबकि उप सचिव के रूप में अंकित चौधरी ने शपथ ली। कोषाध्यक्ष पद पर बीसी नौटियाल और आय व्यय निरीक्षक के रूप में गौरव मेहरोत्रा को दायित्व सौंपा गया। पुस्तकालय अध्यक्ष पद पर राकेश प्रजापति को चुना गया, जिनसे बार के शैक्षणिक और शोध संबंधी संसाधनों को और बेहतर बनाने की उम्मीद जताई गई।
कार्यकारिणी सदस्य पद पर प्रीति कश्यप, पंकुल गुप्ता, शुभम कुमार उपाध्याय, कैलाश कुमार, प्रीति शर्मा, केदार सिंह, नरगिस और रणजीत सिंह विर्क को शपथ दिलाई गई। इन सभी सदस्यों ने बार एसोसिएशन के हित में काम करने, अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने और न्यायिक गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया। शपथ समारोह के दौरान सभागार तालियों की गूंज से भर उठा, जो इस बात का संकेत था कि नई टीम को अधिवक्ता समाज का व्यापक समर्थन प्राप्त है।

पूरे कार्यक्रम में अनुशासन, सम्मान और परंपरा का विशेष ध्यान रखा गया। शपथ ग्रहण समारोह न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि यह काशीपुर की न्यायिक संस्कृति और अधिवक्ता समाज की एकजुटता का प्रतीक बनकर उभरा। न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं के बीच संवाद ने यह स्पष्ट किया कि न्याय की प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए सभी पक्षों का सहयोग आवश्यक है। समारोह के समापन पर सभी अतिथियों ने नई कार्यकारिणी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि काशीपुर बार आने वाले समय में न्याय, नैतिकता और पेशेवर उत्कृष्टता का उदाहरण पेश करेगी।



